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मंडलायुक्त ने पुलिस बुला कर इंजीनियर को पकड़वाया

Tue, 24 May 2022 11:51 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Tue, 24 May 2022 11:51 PM IST
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The divisional commissioner called the police and got the engineer arrested
सहारनपुर। मंडलायुक्त लोकेश एम. ने स्मार्ट सिटी के तहत सीवर लाइन डाल रही कार्यदायी संस्था जेएसपी प्रोजेक्ट लिमिटेड गाजियाबाद के इंजीनियर अरुण को समीक्षा बैठक में ही पुलिस को बुलाकर पकड़वा दिया। कार्यदायी संस्था पर कार्य धीमी गति से करने और लापरवाही बरतने का आरोप है। मंडलायुक्त की इस कार्रवाई से निर्माण एजेंसियों में हड़कंप की स्थिति है।
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मंगलवार देर शाम को मंडलायुक्त कार्यालय में स्मार्ट सिटी की परियोजनाओं की समीक्षा बैठक में मंडलायुक्त लोकेश एम. ने कार्यदायी संस्था के इंजीनियर अरुण से सड़क की मरम्मत और सुरक्षा मानकों के साथ काम करने के संबंध में पूछा, तो इंजीनियर कोई संतोषजनक उत्तर नहीं दे पाए। इस पर मंडलायुक्त का पारा चढ़ गया और उन्होंने थाना सदर बाजार से पुलिस बुलाकर आदेशों की अवहेलना और कार्य गुणवत्ता पूर्ण न करने आदि के आरोप में इंजीनियर को पकड़वा दिया। पुलिस उसे हिरासत में लेकर थाने चली गई। उधर, इंस्पेक्टर सदर बाजार हरेंद्र सिंह ने बताया कि इंजीनियर के खिलाफ यहां कोई रिपोर्ट दर्ज नहीं थी, जिसे थाने लाने के बाद छोड़ दिया गया।
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उल्लेखनीय है कि गाजियाबाद की फर्म जेएसपी प्रोजेक्ट को जल निगम की कार्यदायी संस्था के रुप में स्मार्ट सिटी सहारनपुर में एबीडी एरिया परियोजना के तहत सीवर लाइन डालने के लिए अधिकृत किया गया था। गत 10 मई को स्मार्ट सिटी के चेयरमैन मंडलायुक्त लोकेश एम. ने स्मार्ट सिटी व जल निगम के अधिकारियों को साथ लेकर घंटाघर से अंबाला रोड व कुतुबशेर से रायवाला तक कराये जा रहे कार्य का औचक निरीक्षण किया गया था। निरीक्षण में पाया गया था कि बार-बार निर्देश के बाद भी संबंधी कंपनी की कार्यप्रणाली में कोई सुधार नहीं किया गया है। जिसके कारण लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है और पूरे मार्ग पर धूल उड़ रही है। मंडलायुक्त ने उसी दिन नगर आयुक्त को संबंधित कंपनी के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए थे। हालांकि अभी तक नगर निगम की ओर से एफआईआर दर्ज नहीं कराई गई है।
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चेतावनी के बाद भी सीवर लाइन डाल रही कार्यदायी संस्था ने अपनी कार्यप्रणाली में सुधार नहीं किया। समीक्षा बैठक में इंजीनियर कोई भी जवाब संतोषजनक नहीं दे पाए, इसलिए पुलिस बुला कर इंजीनियर को थाने भिजवाया, ताकि उसे अपनी जिम्मेदारी का अहसास हो सके।
- लोकेश एम, मंडलायुक्त
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