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Saharanpur News: जीआईएस सर्वे से टैक्स में हुई वृद्धि, फिर भी वसूली 60 फीसदी घटी
Wed, 08 Jul 2026 01:19 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Wed, 08 Jul 2026 01:19 AM IST
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सहारनपुर। जीआईएस सर्वे में टैक्स वृद्धि हुई है, लेकिन वसूली 60 फीसदी से अधिक घट गई है। इसे लेकर गृहकर एवं जलकर अनुभाग की कार्यप्रणाली पर प्रश्न चिह्न लग रहा है।
प्रदेश सरकार ने करोड़ों रुपये खर्च कर महानगर का जीआईएस (जियोग्राफिकल इंफॉर्मेशन सिस्टम) सर्वे कराया है। इसके बाद टैक्स कई गुना तक बढ़ गया है। इसे लेकर व्यापारी और उद्यमी विरोध जता चुके हैं, जिसके बाद स्वकर प्रणाली अपनाई गई थी। इसके बाद मार्च 2026 से पहले 72 हजार आवासीय भवनों को जीआईएस सर्वे आधारित नोटिस/बिल जारी किए गए थे। इन्हें भी बिल के साथ स्वकर प्रपत्र भेजा गया था। आवासीय भवनों के टैक्स में भी वृद्धि हुई थी। ऐसे में नए वित्तीय वर्ष 2026-27 में आय बढ़नी चाहिए थी, लेकिन पहले तीन महीनों यानी अप्रैल, मई और जून में बीते वर्ष की तुलना में वसूली 60 फीसदी से अधिक तक घटी है।
तीन महीने से बंद है पोर्टल, नहीं जारी हो रहे बिल
नगर निगम के गृहकर एवं जलकर अनुभाग के सूत्रों ने बताया कि प्रदेश सरकार ने जीआईएस सर्वे करने वाली फर्म का भुगतान नहीं किया है। ऐसे में उसने पोर्टल बंद किया हुआ है। पोर्टल मार्च में बंद किया गया था, जो तीन महीने से खुला नहीं है। ऐसे में नगर निगम जीआईएस सर्वे आधारित नए बिल जारी नहीं कर पा रहा है। पूर्व की तरह 1.72 लाख सामान्य बिल जारी किए जा रहे हैं।
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जीआईएस सर्वे के अनुसार संपत्तियां
कुल संपत्ति-- -- -- -- -2.13 लाख
आवासीय संपत्ति-- -- -- 1.43 लाख
व्यावसायिक संपत्ति-- -- 38 हजार
अन्य संपत्ति-- -- -- -- -32 हजार
पिछड़ने के बाद भी सबक नहीं
वित्तीय वर्ष 2025-26 में राजस्व वसूली में सहारनपुर पिछड़ा है। प्रदेश के 17 नगर निगमों में सहारनपुर इस बार 16वें स्थान पर रहा है। इससे पहले वर्ष 2024-25 में भी यही हाल रहा था। इसके बावजूद टैक्स वसूली को लेकर गंभीरता नहीं है।
पोर्टल बंद है, जिसको खुलवाने की कवायद चल रही है। इसी वजह से जीआईएस सर्वे आधारित बिल नहीं जारी हो पा रहे हैं, लेकिन पूर्व की तरह सामान्य 1.72 लाख बिल जारी किए गए हैं। तीन महीने में वसूली कम होने की बात गलत है।
- सुधीर शर्मा, कर अधीक्षक
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प्रदेश सरकार ने करोड़ों रुपये खर्च कर महानगर का जीआईएस (जियोग्राफिकल इंफॉर्मेशन सिस्टम) सर्वे कराया है। इसके बाद टैक्स कई गुना तक बढ़ गया है। इसे लेकर व्यापारी और उद्यमी विरोध जता चुके हैं, जिसके बाद स्वकर प्रणाली अपनाई गई थी। इसके बाद मार्च 2026 से पहले 72 हजार आवासीय भवनों को जीआईएस सर्वे आधारित नोटिस/बिल जारी किए गए थे। इन्हें भी बिल के साथ स्वकर प्रपत्र भेजा गया था। आवासीय भवनों के टैक्स में भी वृद्धि हुई थी। ऐसे में नए वित्तीय वर्ष 2026-27 में आय बढ़नी चाहिए थी, लेकिन पहले तीन महीनों यानी अप्रैल, मई और जून में बीते वर्ष की तुलना में वसूली 60 फीसदी से अधिक तक घटी है।
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तीन महीने से बंद है पोर्टल, नहीं जारी हो रहे बिल
नगर निगम के गृहकर एवं जलकर अनुभाग के सूत्रों ने बताया कि प्रदेश सरकार ने जीआईएस सर्वे करने वाली फर्म का भुगतान नहीं किया है। ऐसे में उसने पोर्टल बंद किया हुआ है। पोर्टल मार्च में बंद किया गया था, जो तीन महीने से खुला नहीं है। ऐसे में नगर निगम जीआईएस सर्वे आधारित नए बिल जारी नहीं कर पा रहा है। पूर्व की तरह 1.72 लाख सामान्य बिल जारी किए जा रहे हैं।
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जीआईएस सर्वे के अनुसार संपत्तियां
कुल संपत्ति
आवासीय संपत्ति
व्यावसायिक संपत्ति
अन्य संपत्ति
पिछड़ने के बाद भी सबक नहीं
वित्तीय वर्ष 2025-26 में राजस्व वसूली में सहारनपुर पिछड़ा है। प्रदेश के 17 नगर निगमों में सहारनपुर इस बार 16वें स्थान पर रहा है। इससे पहले वर्ष 2024-25 में भी यही हाल रहा था। इसके बावजूद टैक्स वसूली को लेकर गंभीरता नहीं है।
पोर्टल बंद है, जिसको खुलवाने की कवायद चल रही है। इसी वजह से जीआईएस सर्वे आधारित बिल नहीं जारी हो पा रहे हैं, लेकिन पूर्व की तरह सामान्य 1.72 लाख बिल जारी किए गए हैं। तीन महीने में वसूली कम होने की बात गलत है।
- सुधीर शर्मा, कर अधीक्षक