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Saharanpur News: एमएलसी बनवाने का झांसा देकर शिक्षक से 95.65 लाख की ठगी
Sun, 19 Apr 2026 01:03 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Sun, 19 Apr 2026 01:03 AM IST
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सहारनपुर। थाना जनकपुरी क्षेत्र के पुष्पा विहार निवासी शिक्षक ने अपने पड़ोसी मां और बेटे पर एमएलसी बनवाने के नाम पर 95.65 लाख रुपये की ठगी करने का आरोप लगाया है। मामले में एसएसपी के आदेश पर पुलिस ने मां और बेटे के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करते हुए जांच शुरू कर दी है।
जनता रोड पर पुष्पा विहार निवासी प्रदीप कुमार ने तहरीर के माध्यम से बताया कि अनमोल बौद्ध व उसकी मां उर्मिला बौद्ध ने अगस्त 2021 में सरकार में अच्छी पकड़ होने की बात कही थी। बताया था कि अनुसूचित जाति के सरकारी कर्मचारी को एमएलसी नामित कराने की योजना चल रही है। इसके लिए करीब एक करोड़ रुपये खर्च होंगे। विपक्षियों ने पीड़ित को एमएलसी पद के लिए उपयुक्त बताया। इसके बाद अलग-अलग तरह से 95.65 लाख रुपये की धनराशि शिक्षक से ली। निर्धारित समय तक एमएलसी बनाने की प्रक्रिया शुरू नहीं हुई तो विपक्षियों ने और 50 लाख रुपये की मांग कर दी।
शक होने पर पीड़ित ने जांच की तो पता चला कि सरकार की ऐसी कोई योजना ही नहीं है। इसके बाद 24 मार्च 2026 को वह गवाहों के साथ विपक्षियों के घर पहुंचा और रुपये वापस करने को कहा। आरोप है कि विपक्षियों ने रकम लौटाने से मना कर दिया। पीड़ित को झूठे केस और आत्महत्या कर फर्जी आरोप लगाने की धमकी दी गई। इसके बाद उसने पुलिस में शिकायत की। आरोप है कि पुलिस ने आरोपियों के विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं की। इसके बाद उसने एसएसपी से शिकायत की। अब पुलिस ने अनमोल बौद्ध और उसकी मां उर्मिला बौद्ध के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।
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साढ़े तीन साल तक झांसे में रहा शिक्षक
आरोपी मां और बेटे ने शिक्षक से 95.65 लाख रुपये की धनराशि एक साथ नहीं ली, बल्कि रुपये लेने का सिलसिला, 17 सितंबर 2021 से शुरू हुआ जो सात मार्च 2025 यानी पूरे साढे तीन साल तक चलता रहा। शिक्षक का दावा है कि उसने चेक, ऑनलाइन ट्रांजेक्शन, पेटीएम, गूगल-पे, आरटीजीएस और नकद के रूप में 95.65 लाख रुपये दिए।
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-- इनके साथ भी हो चुकी ठगी
- शहर कोतवाली क्षेत्र में किला नवाबगंज निवासी नौशाद से शिक्षा विभाग में नौकरी दिलाने के नाम पर 45 हजार रुपये की ठगी हुई थी।
- थाना कुतुबशेर क्षेत्र में एकता कॉलोनी निवासी मोहम्मद दानिश से मालदीव में नौकरी दिलाने का झांसा देकर एक लाख रुपये की ठगी हुई थी।
- नगर निगम में उद्यान विभाग के लिपिक विवेक मौर्य ने नौकरी दिलाने के नाम पर फर्जी नियुक्ति पत्र देकर बदायूं निवासी युवक से 24 लाख की ठगी की थी। इस मामले में बदायूं के सिविल लाइंस थाने में प्राथमिकी दर्ज हुई थी।
- नगर निगम में नौकरी के नाम पर मनोहरपुर निवासी मदन सैनी से 4.40 लाख रुपये की ठगे थे। इसमें एक महिला लिपिक को निलंबित भी किया गया था।
- देहात कोतवाली क्षेत्र के गांव ढमोला निवासी शादाब से नौकरी के नाम पर एक लाख रुपये की ठगी हुई थी।
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जनता रोड पर पुष्पा विहार निवासी प्रदीप कुमार ने तहरीर के माध्यम से बताया कि अनमोल बौद्ध व उसकी मां उर्मिला बौद्ध ने अगस्त 2021 में सरकार में अच्छी पकड़ होने की बात कही थी। बताया था कि अनुसूचित जाति के सरकारी कर्मचारी को एमएलसी नामित कराने की योजना चल रही है। इसके लिए करीब एक करोड़ रुपये खर्च होंगे। विपक्षियों ने पीड़ित को एमएलसी पद के लिए उपयुक्त बताया। इसके बाद अलग-अलग तरह से 95.65 लाख रुपये की धनराशि शिक्षक से ली। निर्धारित समय तक एमएलसी बनाने की प्रक्रिया शुरू नहीं हुई तो विपक्षियों ने और 50 लाख रुपये की मांग कर दी।
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शक होने पर पीड़ित ने जांच की तो पता चला कि सरकार की ऐसी कोई योजना ही नहीं है। इसके बाद 24 मार्च 2026 को वह गवाहों के साथ विपक्षियों के घर पहुंचा और रुपये वापस करने को कहा। आरोप है कि विपक्षियों ने रकम लौटाने से मना कर दिया। पीड़ित को झूठे केस और आत्महत्या कर फर्जी आरोप लगाने की धमकी दी गई। इसके बाद उसने पुलिस में शिकायत की। आरोप है कि पुलिस ने आरोपियों के विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं की। इसके बाद उसने एसएसपी से शिकायत की। अब पुलिस ने अनमोल बौद्ध और उसकी मां उर्मिला बौद्ध के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।
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साढ़े तीन साल तक झांसे में रहा शिक्षक
आरोपी मां और बेटे ने शिक्षक से 95.65 लाख रुपये की धनराशि एक साथ नहीं ली, बल्कि रुपये लेने का सिलसिला, 17 सितंबर 2021 से शुरू हुआ जो सात मार्च 2025 यानी पूरे साढे तीन साल तक चलता रहा। शिक्षक का दावा है कि उसने चेक, ऑनलाइन ट्रांजेक्शन, पेटीएम, गूगल-पे, आरटीजीएस और नकद के रूप में 95.65 लाख रुपये दिए।
- शहर कोतवाली क्षेत्र में किला नवाबगंज निवासी नौशाद से शिक्षा विभाग में नौकरी दिलाने के नाम पर 45 हजार रुपये की ठगी हुई थी।
- थाना कुतुबशेर क्षेत्र में एकता कॉलोनी निवासी मोहम्मद दानिश से मालदीव में नौकरी दिलाने का झांसा देकर एक लाख रुपये की ठगी हुई थी।
- नगर निगम में उद्यान विभाग के लिपिक विवेक मौर्य ने नौकरी दिलाने के नाम पर फर्जी नियुक्ति पत्र देकर बदायूं निवासी युवक से 24 लाख की ठगी की थी। इस मामले में बदायूं के सिविल लाइंस थाने में प्राथमिकी दर्ज हुई थी।
- नगर निगम में नौकरी के नाम पर मनोहरपुर निवासी मदन सैनी से 4.40 लाख रुपये की ठगे थे। इसमें एक महिला लिपिक को निलंबित भी किया गया था।
- देहात कोतवाली क्षेत्र के गांव ढमोला निवासी शादाब से नौकरी के नाम पर एक लाख रुपये की ठगी हुई थी।