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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Saharanpur News ›   Tender issued without signature

बिना हस्ताक्षर के जारी कर दिए टेंडर

Wed, 08 Mar 2017 12:03 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर Updated Wed, 08 Mar 2017 12:03 AM IST
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Tender issued without signature
demo pic - फोटो : अमर उजाला
सहारनपुर में कागजी खेल में माहिर सरकारी अफसरों का एक और कारनामा सामने आया है। स्वास्थ्य विभाग में आई ऑडिट टीम में लगातार पुरानी धांधलेबाजी और गड़बड़ियां उजागर होती जा रही हैं।
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पहले पूर्व सीएमओ पर करोड़ों के फर्जीवाड़े में एफआइआर के आदेश, फिर एनआरएचएम से जुड़े मुख्य रिकॉर्ड गायब और अब बिना हस्ताक्षर किये टेंडर जारी करने का बड़ा खेल सामने आया है।
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इन घोटालों के उजागर होने के बाद से विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। घोटालों में विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों पर गाज गिरना तय माना जा रहा है।       
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दरअसल, वर्ष 2014 में स्वास्थ्य विभाग में सर्जिकल आइटम, उपकरण और दवाइयां खरीदी जानी थी। इसके लिए टेंडर के लिए पहले लंबी खींचतान चली। इसके बाद अपना सिर बचाने के लिए उस वक्त बिना किसी अधिकृत हस्ताक्षर के ही टेंडर जारी कर दिए गए।

हालांकि अब तक यह  बात सामने नहीं आई है कि इस टेंडर के जरिये कितने का खेल किया गया है। मगर माना जा रहा है कि उस वक्त लगभग दो करोड़ की खरीद में बड़ी धांधली हुई है। आपको बता दें कि शासन से आई ऑडिट टीम पिछले कई दिनों से स्वास्थ्य विभाग में डेरा डाले हुए है।             

शासन से आई ऑडिट टीम ने मंगलवार को जिला अस्पताल का रिकॉर्ड खंगाला। यहां से गोपनीय रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेज दी गई है। कई मामलों की जांच करने पहुंची ऑडिट टीम विभाग में रिकॉर्ड तलाश रही है।

टीम के सदस्यों को पूरा रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है। ऑडिट टीम की जांच में अब तक कई गड़बड़ी सामने आई है। यह माना जा रहा है कि कर्मचारियों और अफसरों की सांठगांठ के चलते उस वक्त बड़ा खेल किया गया है।


जिला अस्पताल के रिकार्ड खंगाले गए तो टेंडर में भारी अनियमितता सामने आ रही है। सीएमओ से जुड़े रिकार्ड भी अब तक पूरी तरह से नहीं मिल पाए हैँ।

प्रथम दृष्टया यह मामला बेहद गंभीर लग रहा है। बिना हस्ताक्षर के कोई टेंडर जारी कैसे हो सकता है। मामले की जानकारी मिल गई है। इस मामले में एक टीम गठित की जाएगी। जो पूरे मामले की जांच करेंगी। इसमें जिम्मेदार और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
- शफकत कमाल, जिलाधिकारी। 

 
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