{"_id":"6298ff9af4761452e2080f4d","slug":"team-may-come-this-month-to-test-the-standard-of-nqas-saharanpur-news-mrt591150374","type":"story","status":"publish","title_hn":"एनक्यूएएस के मानक परखने को इसी माह आ सकती है टीम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एनक्यूएएस के मानक परखने को इसी माह आ सकती है टीम
विज्ञापन
सहारनपुर। एसबीडी जिला अस्पताल ने एनक्यूएएस (नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस स्टैंडर्ड) के प्रमाणपत्र के लिए पहली बार आवेदन किया है। इन दिनों अस्पताल प्रशासन खामियों को दूर करने और विभाग स्तर पर डाटा तैयार करने में जुटा है, क्योंकि एनक्यूएएस की टीम इसी माह आकर अस्पताल में मानकों का आकलन करेगी।
महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य कल्याण ने बीते माह पत्र जारी कर प्रदेश भर के जिला अस्पतालों को एनक्यूएएस प्रमाणीकरण के आदेश दिए थे। जिसके बाद एसबीडी जिला अस्पताल ने आदेशों के अनुपालन में अपनी कार्रवाई शुरू की हुई है। 316 बेड के जिला अस्पताल में कुल 12 विभाग हैं, जिनमें तमाम सुविधाओं और संसाधनों को एनक्यूएएस के मानकों के अनुरूप पूरा किया जा रहा है। प्रत्येक विभाग की अलग फाइल तैयार की जा रही है, जिसमें विभाग में चिकित्सक और स्टाफ की स्थिति, संसाधनों की स्थिति और इलाज के स्तर आदि का डाटा एकत्रित किया जा रहा है। एनक्यूएएस की टीम लखनऊ से इसी माह आने की संभावना है, जो तमाम बिंदुओं को भौतिक रूप से देखने के साथ ही उसके रिकॉर्ड का भी आकलन करेगी। मजबूत और विशाल भवन, मिशन कायाकल्प के तहत आईसीयू, ओटी और अन्य विभागों का नवीनीकरण एवं सुंदरीकरण अस्पताल का मजबूत पक्ष माना जा रहा है। प्रतिदिन दो हजार से अधिक मरीजों की ओपीडी और प्रत्येक माह 300 से अधिक सर्जरी भी अस्पताल की छवि को बेहतर बना रही है। यदि अस्पताल किसी स्तर पर कमजोर है तो वह है चिकित्सकों और स्टाफ की कमी, लेकिन चूंकि प्रदेश भर के सरकारी अस्पतालों में यही स्थिति है ऐसे में विभाग इस पर अधिक ध्यान भी नहीं दे रहा है।
जिला अस्पताल ने एनक्यूएएस के प्रमाणपत्र के लिए आवेदन किया है। इन दिनों खामियों को दूर करने और विभागीय स्तर पर डाटा इकट्ठा किया जा रहा है। इसी माह एनक्यूएएस की टीम आकर अस्पताल का भ्रमण कर मानकों की पड़ताल करेगी। जिसके लिए हम पूरी तरह तैयार हैं।
विज्ञापन
डॉ. रमेश चंद्रा, प्रमुख अधीक्षक, एसबीडी जिला अस्पताल।
विज्ञापन
महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य कल्याण ने बीते माह पत्र जारी कर प्रदेश भर के जिला अस्पतालों को एनक्यूएएस प्रमाणीकरण के आदेश दिए थे। जिसके बाद एसबीडी जिला अस्पताल ने आदेशों के अनुपालन में अपनी कार्रवाई शुरू की हुई है। 316 बेड के जिला अस्पताल में कुल 12 विभाग हैं, जिनमें तमाम सुविधाओं और संसाधनों को एनक्यूएएस के मानकों के अनुरूप पूरा किया जा रहा है। प्रत्येक विभाग की अलग फाइल तैयार की जा रही है, जिसमें विभाग में चिकित्सक और स्टाफ की स्थिति, संसाधनों की स्थिति और इलाज के स्तर आदि का डाटा एकत्रित किया जा रहा है। एनक्यूएएस की टीम लखनऊ से इसी माह आने की संभावना है, जो तमाम बिंदुओं को भौतिक रूप से देखने के साथ ही उसके रिकॉर्ड का भी आकलन करेगी। मजबूत और विशाल भवन, मिशन कायाकल्प के तहत आईसीयू, ओटी और अन्य विभागों का नवीनीकरण एवं सुंदरीकरण अस्पताल का मजबूत पक्ष माना जा रहा है। प्रतिदिन दो हजार से अधिक मरीजों की ओपीडी और प्रत्येक माह 300 से अधिक सर्जरी भी अस्पताल की छवि को बेहतर बना रही है। यदि अस्पताल किसी स्तर पर कमजोर है तो वह है चिकित्सकों और स्टाफ की कमी, लेकिन चूंकि प्रदेश भर के सरकारी अस्पतालों में यही स्थिति है ऐसे में विभाग इस पर अधिक ध्यान भी नहीं दे रहा है।
विज्ञापन
जिला अस्पताल ने एनक्यूएएस के प्रमाणपत्र के लिए आवेदन किया है। इन दिनों खामियों को दूर करने और विभागीय स्तर पर डाटा इकट्ठा किया जा रहा है। इसी माह एनक्यूएएस की टीम आकर अस्पताल का भ्रमण कर मानकों की पड़ताल करेगी। जिसके लिए हम पूरी तरह तैयार हैं।
विज्ञापन
डॉ. रमेश चंद्रा, प्रमुख अधीक्षक, एसबीडी जिला अस्पताल।