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अध्यापकाें ने पेश की मिसाल

Wed, 23 Nov 2016 12:10 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर Updated Wed, 23 Nov 2016 12:10 AM IST
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Teacher Presenting the example
प्राथमिक विद्यालय मायापुर रूपपुर का किया गया सुंदरीकरण। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
गांव मायापुर रूपपुर स्थित सरकारी के अध्यापकाें ने अनूठी मिसाल पेश की है। इन अध्यापकाें ने अपने पास से करीब 80 हजार रुपये खर्च कर बच्चों को स्वेटर, जर्सी, जूते, टाई और बेल्ट प्रदान की हैं। स्कूल का सुंदरीकरण भी ऐसा किया है कि कई प्राइवेट स्कूल भी ने कर पाएं। स्कूल पहुंचे जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी स्कूल और बच्चों को देखकर हैरान रह गए। अब वह सभी अध्यापकाें को इनसे सीख लेने की सलाह दे रहे हैं।  
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सढ़ौली कदीम क्षेत्र के गांव मायापुर रूपपुर में प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालय हैं। प्राथमिक विद्यालय में कुल 243 बच्चे पंजीकृत हैं, जिनकी उपस्थिति प्रतिदिन 90 से 95 फीसदी तक रहती है। इसी कैंपस में चल रहे उच्च प्राथमिक स्कूल में 176 बच्चे पंजीकृत हैं। पिछले वर्ष दोनों स्कूलों के अध्यापकाें ने सर्दी के मौसम में देखा किया कि अधिकतर बच्चों पर जूते और स्वेटर नहीं हैं। अध्यापकाें ने अपनी ओर से बच्चों को स्वेटर और जर्सी देने का निर्णय लिया। 
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पिछले वर्ष अध्यापकाें ने आपस में करीब 40 हजार रुपये इकट्ठे कर सभी बच्चों को स्वेटर और जर्सी बांटी। इस बार भी अध्यापकाें ने 419 बच्चों को स्वेटर, जर्सी, जूते, टाई, बेल्ट, लड़कियों को दुपट्टे, आई कार्ड दिए हैं। अब यहां के बच्चे किसी इंग्लिश मीडियम स्कूल से कम नजर नहीं आते हैं। इन सब पर अध्यापकाें के करीब 80 हजार रुपये खर्च हुए हैं। इतना ही नहीं दोनों स्कूलों का सुंदरीकरण किया गया है। 
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 मायापुर रूपपुर के अध्यापक पिछले साल से यह नेक काम कर रहे हैं। मगर उन्होंने कभी भी अपने काम का प्रचार नहीं किया। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी स्कूल पहुंचे तो इसका पता चला। 

प्रधानाध्यापिका दीपा रानी और मित्तो देवी ने बताया कि उन्हें लगता था कि वह अच्छे स्वेटर और जैकेट में स्कूल पहुंचती थीं, मगर जिन बच्चों की वजह से उनकी नौकरी चलती है, वे बच्चे नंगे पांव और बिना स्वेटर के सर्दी में ठिठुरते थे। उन्होंने अपने साथी अध्यापकाें से विचार-विमर्श किया, जिसके बाद सभी ने यह काम किया।

अध्यापकाें का कहना है कि ऐसा करके उन्हें जो आत्मिक सुख मिला, उसका कोई मोल नहीं है। इस काम में सहायक अध्यापक अशोक कुमार, साजिद अली, तसमीम अंसारी, रीना सैनी, सीमा, वंदना और अनुदेशक सुधीर कुमार और इतिका शामिल भी हैं। 


सम्मानित किए जाएंगे अध्यापक  
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी बुद्धप्रिय सिंह ने बताया कि वह अचानक शनिवार को स्कूल पहुंचे थे। स्कूल का नजारा और बच्चों की हालत देखकर वह हैरान रह गए। बताया कि मायापुर रूपपुर के अध्यापक जो कर रहे हैं, ऐसा कम ही लोग कर पाते हैं। उन्होंने सभी अध्यापकाें को सम्मानित करने की बात कही है।  
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