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Saharanpur News: चंद्रग्रहण के सूतक काल में सिद्धपीठ के कपाट रहेंगे बंद, शुद्धिकरण के बाद होंगे दर्शन
Tue, 03 Mar 2026 12:50 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Tue, 03 Mar 2026 12:50 AM IST
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शाकंभरी। फाल्गुन शुक्ल पूर्णिमा के पावन अवसर पर लगने वाले चंद्रग्रहण को दृष्टिगत रखते हुए सिद्धपीठ श्री शाकंभरी देवी मंदिर में परंपरागत धार्मिक विधि-विधान के अनुसार मंदिर के कपाट कुछ समय के लिए बंद रखे जाएंगे। यह निर्णय शास्त्रीय मान्यताओं एवं सनातन परंपराओं के अनुरूप लिया गया है।
मंदिर व्यवस्थापक राणा आतुल्य प्रताप सिंह ने बताया कि तीन मार्च को चंद्रग्रहण दोपहर 3:27 बजे से सायं 6:56 बजे तक रहेगा, जबकि ग्रहण का सूतक काल प्रातः 6:27 बजे से प्रारंभ हो जाएगा। सूतक काल के आरंभ होते ही देवी मंदिर में नियमित पूजा-अर्चना विराम पर चली जाती है। इसी क्रम में तीन मार्च को मंदिर के कपाट प्रातः 5:30 बजे श्रद्धालुओं के दर्शन हेतु खोले जाएंगे, जबकि सूतक लगने से पूर्व सुबह 6:10 बजे कपाट बंद कर दिए जाएंगे।
चंद्रग्रहण की समाप्ति के बाद विधि-विधान से शुद्धिकरण, पूजन एवं आरती संपन्न कराई जाएगी, जिसके उपरांत रात 8:30 बजे मंदिर के कपाट पुनः श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे मां शाकंभरी के दर्शन के लिए निर्धारित समय का पालन करें तथा धार्मिक परंपराओं का सम्मान करते हुए सहयोग प्रदान करें।
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मंदिर व्यवस्थापक राणा आतुल्य प्रताप सिंह ने बताया कि तीन मार्च को चंद्रग्रहण दोपहर 3:27 बजे से सायं 6:56 बजे तक रहेगा, जबकि ग्रहण का सूतक काल प्रातः 6:27 बजे से प्रारंभ हो जाएगा। सूतक काल के आरंभ होते ही देवी मंदिर में नियमित पूजा-अर्चना विराम पर चली जाती है। इसी क्रम में तीन मार्च को मंदिर के कपाट प्रातः 5:30 बजे श्रद्धालुओं के दर्शन हेतु खोले जाएंगे, जबकि सूतक लगने से पूर्व सुबह 6:10 बजे कपाट बंद कर दिए जाएंगे।
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चंद्रग्रहण की समाप्ति के बाद विधि-विधान से शुद्धिकरण, पूजन एवं आरती संपन्न कराई जाएगी, जिसके उपरांत रात 8:30 बजे मंदिर के कपाट पुनः श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे मां शाकंभरी के दर्शन के लिए निर्धारित समय का पालन करें तथा धार्मिक परंपराओं का सम्मान करते हुए सहयोग प्रदान करें।
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