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Saharanpur News: सस्ती दवा का दावा हवा, स्टॉक ही पूरा नहीं
Sat, 14 Feb 2026 12:30 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Sat, 14 Feb 2026 12:30 AM IST
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सहारनपुर। सस्ती और गुणवत्तापूर्ण जेनेरिक दवाइयां उपलब्ध कराने के उद्देश्य से खोले गए प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र दवाओं के अभाव से जूझ रहे हैं। दवाइयों पर 50 से 80 फीसदी तक की छूट मिलती है। कई केंद्रों पर कफ सिरप, दर्द निवारक क्रीम जैसी रोजमर्रा की जरूरी दवाएं भी नहीं हैं। इससे मरीजों को निजी मेडिकल स्टोर से महंगी दवाएं खरीदनी पड़ रही हैं। शुक्रवार को जन औषधि केंद्र का लाइव किया गया तो कुछ ऐसी जानकारी सामने आई।
राजकीय मेडिकल कॉलेज, एसबीडी जिला अस्पताल, महिला अस्पताल समेत 24 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर जन औषधि केंद्र संचालित हैं। इन केंद्रों पर 400 से 500 प्रकार की दवा होनी चाहिए, लेकिन हकीकत इससे उलट है। रामपुर मनिहारान सीएचसी के जन औषधि केंद्र पर 85 से 90 फीसदी दवाइयां उपलब्ध होने का दावा किया गया। इसके बाद भी यहां मरीजों को दर्द निवारक, कफ सिरप नहीं मिल रहा। केंद्र संचालक बसंत कुमार ने बताया कि जिन दवाइयों के ऑर्डर लगाते है।
कई बार उनमें से कम दवाइयां उपलब्ध हो पाती है। देवबंद सीएचसी परिसर में संचालित प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र में करीब 180 प्रकार की दवाई उपलब्ध हैं।
केंद्र संचालक अंकित कुमार का कहना है कि चिकित्सक कुछ बाहर की दवाएं ऐसी लिख देते हैं, जो जन औषधि केंद्र पर उपलब्ध नहीं हो पाती है। यहीं हाल नानौता सीएचसी के केंद्र का है। केंद्र संचालक जगविंद्र का कहना है कि चिकित्सक जो दवा लिखते हैं, अगर वह नहीं होती है तो रिकॉर्ड में दर्ज कर मंगवा लेते हैं।
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राजकीय मेडिकल कॉलेज, एसबीडी जिला अस्पताल, महिला अस्पताल समेत 24 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर जन औषधि केंद्र संचालित हैं। इन केंद्रों पर 400 से 500 प्रकार की दवा होनी चाहिए, लेकिन हकीकत इससे उलट है। रामपुर मनिहारान सीएचसी के जन औषधि केंद्र पर 85 से 90 फीसदी दवाइयां उपलब्ध होने का दावा किया गया। इसके बाद भी यहां मरीजों को दर्द निवारक, कफ सिरप नहीं मिल रहा। केंद्र संचालक बसंत कुमार ने बताया कि जिन दवाइयों के ऑर्डर लगाते है।
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कई बार उनमें से कम दवाइयां उपलब्ध हो पाती है। देवबंद सीएचसी परिसर में संचालित प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र में करीब 180 प्रकार की दवाई उपलब्ध हैं।
केंद्र संचालक अंकित कुमार का कहना है कि चिकित्सक कुछ बाहर की दवाएं ऐसी लिख देते हैं, जो जन औषधि केंद्र पर उपलब्ध नहीं हो पाती है। यहीं हाल नानौता सीएचसी के केंद्र का है। केंद्र संचालक जगविंद्र का कहना है कि चिकित्सक जो दवा लिखते हैं, अगर वह नहीं होती है तो रिकॉर्ड में दर्ज कर मंगवा लेते हैं।
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