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चिलकाना को तहसील बनाने की मांग फिर हुई मुखर

Sun, 26 Jun 2022 11:00 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 26 Jun 2022 11:00 PM IST
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The demand to make Chilkana a tehsil again became vocal
चिलकाना में बैठक को संबोधित करते जायर हुसैन चांद। - फोटो : SAHARANPUR
चिलकाना को तहसील बनाने की मांग फिर हुई मुखर
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चिलकाना (सहारनपुर)। चिलकाना सुलतानपुर को तहसील बनाने का मुद्दा एक बार फिर गरमाने लगा है। 30 साल पहले तहसील रहे चिलकाना को पुन: तहसील बनाने के लिए लोगों ने एकजुटता दिखाते हुए प्रयास तेज कर दिए हैं।
रविवार को पूर्व चेयरमैन सुरैया जमाल के निवास पर आयोजित सर्वदलीय बैठक में पूर्व चेयरमैन प्रतिनिधि जायर हुसैन चांद कहा कि 30 सितंबर 1989 को चिलकाना को तहसील स्वीकृत किया था। 30 अप्रैल 1990 को राजनीतिक विद्वेष के कारण गुपचुप तरीके से उत्तर प्रदेश शासन के राजस्व विभाग ने चिलकाना तहसील समाप्त कर बेहट तहसील बना दी थी। तहसील हटने से यहां का विकास अवरुद्ध हो गया है। चांद ने बताया कि नकुड़ विधायक मुकेश चौधरी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर चिलकाना में पुन: तहसील बनाए जाने की मांग की गई है।
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पूर्व सभासद सुधीर कुमार जैन, व्यापार मंडल के अध्यक्ष यूसुफ कुरैशी, राजेश्वर प्रसाद गुप्ता, भाजपा नेता मदनलाल शर्मा आदि ने भी चिलकाना को पुन: तहसील बनाए जाने की मांग की। बैठक में विजय सैनी, जिनेंद्र कुमार जैन, चौधरी वाजिद, लाला कुसुम चंद, आशु सैनी, मुकेश मेंबर, प्रकाश चंद सैनी, राजपाल सैनी, गुलबहार कुरैशी, अनिल सैनी, अनुपम जैन, महेंद्र उपाध्याय, सुरेशो सैनी, अनुज जैन, आमिर जैदी, डा. कुलदीप, डा. शहजाद, अमजद आदि रहे।
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