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Saharanpur News: 12,500 रुपये था कर, जीआईएस सर्वे के बाद हुआ 3.29 लाख
Wed, 09 Jul 2025 12:10 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Wed, 09 Jul 2025 12:10 AM IST
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सहारनपुर। दिल्ली रोड एक प्रतिष्ठान पर पहले गृहकर एवं जलकर 12,500 रुपये था, लेकिन जीआईएस सर्वे के बाद नगर निगम ने दुकानदार को 3.29 लाख रुपये का नोटिस भेजा गया है। इतने टैक्स को लेकर दुकान स्वामी सदमे में है। नगर निगम में आपत्ति भी दर्ज करा चुके हैं, लेकिन अभी तक निस्तारण नहीं हुआ है। ऐसे ही कई व्यापारी और उद्यमी हैं, जिनके प्रतिष्ठानों का गृहकर एवं जलकर दस से 20 गुणा तक बढ़ा है।
महानगर में अभी तक 2015 में हुए सर्वे के आधार गृहकर एवं जलकर लगा आ रहा था। अब सरकार ने जीआईएस (भौगोलिक सूचना प्रणाली) सर्वे कराया है। इसके बाद गृहकर एवं जलकर दस से 20 गुणा तक बढ़ा है। प्रतिष्ठानों यानी व्यावसायिक भवनों पर इसकी मार और अधिक पड़ी है।
सर्वे के बाद नगर निगम द्वारा सबसे पहले व्यापारियों और उद्यमियों को ही नोटिस भेजे गए थे। यही वजह रही कि व्यापारियों और उद्यमियों ने सैकड़ों की संख्या में नगर निगम पहुंचकर हंगामा किया था। इसके बाद से व्यापारी और उद्यमी लगातार अलग-अलग तरह से अपना विरोध दर्ज करा रहे हैं, साथ ही बड़ी संख्या में बढ़े टैक्स को लेकर आपत्तियां भी नगर निगम में दर्ज कराई जा रही हैं।
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इनमें से कुछ का निस्तारण किया जा चुका है, जबकि ज्यादातर आपत्तियां लंबित हैं। इसे लेकर भी व्यापारियों में नाराजगी है। व्यापारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जीआईएस सर्वे वापस नहीं होता है या इसके नाम पर किसी का उत्पीड़न किया जाता है तो तमाम व्यापारी प्रतिष्ठान बंद कर चाबियां नगर निगम को सौंपने का काम करेंगे।
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महानगर में अभी तक 2015 में हुए सर्वे के आधार गृहकर एवं जलकर लगा आ रहा था। अब सरकार ने जीआईएस (भौगोलिक सूचना प्रणाली) सर्वे कराया है। इसके बाद गृहकर एवं जलकर दस से 20 गुणा तक बढ़ा है। प्रतिष्ठानों यानी व्यावसायिक भवनों पर इसकी मार और अधिक पड़ी है।
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सर्वे के बाद नगर निगम द्वारा सबसे पहले व्यापारियों और उद्यमियों को ही नोटिस भेजे गए थे। यही वजह रही कि व्यापारियों और उद्यमियों ने सैकड़ों की संख्या में नगर निगम पहुंचकर हंगामा किया था। इसके बाद से व्यापारी और उद्यमी लगातार अलग-अलग तरह से अपना विरोध दर्ज करा रहे हैं, साथ ही बड़ी संख्या में बढ़े टैक्स को लेकर आपत्तियां भी नगर निगम में दर्ज कराई जा रही हैं।
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इनमें से कुछ का निस्तारण किया जा चुका है, जबकि ज्यादातर आपत्तियां लंबित हैं। इसे लेकर भी व्यापारियों में नाराजगी है। व्यापारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जीआईएस सर्वे वापस नहीं होता है या इसके नाम पर किसी का उत्पीड़न किया जाता है तो तमाम व्यापारी प्रतिष्ठान बंद कर चाबियां नगर निगम को सौंपने का काम करेंगे।