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Saharanpur News: आजादी के बाद से एक ही परिवार के पास है इब्राहिमपुर की चौधराहट
Thu, 03 Jul 2025 12:24 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Thu, 03 Jul 2025 12:24 AM IST
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सरसावा। ग्राम पंचायत इब्राहिमपुर में आजादी के बाद से चौधरी ताहिर परिवार की ही चौधराहट चली आ रही है। इन्हीं के परिवार से यहां प्रधान बनता है। वर्तमान ग्राम प्रधान अरशद भी इसी परिवार से हैं। खास बात यह है कि अरशद ने जिसे हराकर प्रधानी जीती थी वह भी उनके परिवार के ही सदस्य हैं।
ग्रामीणों के अनुसार, आजादी के बाद से सबसे पहले हकीमुद्दीन प्रधान बने। उस समय बैलेट से चुनाव नहीं होता था, बल्कि हाथ उठाकर समर्थन दिया जाता था। गांव के बड़े जमींदार तथा सामाजिक होने के कारण ग्रामीणों ने हाथ उठाकर हकीमुद्दीन का समर्थन किया और वह प्रधान चुन लिए गए।
हकीमुद्दीन के पश्चात उनके पुत्र ताहिर ने लगभग 20 साल तक गांव की प्रधानी संभाली। ताहिर के बाद उनके पुत्र जहीर मैदान में आए तथा जहीर के साथ-साथ दूसरे पुत्र कैसर नदीम ने गांव तथा क्षेत्र में अपनी पकड़ बनाई और लगातार प्रधान चुने जाते रहे। बीच में एक दौर ऐसा भी आया जब परिवार में असंतोष हुआ तथा केसर नदीम परिवार चुनाव हार गया, लेकिन खास बात यह रही कि उनके ही खानदान के इकराम ने उन्हें हराया।
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इकराम के बाद फिर से ताहिर परिवार के पास प्रधानी आ गई, जो अब तक चल रही है।
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ग्रामीणों के अनुसार, आजादी के बाद से सबसे पहले हकीमुद्दीन प्रधान बने। उस समय बैलेट से चुनाव नहीं होता था, बल्कि हाथ उठाकर समर्थन दिया जाता था। गांव के बड़े जमींदार तथा सामाजिक होने के कारण ग्रामीणों ने हाथ उठाकर हकीमुद्दीन का समर्थन किया और वह प्रधान चुन लिए गए।
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हकीमुद्दीन के पश्चात उनके पुत्र ताहिर ने लगभग 20 साल तक गांव की प्रधानी संभाली। ताहिर के बाद उनके पुत्र जहीर मैदान में आए तथा जहीर के साथ-साथ दूसरे पुत्र कैसर नदीम ने गांव तथा क्षेत्र में अपनी पकड़ बनाई और लगातार प्रधान चुने जाते रहे। बीच में एक दौर ऐसा भी आया जब परिवार में असंतोष हुआ तथा केसर नदीम परिवार चुनाव हार गया, लेकिन खास बात यह रही कि उनके ही खानदान के इकराम ने उन्हें हराया।
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इकराम के बाद फिर से ताहिर परिवार के पास प्रधानी आ गई, जो अब तक चल रही है।