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Saharanpur News: कंप्यूटर पर टाइपिंग टेस्ट की बात सुनते ही बेहोश होकर गिरा लिपिक
Sat, 27 Sep 2025 08:13 PM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Sat, 27 Sep 2025 08:13 PM IST
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सहारनपुर। नगर निगम का एक लिपिक कंप्यूटर पर टाइपिंग के टेस्ट होने का नाम सुनते ही बेहोश होकर गिर पड़ा। ऐसे अन्य लिपिक भी तनाव में हैं, जिनको टाइपिंग नहीं आती है।
नगर निगम के सभी अनुभागों में करीब 30 लिपिक हैं। इनमें कई लिपिक ऐसे हैं, जिनको कंप्यूटर पर टाइपिंग करना नहीं आता है। यानी वह कंप्यूटर पर काम नहीं कर पाते हैं। ऐसे में नगर निगम ने उन्हें ऑपरेटर मुहैया कराए हुए हैं, जिससे कार्य प्रभावित न हो। बीते करीब दस साल से ऑपरेटर काम कर रहे हैं, जिनकी वजह से लिपिकों ने कंप्यूटर पर काम करना सीखने की जरूरत नहीं समझी है। नगर आयुक्त के समक्ष ऐसी बात आई थी कि कुछ लिपिक कंप्यूटर फ्रेंडली नहीं हैं, जिनकी वजह से कार्य सफर करता है।
ऐसे में नगर आयुक्त शिपू गिरि ने सभी लिपिकों का टाइपिंग टेस्ट लेने का निर्णय लिया है। इसके लिए उन्होंने अधिकारियों की समिति भी बनाई है, जो अपने समक्ष कंप्यूटर पर टाइपिंग कराकर टेस्ट ले रही है। एक निर्धारित समय में टाइपिंग के निर्धारित शब्द लिखने का चैलेंज है, जो लिपिकों को चुनौती लग रहा है। एक अनुभाग के अध्यक्ष ने जब अपने लिपिक के समक्ष टाइपिंग टेस्ट के लिए तैयार रहने की बात रखी तो चर्चा है कि लिपिक कुर्सी से बेहोश होकर गिर पड़ा। बेहोशी की घटना नगर निगम में तीन दिन से चर्चाओं का विषय बनी हुई है।
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करीब 15 ऑपरेटर हैं कार्यरत
नगर निगम में लिपिकों, अधिकारियों के स्टेनो को प्राइवेट ऑपरेटर मुहैया कराए गए हैं। प्रत्येक ऑपरेटर को 12 से 15 हजार रुपये का मानदेय दिया जाता है। ऐसे में प्रत्येक माह ऑपरेटर के वेतन पर दो लाख रुपये से अधिक खर्च होते हैं। यदि ऑपरेटर हटा दिए जाएं तो कई पटल का कार्य ठप हो जाए।
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नगर निगम के सभी अनुभागों में करीब 30 लिपिक हैं। इनमें कई लिपिक ऐसे हैं, जिनको कंप्यूटर पर टाइपिंग करना नहीं आता है। यानी वह कंप्यूटर पर काम नहीं कर पाते हैं। ऐसे में नगर निगम ने उन्हें ऑपरेटर मुहैया कराए हुए हैं, जिससे कार्य प्रभावित न हो। बीते करीब दस साल से ऑपरेटर काम कर रहे हैं, जिनकी वजह से लिपिकों ने कंप्यूटर पर काम करना सीखने की जरूरत नहीं समझी है। नगर आयुक्त के समक्ष ऐसी बात आई थी कि कुछ लिपिक कंप्यूटर फ्रेंडली नहीं हैं, जिनकी वजह से कार्य सफर करता है।
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ऐसे में नगर आयुक्त शिपू गिरि ने सभी लिपिकों का टाइपिंग टेस्ट लेने का निर्णय लिया है। इसके लिए उन्होंने अधिकारियों की समिति भी बनाई है, जो अपने समक्ष कंप्यूटर पर टाइपिंग कराकर टेस्ट ले रही है। एक निर्धारित समय में टाइपिंग के निर्धारित शब्द लिखने का चैलेंज है, जो लिपिकों को चुनौती लग रहा है। एक अनुभाग के अध्यक्ष ने जब अपने लिपिक के समक्ष टाइपिंग टेस्ट के लिए तैयार रहने की बात रखी तो चर्चा है कि लिपिक कुर्सी से बेहोश होकर गिर पड़ा। बेहोशी की घटना नगर निगम में तीन दिन से चर्चाओं का विषय बनी हुई है।
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करीब 15 ऑपरेटर हैं कार्यरत
नगर निगम में लिपिकों, अधिकारियों के स्टेनो को प्राइवेट ऑपरेटर मुहैया कराए गए हैं। प्रत्येक ऑपरेटर को 12 से 15 हजार रुपये का मानदेय दिया जाता है। ऐसे में प्रत्येक माह ऑपरेटर के वेतन पर दो लाख रुपये से अधिक खर्च होते हैं। यदि ऑपरेटर हटा दिए जाएं तो कई पटल का कार्य ठप हो जाए।