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बवाल में झुलस रहा है सहारनपुर का विकास

Wed, 14 Jun 2017 12:30 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर Updated Wed, 14 Jun 2017 12:30 AM IST
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The development of Saharanpur is burning in the baval
सहारनपुर का वुडकार्विंग कारोबार। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
सहारनपुर में प्रदेश में नई सरकार के गठन के साथ तीन राज्यों की सीमा से मिले सहारनपुर को विकास की ढेरों उम्मीदें हैं। मगर, सरकार के शुरुआती करीब तीन महीने में विकास की संभावनाएं बवाल की भेंट चढ़ गई है।
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विकास की कार्ययोजना बनाने की बजाय यहां पूरा प्रशासनिक महकमा कानून व्यवस्था के मोर्च पर डटा रहा। यही कारण है कि नई योजनाएं तो दूर, रुकी पड़ी परियोजनाओं की रिपोर्ट तक नहीं भेजी जा सकी है।
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हालांकि शांत हो रहे सहारनपुर में अब अधिकारी विकास की संभावनाओं पर जुटने लगे हैं। सहारनपुर में विकास की संभावनाओं के लिए मंडलायुक्त ने विभिन्न विभागों से ब्यौरा तलब कर शासन से स्वीकृत होने वाले विकास कार्यों की सूची भी मांगी है। 
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  इसमें मेडिकल कालेज, स्पोर्ट्स कालेज, स्मार्ट सिटी, वुडकार्विंग उद्योग से जुड़ी संभावनाएं और प्रमुख सड़कों को प्राथमिकता पर शामिल किया गया है।
मार्च महीने में नई सरकार के गठन के बाद सहारनपुर की परियोजनाओं को गति मिलने की उम्मीद जगी थी।

इसमें मेडिकल कालेज में एम्स जैसी सुविधाएं, स्पोर्ट्स कालेज के निर्माण पूरा होने, स्मार्ट सिटी की बाधाओं को दूर करने, विकास प्राधिकरण सहित अन्य परियोजनाओं पर शासन से बातचीत का दौर भी शुरू हो गया था। 

 मगर, पहले सड़क दूधली और फिर जातीय हिंसा के बाद विकास कार्ययोजनाएं बवाल की भेंट चढ़ गईं। तीन महीने में सहारनपुर में कोई विकास का काम नहीं हुआ है। हालांकि अब नए सिरे से तैयार हो रही कार्ययोजना से उम्मीद जगने लगी है। लोगों को इनको अब जल्द पूरा करने की आस लगाए बैठे हैं।


हिंसा की घटनाओं से विकास कार्य प्रभावित हुए हैं। मगर, अब मेडिकल कालेज, स्पोर्ट्स कालेज, वुडकार्विंग, प्लाई उद्योग सहित अन्य विकास संभावनाओं पर रिपोर्ट तैयार कराई जा रही है। नगर निगम और विकास प्राधिकरण की ओर से होने वाले संभावित विकास कार्यों का ब्योरा मांगा गया है। इसके बाद शासन इन प्रस्तावों को मंजूरी दिलाने का प्रयास होगा। 
- दीपक अग्रवाल, मंडलायुक्त  

 

 
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