{"_id":"5fcd17e98ebc3ecf896841da","slug":"the-colonies-of-ward-66-are-far-away-from-development-saharanpur-news-mrt5142782178","type":"story","status":"publish","title_hn":"विकास से कोसो दूर हैं वार्ड 66 की कालोनियां","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
विकास से कोसो दूर हैं वार्ड 66 की कालोनियां
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
- टैक्स की हो रही है वसूली, लेकिन बुनियादी सुविधा देने में निगम फेल
सहारनपुर। शहर के वार्ड 66 में करीब 15 कालोनियां हैं। वार्ड की नदीम कालोनी, एकता कालोनी और चांद कालोनी में नगर निगम बोर्ड गठन के तीन साल बाद भी विकास नहीं पहुंचा है। अमर उजाला की टीम ने रविवार को वार्ड का दौरा कर जन समस्याओं को जानने का प्रयास किया। लोगों में नगर निगम अधिकारियों के प्रति नाराजगी साफ नजर आई।
सप्ताह में एक दिन होती है सफाई
- वार्ड की कालोनियों की मुख्य सड़कों के साथ ही घरों के आसपास भी जगह-जगह गंदगी फैली है। लोगों का आरोप है कि नगर निगम के सफाई कर्मी सप्ताह में एक दिन आते हैं। उस एक दिन में केवल औपचारिकता होती है।
जलभराव की समस्या
वार्ड के बीच से रजबहा गुजरता है, जो पूरी तरह कच्चा है। रजबहे की पेंचिंग की मांग उठती रही है, मगर मानी नहीं गई है। इसकी वजह से रजबहा नाले में तब्दील है। कालोनियों में नाले और नालियां नहीं होने से जगह-जगह जलभराव है।
विज्ञापन
पेयजल व्यवस्था ध्वस्त
वार्ड की आधी कालोनियों में पेयजल की व्यवस्था नहीं है। बगल में कमेला और दूषित रजबहा होने की वजह से कई कालोनियों के हैंडपंप दूषित पानी उगलते हैं। ऐसे में कई परिवार दूषित पानी पीने को मजबूर हैं।
लाइट व्यवस्था चौपट
नगर निगम शहर भर को एलईडी लाइटों से रोशन कर रहा है। मगर वार्ड 66 की कालोनियों में पथ प्रकाश की व्यवस्था चौपट है। एकता कालोनी में खंभों पर दूर तक लाइट नजर नहीं आई। स्थानीय लोगों ने बताया कि कई-कई खंबे छोड़कर लाइट लगाई गई हैं, जो नाकाफी है।
मुख्य मार्ग ही कच्चा
मेला गुघाल से रजबहे की पटरी से होकर कालोनियों में जाने वाला मार्ग पूरी तरह कच्चा है। इस मार्ग पर रजबहे से निकाली गई सिल्ट और गंदगी फैली है। कच्चा होने की वजह से बिना बरसात कीचड़ रहता है।
बोले क्षेत्रवासी
- एकता कालोनी निवासी इश्तखार ने सफाई व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने बताया कि सप्ताह में एक दिन सफाई होती है वह भी आधी अधूरी। गंदगी के कारण कॉलोनियां नरक बनी हुई हैं।
- गुलबहार ने लाइटिंग व्यवस्था ठीक नहीं होने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि दस-दस खंबे छोड़कर एक लाइट लगाई गई है। रात के अंधेरे में कीचड़ भरी टूटी सड़कों पर चलना मुश्किल रहता है।
- चांद कालोनी निवासी नसीर ने नगर नगम अधिकारियों पर क्षेत्र की अनदेखी करने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि वार्ड की कालोनियों की हालत गांवों से भी बदतर है।
- मोहम्मद तासीन का कहना है कि क्षेत्र की बदहाली के चलते रिश्तेदार तक आने से कतराते हैं। लोग उनकी कालोनियों को देखकर सहारनपुर को सढांदपुर कहते हैं।
वार्ड की सबसे बड़ी समस्या रजबहे की बदहाली है। कई कालोनियां भी ऐसी हैं, जिनमें अभी तक कोई काम नहीं हुआ है। क्षेत्र के विकास की मांग बोर्ड बैठकों में उठाते रहे हैं और उठाते रहेंगे। बीते दिनों मंडलायुक्त से मिलकर भी कई मांगें उनके समक्ष रखी हैं।
हाजी गुलशेर, पार्षद, वार्ड 66।
वार्ड 66 में नगर निगम एक बड़ा और सुंदर पार्क बनाने जा रहा है, जिसके बाद क्षेत्र की सुंदरता बढ़ेगी। जो भी खामियां हैं। संबंधित अधिकारियों से इस संबंध में जवाब लिया जाएगा। कालोनियों का सर्वे कराकर समस्याओं को एक-एक कर दूर किया जाएगा।
ज्ञानेंद्र सिंह, नगरायुक्त।
विज्ञापन
सहारनपुर। शहर के वार्ड 66 में करीब 15 कालोनियां हैं। वार्ड की नदीम कालोनी, एकता कालोनी और चांद कालोनी में नगर निगम बोर्ड गठन के तीन साल बाद भी विकास नहीं पहुंचा है। अमर उजाला की टीम ने रविवार को वार्ड का दौरा कर जन समस्याओं को जानने का प्रयास किया। लोगों में नगर निगम अधिकारियों के प्रति नाराजगी साफ नजर आई।
सप्ताह में एक दिन होती है सफाई
- वार्ड की कालोनियों की मुख्य सड़कों के साथ ही घरों के आसपास भी जगह-जगह गंदगी फैली है। लोगों का आरोप है कि नगर निगम के सफाई कर्मी सप्ताह में एक दिन आते हैं। उस एक दिन में केवल औपचारिकता होती है।
विज्ञापन
जलभराव की समस्या
वार्ड के बीच से रजबहा गुजरता है, जो पूरी तरह कच्चा है। रजबहे की पेंचिंग की मांग उठती रही है, मगर मानी नहीं गई है। इसकी वजह से रजबहा नाले में तब्दील है। कालोनियों में नाले और नालियां नहीं होने से जगह-जगह जलभराव है।
विज्ञापन
पेयजल व्यवस्था ध्वस्त
वार्ड की आधी कालोनियों में पेयजल की व्यवस्था नहीं है। बगल में कमेला और दूषित रजबहा होने की वजह से कई कालोनियों के हैंडपंप दूषित पानी उगलते हैं। ऐसे में कई परिवार दूषित पानी पीने को मजबूर हैं।
लाइट व्यवस्था चौपट
नगर निगम शहर भर को एलईडी लाइटों से रोशन कर रहा है। मगर वार्ड 66 की कालोनियों में पथ प्रकाश की व्यवस्था चौपट है। एकता कालोनी में खंभों पर दूर तक लाइट नजर नहीं आई। स्थानीय लोगों ने बताया कि कई-कई खंबे छोड़कर लाइट लगाई गई हैं, जो नाकाफी है।
मुख्य मार्ग ही कच्चा
मेला गुघाल से रजबहे की पटरी से होकर कालोनियों में जाने वाला मार्ग पूरी तरह कच्चा है। इस मार्ग पर रजबहे से निकाली गई सिल्ट और गंदगी फैली है। कच्चा होने की वजह से बिना बरसात कीचड़ रहता है।
बोले क्षेत्रवासी
- एकता कालोनी निवासी इश्तखार ने सफाई व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने बताया कि सप्ताह में एक दिन सफाई होती है वह भी आधी अधूरी। गंदगी के कारण कॉलोनियां नरक बनी हुई हैं।
- गुलबहार ने लाइटिंग व्यवस्था ठीक नहीं होने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि दस-दस खंबे छोड़कर एक लाइट लगाई गई है। रात के अंधेरे में कीचड़ भरी टूटी सड़कों पर चलना मुश्किल रहता है।
- चांद कालोनी निवासी नसीर ने नगर नगम अधिकारियों पर क्षेत्र की अनदेखी करने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि वार्ड की कालोनियों की हालत गांवों से भी बदतर है।
- मोहम्मद तासीन का कहना है कि क्षेत्र की बदहाली के चलते रिश्तेदार तक आने से कतराते हैं। लोग उनकी कालोनियों को देखकर सहारनपुर को सढांदपुर कहते हैं।
वार्ड की सबसे बड़ी समस्या रजबहे की बदहाली है। कई कालोनियां भी ऐसी हैं, जिनमें अभी तक कोई काम नहीं हुआ है। क्षेत्र के विकास की मांग बोर्ड बैठकों में उठाते रहे हैं और उठाते रहेंगे। बीते दिनों मंडलायुक्त से मिलकर भी कई मांगें उनके समक्ष रखी हैं।
हाजी गुलशेर, पार्षद, वार्ड 66।
वार्ड 66 में नगर निगम एक बड़ा और सुंदर पार्क बनाने जा रहा है, जिसके बाद क्षेत्र की सुंदरता बढ़ेगी। जो भी खामियां हैं। संबंधित अधिकारियों से इस संबंध में जवाब लिया जाएगा। कालोनियों का सर्वे कराकर समस्याओं को एक-एक कर दूर किया जाएगा।
ज्ञानेंद्र सिंह, नगरायुक्त।