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पॉलीथिन पर प्रतिबंध को लेकर व्यापारी दो फाड़
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Fri, 22 Jan 2016 12:58 AM IST
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प्रदेश में पॉलीथिन के उत्पादन, बिक्री और इस्तेमाल पर लगाए गए प्रतिबंध से व्यापारियों में दो राय हो गई है। पॉलीथिन कारोबार से जुड़े व्यापारी प्रतिबंध के खिलाफ तो उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल ने इसे प्रदेश सरकार का स्वागत योग्य फैसला बताया है।
सहारनपुर प्लास्टिक एसोसिएशन पॉलीथिन पर प्रतिबंध से खासी नाराज है। इस संगठन से जुड़े व्यापारियों ने बृहस्पतिवार को नवाब गंज चौक पर बैठक कर प्रतिबंध का विरोध जारी रखने का निर्णय लिया। इतना ही नहीं प्लास्टिक का व्यापार करने वालों ने अपने प्रतिष्ठानों पर ताले लटकाकर चाबियां एसोसिएशन कार्यालय में जमा करा दी हैं।
संरक्षक सुरेश त्यागी और सुदर्शन जुनेजा का कहना है कि जब तक प्रतिबंध हट नहीं जाता तब तक प्रतिष्ठान बंद रहेंगे। उन्होंने बताया कि देश में कहीं भी 40 माइक्रोन से अधिक की पॉलीथिन पर प्रतिबंध नहीं है। प्रदेश सरकार ने पॉलीथिन पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाया है, जो ठीक नहीं है।
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प्रमोद शाह और नरेश कुमार ने कहा कि प्रदेश में भी 40 माइक्रोन से अधिक की पॉलीथिन इस्तेमाल में रहनी चाहिए। अशोक छाबड़ा, राजन बत्रा और राजकुमार ने कहा कि मामला हाईकोर्ट में है, जिस पर तीन फरवरी को निर्णय आना है। तब तक किसी को भी परेशान न किया जाए।
बैठक में सतेंद्र, निखिल, अरुण, अमित, रोहित, राकेश, देवेंद्र, संजीव, अंकुर, गौरव, इंद्रजीत आदि थे। उधर, उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेश सरकार द्वारा पॉलीथिन पर लगाए गए प्रतिबंध का स्वागत किया है। कहा कि प्रदेश सरकार का यह कदम स्वच्छ भारत मिशन को आगे बढ़ाने में सहायक साबित होगा।
साथ ही उन्होंने सरकार से ऐसा रास्ता निकलने की मांग भी की, जिससे पॉलीथिन उद्योग से जुड़े लोगों को नुकसान न हो। बैठक में जिलाध्यक्ष डॉ. जितेंद्र सैनी, मनोज प्रजापति, सुशील कांबोज, दीपक, संजीव, पवन, संदीप, प्रीतम, विपिन, तरुण, सलीम खान, वासिल, महेश आदि थे।
बेअसर दिखा पॉलीथिन पर लगा प्रतिबंध
सहारनपुर। प्रदेश में पॉलीथिन पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है, लेकिन सहारनपुर में इसका असर कतई नहीं पड़ा है। पॉलीथिन पर लगी पाबंदी का बृहस्पतिवार को पहला दिन था, मगर दुकानदार और रेहड़ी वाले पहले की तरह ही पॉलीथिन में सामान थमाते नजर आए।
इसकी एक वजह प्रशासनिक स्तर से अभी तक सड़क पर उतरकर कार्रवाई न करना भी है। सूत्रों की मानें तो पॉलीथिन का उत्पादन भी जारी है, जिसकी मुख्य वजह अभी तक प्रशासनिक स्तर से बाजारों में जाकर कार्रवाई न करना है।
अधिकारी कहिन
राज्य सरकार ने पॉलीथिन पर प्रतिबंध लगाने का आदेश दिया है। शासन के इस आदेश को लेकर हम गंभीर हैं और प्रतिबंध का कड़ाई से पालन कराएंगे। पॉलीथिन उद्योग से जुड़े लोगों को यदि कोई आपत्ति है तो वह अपनी बात किसी भी माध्यम से शांतिपूर्वक शासन तक पहुंचाएं।
- पवन कुमार, डीएम।
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सहारनपुर प्लास्टिक एसोसिएशन पॉलीथिन पर प्रतिबंध से खासी नाराज है। इस संगठन से जुड़े व्यापारियों ने बृहस्पतिवार को नवाब गंज चौक पर बैठक कर प्रतिबंध का विरोध जारी रखने का निर्णय लिया। इतना ही नहीं प्लास्टिक का व्यापार करने वालों ने अपने प्रतिष्ठानों पर ताले लटकाकर चाबियां एसोसिएशन कार्यालय में जमा करा दी हैं।
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संरक्षक सुरेश त्यागी और सुदर्शन जुनेजा का कहना है कि जब तक प्रतिबंध हट नहीं जाता तब तक प्रतिष्ठान बंद रहेंगे। उन्होंने बताया कि देश में कहीं भी 40 माइक्रोन से अधिक की पॉलीथिन पर प्रतिबंध नहीं है। प्रदेश सरकार ने पॉलीथिन पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाया है, जो ठीक नहीं है।
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प्रमोद शाह और नरेश कुमार ने कहा कि प्रदेश में भी 40 माइक्रोन से अधिक की पॉलीथिन इस्तेमाल में रहनी चाहिए। अशोक छाबड़ा, राजन बत्रा और राजकुमार ने कहा कि मामला हाईकोर्ट में है, जिस पर तीन फरवरी को निर्णय आना है। तब तक किसी को भी परेशान न किया जाए।
बैठक में सतेंद्र, निखिल, अरुण, अमित, रोहित, राकेश, देवेंद्र, संजीव, अंकुर, गौरव, इंद्रजीत आदि थे। उधर, उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेश सरकार द्वारा पॉलीथिन पर लगाए गए प्रतिबंध का स्वागत किया है। कहा कि प्रदेश सरकार का यह कदम स्वच्छ भारत मिशन को आगे बढ़ाने में सहायक साबित होगा।
साथ ही उन्होंने सरकार से ऐसा रास्ता निकलने की मांग भी की, जिससे पॉलीथिन उद्योग से जुड़े लोगों को नुकसान न हो। बैठक में जिलाध्यक्ष डॉ. जितेंद्र सैनी, मनोज प्रजापति, सुशील कांबोज, दीपक, संजीव, पवन, संदीप, प्रीतम, विपिन, तरुण, सलीम खान, वासिल, महेश आदि थे।
बेअसर दिखा पॉलीथिन पर लगा प्रतिबंध
सहारनपुर। प्रदेश में पॉलीथिन पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है, लेकिन सहारनपुर में इसका असर कतई नहीं पड़ा है। पॉलीथिन पर लगी पाबंदी का बृहस्पतिवार को पहला दिन था, मगर दुकानदार और रेहड़ी वाले पहले की तरह ही पॉलीथिन में सामान थमाते नजर आए।
इसकी एक वजह प्रशासनिक स्तर से अभी तक सड़क पर उतरकर कार्रवाई न करना भी है। सूत्रों की मानें तो पॉलीथिन का उत्पादन भी जारी है, जिसकी मुख्य वजह अभी तक प्रशासनिक स्तर से बाजारों में जाकर कार्रवाई न करना है।
अधिकारी कहिन
राज्य सरकार ने पॉलीथिन पर प्रतिबंध लगाने का आदेश दिया है। शासन के इस आदेश को लेकर हम गंभीर हैं और प्रतिबंध का कड़ाई से पालन कराएंगे। पॉलीथिन उद्योग से जुड़े लोगों को यदि कोई आपत्ति है तो वह अपनी बात किसी भी माध्यम से शांतिपूर्वक शासन तक पहुंचाएं।
- पवन कुमार, डीएम।