{"_id":"69a5e490260eb45bf20bf024","slug":"tensions-escalate-between-israel-the-us-and-iran-with-a-30-million-order-in-jeopardy-saharanpur-news-c-30-1-sha1004-170547-2026-03-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Saharanpur News: इस्राइल, अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ी तपिश, तीन करोड़ के ऑर्डर पर संकट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Saharanpur News: इस्राइल, अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ी तपिश, तीन करोड़ के ऑर्डर पर संकट
Tue, 03 Mar 2026 12:57 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Tue, 03 Mar 2026 12:57 AM IST
विज्ञापन
सहारनपुर। इस्राइल, अमेरिका और ईरान के बीच जारी संघर्ष से जिले के निर्यात पर असर पड़ने लगा है। हवाई के साथ समुद्री रास्तों पर भी संकट है। ऐसे में करीब तीन करोड़ के ऑर्डर पर संकट के बादल घिर आए हैं। किराया बढ़ने के साथ नए ऑर्डर पर भी संकट मंडराने लगे हैं।
दरअसल, जिले से करीब 400 करोड़ का वुडन हैंडीक्राफ्ट निर्यात बाहरी देशों को होता है। ईरान के साथ जारी संघर्ष का असर जिले के निर्यात पर धीरे-धीरे पड़ने लगा है। खरीदारों ने नए ऑर्डर देना बंद कर दिया है। साथ ही पुराने ऑर्डर भी होल्ड पर चले गए हैं। समुद्री रास्ते पर जंग के बादल मंडराने से कंटेनर भी शिप पर नहीं जा रहे हैं। अमेरिका, इस्राइल और ईरान के साथ जारी संघर्ष के अन्य अरब देशों में भी फैलने की उम्मीद है।
इसका असर जिले से निर्यात होने वाले वुडन हैंडीक्राफ्ट उत्पादों पर असर पड़ेगा। पहले कोरोना फिर रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद अमेरिका के टैरिफ ने निर्यात पर गंभीर असर डाला है। वर्ष 2020 से पहले जहां करीब 1100 करोड़ रुपये का हैंडीक्राफ्ट उत्पादों का निर्यात होता था, जो पिछले चार वर्षों में घटकर मात्र 400 करोड़ रुपये रह गया है। संघर्ष के लंबा खींचने से निर्यात पर अच्छा खासा असर पड़ सकता है।
विज्ञापन
- बोले उद्यमी
- निर्यातक और उद्यमी रामजी सुनेजा ने बताया कि पुराने ऑर्डर होल्ड पर चले गए हैं। यदि आने वाले सात-आठ दिनों तक संघर्ष विराम नहीं होता, तो निर्यात पर गंभीर असर पड़ेगा। करीब तीन करोड़ रुपये के ऑर्डर फंस गए हैं।
- सीआईएस के अध्यक्ष रविंद्र मिगलानी ने बताया कि निर्यात पर संघर्ष का असर पड़ेगा। शांति होने पर निर्यात बढ़ता है। अभी तो रुको और इंतजार करो वाली स्थिति है।
- निर्यातक और उद्यमी मंयक अग्रवाल ने बताया कि समुद्री रास्ते बंद होने से माल ढुलाई महंगी हो जाएगी। कच्चे तेल के दाम भी बढ़ने लगे हैं। संघर्ष के लंबा चलने से पूरे विश्व पर इसका असर पड़ेगा। इस्राइल और मिडिल ईस्ट के देशों के ऑर्डर पर संकट है।
- निर्यातक आरिफ खान ने बताया कि पहले टैरिफ और अब अरब देशों में संघर्ष। इसके चलते निर्यातकों को काफी परेशानी आ रही है। विश्व में शांति स्थापना के लिए सभी देशों को आगे आना चाहिए।
विज्ञापन
दरअसल, जिले से करीब 400 करोड़ का वुडन हैंडीक्राफ्ट निर्यात बाहरी देशों को होता है। ईरान के साथ जारी संघर्ष का असर जिले के निर्यात पर धीरे-धीरे पड़ने लगा है। खरीदारों ने नए ऑर्डर देना बंद कर दिया है। साथ ही पुराने ऑर्डर भी होल्ड पर चले गए हैं। समुद्री रास्ते पर जंग के बादल मंडराने से कंटेनर भी शिप पर नहीं जा रहे हैं। अमेरिका, इस्राइल और ईरान के साथ जारी संघर्ष के अन्य अरब देशों में भी फैलने की उम्मीद है।
विज्ञापन
इसका असर जिले से निर्यात होने वाले वुडन हैंडीक्राफ्ट उत्पादों पर असर पड़ेगा। पहले कोरोना फिर रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद अमेरिका के टैरिफ ने निर्यात पर गंभीर असर डाला है। वर्ष 2020 से पहले जहां करीब 1100 करोड़ रुपये का हैंडीक्राफ्ट उत्पादों का निर्यात होता था, जो पिछले चार वर्षों में घटकर मात्र 400 करोड़ रुपये रह गया है। संघर्ष के लंबा खींचने से निर्यात पर अच्छा खासा असर पड़ सकता है।
विज्ञापन
- बोले उद्यमी
- निर्यातक और उद्यमी रामजी सुनेजा ने बताया कि पुराने ऑर्डर होल्ड पर चले गए हैं। यदि आने वाले सात-आठ दिनों तक संघर्ष विराम नहीं होता, तो निर्यात पर गंभीर असर पड़ेगा। करीब तीन करोड़ रुपये के ऑर्डर फंस गए हैं।
- सीआईएस के अध्यक्ष रविंद्र मिगलानी ने बताया कि निर्यात पर संघर्ष का असर पड़ेगा। शांति होने पर निर्यात बढ़ता है। अभी तो रुको और इंतजार करो वाली स्थिति है।
- निर्यातक और उद्यमी मंयक अग्रवाल ने बताया कि समुद्री रास्ते बंद होने से माल ढुलाई महंगी हो जाएगी। कच्चे तेल के दाम भी बढ़ने लगे हैं। संघर्ष के लंबा चलने से पूरे विश्व पर इसका असर पड़ेगा। इस्राइल और मिडिल ईस्ट के देशों के ऑर्डर पर संकट है।
- निर्यातक आरिफ खान ने बताया कि पहले टैरिफ और अब अरब देशों में संघर्ष। इसके चलते निर्यातकों को काफी परेशानी आ रही है। विश्व में शांति स्थापना के लिए सभी देशों को आगे आना चाहिए।