{"_id":"859f1eb7acfa4d2184b9fb5c283cc1d0","slug":"survey-for-smart-city-will-start-from-one-october-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"एक अक्तूबर से शुरू होगा स्मार्ट सिटी के लिए सर्वे ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एक अक्तूबर से शुरू होगा स्मार्ट सिटी के लिए सर्वे
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Fri, 25 Sep 2015 12:30 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पीएम नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी स्मार्ट सिटी योजना में शामिल सहारनपुर में शहरी विकास मंत्रालय से तय कंसलटेंट सॉसटेक एक अक्तूबर से सर्वे शुरू कर देगी। इस टीम में कंपनी के अलावा शहरी विकास मंत्रालय, वर्ल्ड बैंक सहित अलग-अलग क्षेत्रों के विशेषज्ञ शामिल होंगे।
दो महीने के सर्वे में यह टीम शहर में विकास की संभावनाएं तलाशेगी और इसका डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करेगी। कुल मिलाकर अगर सहारनपुर का चयन पहली सूची के 20 शहरों में होता है तो एक जनवरी 2016 को शहर के विकास के लिए 200 करोड़ जारी हो जाएंगे।
इतना ही नहीं, केन्द्र सरकार निजी समूहों से शहर में चार हजार करोड़ रुपये का निवेश भी इसी दौरान सुनिश्चित कर देगी।
दरअसल, शहरी विकास मंत्रालय से कंसलटेंट तय होने के बाद सर्वे को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो पा रही थी। शासन ने स्मार्ट सिटी में चयनित शहरों के नगरायुक्तों को कंसलटेंट कंपनी से करार के लिए लखनऊ बुलाया है। ईद-उल-जुहा के चलते सहारनपुर का करार अब अगले सप्ताह कंसलटेंट से होगा।
विज्ञापन
इसके बाद एक अक्तूबर से शहर में विकास की संभावनाएं और स्मार्ट सिटी के मानकों पर टीम का सर्वे शुरू हो जाएगा। इसमें ट्रैफिक को सुचारु करने के विकल्प, मूलभूत जरूरतों की पूर्ति यूनिट में, सड़कों से भीड़ को कम करने के उपाय आदि तलाशे जाएंगे। इसके अलावा शहर की साफ-सफाई आदि को भी सर्वे में शामिल किया जाएगा।
यह सर्वे दो महीने में पूरा होगा। इसके बाद कंसलटेंट कंपनी पूरे सर्वे का डीपीआर तैयार करेगी। दिसंबर में डीपीआर शहरी विकास मंत्रालय को सौंपा जाएगा और एक टीम उस सर्वे का सत्यापन करेगी। इसके बाद पहली सूची के 20 शहरों का चयन सर्वे की रिपोर्ट के आधार पर कर लिया जाएगा।
इसके बाद 100 करोड़ रुपये केन्द्र और 100 करोड़ रुपये प्रदेश सरकार जारी करेगी। शहर के विकास में भागीदार बनने के लिए निजी कंपनियों को भी जोड़ा जाएगा। केन्द्र सरकार पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप के जरिए चार हजार करोड़ का निवेश भी कराएगी।
यूनिट में होगा शहर का विकास
स्मार्ट सिटी के तहत शहर को कई यूनिट में विभाजित कर दिया जाएगा। इसमें यूनिट के हिसाब से विकास का मसौदा तैयार किया जाएगा। इसके तहत यह योजना तैयार की जाएगी कि उस यूनिट में रहने वाले की रोजमर्रा की जरूरतें वहीं पूरी हो जाए। इसके अलावा शहर की सड़कों पर पब्लिक ट्रांसपोर्ट के जरिए वाहनों की संख्या को भी कम करने योजना है। इसके अलावा बिजली की लाइनों को अंडरग्राउंड करने के अलावा अन्य सुविधाओं पर काम होगा।
जागरूकता अभियान चलाएगा नगर निगम
स्मार्ट सिटी पर बने संशय को दूर करने के लिए नगर निगम शहर में जागरूकता अभियान भी चलाएगा। इसमें शहर में 25 सदस्यीय कमेटी का गठन किया जाएगा। यह टीम शहर के अलग-अलग हिस्सों में सक्रिय होकर स्मार्ट सिटी के बारे में लोगों को समझाएगी। ताकि इस पर बने संशय को दूर किया जा सके और लोगों को विकास से जोड़ा जा सके।
कंसलटेंट कंपनी से करार के लिए 24 सितंबर की तिथि तय थी। मगर, ईदउल जुहा के चलते अब अगले सप्ताह की तिथि शासन से मिलेगी। एक अक्तूबर से शहर का सर्वे शुरू होगा और पहली सूची में शामिल हुआ तो एक जनवरी से बजट भी जारी हो जाएगा।
डॉ. नीरज शुक्ला, नगरायुक्त
विज्ञापन
दो महीने के सर्वे में यह टीम शहर में विकास की संभावनाएं तलाशेगी और इसका डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करेगी। कुल मिलाकर अगर सहारनपुर का चयन पहली सूची के 20 शहरों में होता है तो एक जनवरी 2016 को शहर के विकास के लिए 200 करोड़ जारी हो जाएंगे।
विज्ञापन
इतना ही नहीं, केन्द्र सरकार निजी समूहों से शहर में चार हजार करोड़ रुपये का निवेश भी इसी दौरान सुनिश्चित कर देगी।
दरअसल, शहरी विकास मंत्रालय से कंसलटेंट तय होने के बाद सर्वे को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो पा रही थी। शासन ने स्मार्ट सिटी में चयनित शहरों के नगरायुक्तों को कंसलटेंट कंपनी से करार के लिए लखनऊ बुलाया है। ईद-उल-जुहा के चलते सहारनपुर का करार अब अगले सप्ताह कंसलटेंट से होगा।
विज्ञापन
इसके बाद एक अक्तूबर से शहर में विकास की संभावनाएं और स्मार्ट सिटी के मानकों पर टीम का सर्वे शुरू हो जाएगा। इसमें ट्रैफिक को सुचारु करने के विकल्प, मूलभूत जरूरतों की पूर्ति यूनिट में, सड़कों से भीड़ को कम करने के उपाय आदि तलाशे जाएंगे। इसके अलावा शहर की साफ-सफाई आदि को भी सर्वे में शामिल किया जाएगा।
यह सर्वे दो महीने में पूरा होगा। इसके बाद कंसलटेंट कंपनी पूरे सर्वे का डीपीआर तैयार करेगी। दिसंबर में डीपीआर शहरी विकास मंत्रालय को सौंपा जाएगा और एक टीम उस सर्वे का सत्यापन करेगी। इसके बाद पहली सूची के 20 शहरों का चयन सर्वे की रिपोर्ट के आधार पर कर लिया जाएगा।
इसके बाद 100 करोड़ रुपये केन्द्र और 100 करोड़ रुपये प्रदेश सरकार जारी करेगी। शहर के विकास में भागीदार बनने के लिए निजी कंपनियों को भी जोड़ा जाएगा। केन्द्र सरकार पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप के जरिए चार हजार करोड़ का निवेश भी कराएगी।
यूनिट में होगा शहर का विकास
स्मार्ट सिटी के तहत शहर को कई यूनिट में विभाजित कर दिया जाएगा। इसमें यूनिट के हिसाब से विकास का मसौदा तैयार किया जाएगा। इसके तहत यह योजना तैयार की जाएगी कि उस यूनिट में रहने वाले की रोजमर्रा की जरूरतें वहीं पूरी हो जाए। इसके अलावा शहर की सड़कों पर पब्लिक ट्रांसपोर्ट के जरिए वाहनों की संख्या को भी कम करने योजना है। इसके अलावा बिजली की लाइनों को अंडरग्राउंड करने के अलावा अन्य सुविधाओं पर काम होगा।
जागरूकता अभियान चलाएगा नगर निगम
स्मार्ट सिटी पर बने संशय को दूर करने के लिए नगर निगम शहर में जागरूकता अभियान भी चलाएगा। इसमें शहर में 25 सदस्यीय कमेटी का गठन किया जाएगा। यह टीम शहर के अलग-अलग हिस्सों में सक्रिय होकर स्मार्ट सिटी के बारे में लोगों को समझाएगी। ताकि इस पर बने संशय को दूर किया जा सके और लोगों को विकास से जोड़ा जा सके।
कंसलटेंट कंपनी से करार के लिए 24 सितंबर की तिथि तय थी। मगर, ईदउल जुहा के चलते अब अगले सप्ताह की तिथि शासन से मिलेगी। एक अक्तूबर से शहर का सर्वे शुरू होगा और पहली सूची में शामिल हुआ तो एक जनवरी से बजट भी जारी हो जाएगा।
डॉ. नीरज शुक्ला, नगरायुक्त