फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Saharanpur News ›   The destruction of crops was visible when the water receded

Saharanpur News: पानी उतरने पर नजर आई फसलों की बर्बादी

Fri, 05 Sep 2025 01:35 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर Updated Fri, 05 Sep 2025 01:35 AM IST
विज्ञापन
The destruction of crops was visible when the water receded
सरसावा क्षेत्र के खेत में गिरी हुई धान की फसल। संवाद
सरसावा। लखनौती। पहाड़ी तथा मैदानी क्षेत्रों में बरसात थमने के बाद अब यमुना के जल में कमी आई है जिससे लोगों ने राहत की सांस ली। जैसे-जैसे यमुना में जलस्तर कम हो रहा है खेतों से भी पानी उतरने लगा है जो अपने पीछे बर्बादी का मंजर छोड़ रहा है। इस स्थिति को देख कर तटवर्ती गांवों के किसान अपना सिर पकड़ कर बैठ गए हैं। उनकी गन्ना, धान, चारे, उदड़, सब्जी की फसलों के बर्बाद होने के साथ ही पापुलर के पेड़ भी बह गए हैं।
विज्ञापन


बृहस्पतिवार को मौसम साफ हो गया और खेतों से भी जलजमाव घटने लगा। जैसे-जैसे खेतों से पानी उतर रहा है फसल के हालात सामने आने के बाद किसान खून के आंसू रोने को मजबूर है। गन्ने की फसल काफी खराब हुई है। यमुना के तटवर्ती गांवों में तो काफी मात्रा में पॉपुलर की नर्सरी यमुना के पानी में समा गई।
विज्ञापन

सबसे बड़ा नुकसान धान उत्पादक किसानों को है। अगर आंकलन करें तो क्षेत्र में हजारों बीघा धान की फसल बर्बाद हो चुकी है। सबसे ज्यादा नुकसान लखनौती क्षेत्र के सलौनी में हुआ है। सिंचाई विभाग द्वारा बनाई गई ठोकर क्षतिग्रस्त हो गई है। इससे किसानों की जमीन में भी कटाव हुआ है। दौलतपुर, डबकोला, कुंडा कलां, बेगी, फराजपुर, हलवाना, नाई मजरा, बानु खेडी, ततारपुर खुर्द, बल्ला मजरा, नागल आदि में यमुना ने कहर बरपाया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


-----------------------

-सलेमपुर निवासी किसान पूर्व प्रधान राजेंद्र सैनी ने बताया कि धान का पौधा पूरी तरह गल चुका है। अगर सर्वे किया जाए तो हकीकत सामने आ जाएगी कि किसान किस कदर नुकसान उठाए बैठा है।
-ग्राम अगवानहेड़ा निवासी किसान दिलीप चौधरी ने बताया कि 30 बीघा धान की फसल जमीन पर बिछी पड़ी है। धान काला पड़ चुका है, जिसका कोई भाव नहीं मिलेगा।

- लखनौती के गांव दौलतपुर निवासी किसान शाहीन का कहना है कि उसकी दस बीघा फसल यमुना नदी में कटाव के कारण बह गई है। यमुना नदी का जलस्तर जब घटता तो जबरदस्त मिट्टी कटाव करती है।
- गांव दौलतपुर निवासी जुल्फान ने बताया कि उसकी पांच बीघा यमुना नदी की भेंट चढ़ गई है। इस जमीन में पाॅपुलर के तैयार पेड़ खड़े थे। यह सभी पानी में बह गए हैं।



-----------------------------

यमुना में छोड़ा एक लाख 67 हजार 653 क्यूसेक पानी

मिर्जापुर। यमुना पिछले चार दिनों से उफान पर है। हथिनीकुंड बैराज पर गेज रीडर शेर सिंह ने बताया कि बृहस्पतिवार रात एक बजे सर्वाधिक एक लाख 67 हजार क्यूसेक जलस्तर दर्ज किया गया। बृहस्पतिवार शाम चार बजे एक लाख 34 हजार 563 क्यूसेक दर्ज किया गया। हालांकि पानी कम तो हुआ लेकिन अभी यह एक लाख क्यूसेक से ज्यादा चल है। इसके चलते पूर्वी एवं पश्चिमी दोनों नहरे बंद ही हैं। पहाड़ों पर बारिश कम है जिसके चलते बैराज पर पानी कम हो रहा है। इसके अलावा गांव खुवासपुर, पाडली, बादशाही बाग, नौगांवा, कोठडी आदि की नदियाें में भी रात भर पानी का सैलाब आया जो सुबह होने पर ही कम हुआ।

सरसावा क्षेत्र के खेत में गिरी हुई धान की फसल। संवाद

सरसावा क्षेत्र के खेत में गिरी हुई धान की फसल। संवाद

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed