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अमर उजाला पड़ताल: दावे हवाई, सहारनपुर में कागजों में ही सुधरी तालाबों की सूरत, भूमि पर अतिक्रमण

Tue, 22 Aug 2023 03:13 PM IST
मेरठ ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहारनपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहारनपुर Published by: मेरठ ब्यूरो Updated Tue, 22 Aug 2023 03:13 PM IST
सार


सहारनपुर जनपद में 6042 तालाब हैं। इनमें से बड़ी संख्या में तालाबों पर कब्जे हुए हैं, जबकि प्रशासन की ओर से तालाबों पर कब्जे हटवाने और सुंदरीकरण का दावे किए गए, लेकिन जमीन पर स्थिति विपरीत है। अमर उजाला ने इसकी पड़ताल की तो स्थिति बदतर नजर आई।

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The appearance of ponds improved only on paper, claims proving hollow
तीतरों के बाल्लू में तालाब पर किया गया अवैध कब्जा। संवाद

विस्तार

सहारनपुर जनपद में 6042 तालाब हैं। इनमें से बड़ी संख्या में तालाबों पर कब्जे हुए हैं, जबकि प्रशासन की ओर से तालाबों पर कब्जे हटवाने और सुंदरीकरण का दावे किए गए, लेकिन जमीन पर स्थिति विपरीत है। अमर उजाला ने इसकी पड़ताल की तो स्थिति बदतर नजर आई।

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जनपद के तालाबों को कब्जा मुक्त और सुंदरीकरण कर विकसित किए जाने का प्लान एक वर्ष पूर्व तैयार किया गया था। इसके बाद भी बड़ी संख्या में तालाबों से कब्जे नहीं हट पाए हैं। अमर उजाला ने इसकी पड़ताल की तो कई जगहों पर तालाबों की स्थिति खराब मिली है। कुछ ही तालाबों पर कार्य हुआ दिखा, लेकिन ज्यादातर तालाबों की जमीन पर अवैध कब्जे हैं और कूड़ा भी डाला जा रहा है।
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तालाबों की भूमि पर किया अतिक्रमण, कर चुके शिकायत
नागल व गांव बढेड़ी का संयुक्त तालाब है, जिसका रकबा करीब 22 बीघा है, लेकिन मौके पर यह सिर्फ 11 बीघा बचा है। क्योंकि, तालाब की भूमि पर कब्जा कर अतिक्रमण कर लिया गया है। दो बार प्रशासन की टीम ने कब्जा हटवाने के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की है।

इसी वजह से कब्जा करने वाले लोगों के हौसले बुलंद हैं। तीतरों क्षेत्र में अधिकांश तालाबों पर कब्जे हुए हैं। इसकी शिकायत ग्रामीण प्रशासन के अलावा जन सुनवाई पोर्टल पर भी कर चुके हैं। प्राथमिक विद्यालय के ठीक सामने स्थित तालाब को कब्जा कर टीनशेड डालकर लोगों ने पशुओं को रखने की जगह और मकान भी बना लिए हैं।
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कब्जे की जद में तालाब
बड़गांव सहित गांव झबीरन, शिमलाना, दलहेड़ी, चंदपुर, अंबेहटापीर, महेशपुर में तालाब पर लंबे समय से कब्जे बरकरार हैं। कब्जे हटवाए जाने के नाम पर सिर्फ कागजी कार्रवाई हुई है। स्थिति यह है कि कई जगहों पर लोग तालाबों की भूमि पर कूड़ा भी डालते हैं।

इसी तरह रामपुर मनिहारान, नागल, देवबंद, बेहट में कई तालाबों पर एक वर्ष बाद भी कब्जे नहीं हट पाए हैं। महानगर में गंगोह रोड स्थित प्राचीन श्री जाहरवीर गोगा म्हाड़ी के तालाब पर कई वर्षों से कब्जा बरकरार है। यहां पर तालाब की भूमि पर कॉलोनी काट दी गई है, जबकि यह प्राचीन तालाब है।

एक नजर में प्रशासन के आंकड़े
तहसील -- -- -- -- -- -- तालाब -- -- -- -- -कब्जे
सदर -- -- -- -- -- -- -- 1835 -- -- -- -- -- -- -- -64
नकुड़ -- -- -- -- -- -- -1190 -- -- -- -- -- -- -- 133
देवबंद -- -- -- -- -- -- -1241 -- -- -- -- -- -- -- 163
बेहट -- -- -- -- -- -- -- 545 -- -- -- -- -- -- -- -35
रामपुर मनिहारान -- -- -- 1231 -- -- -- -- -- -- -- 170

तालाबों के सुंदरीकरण का कार्य चल रहा है। राजस्व विभाग द्वारा तालाबों को कब्जा मुक्त भी कराया जा रहा है। किसी ने तालाबों पर कब्जा किया तो उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। - विजय कुमार, मुख्य विकास अधिकारी

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