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सबसे ठंडी रही रविवार की रात
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Tue, 10 Jan 2017 01:26 AM IST
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मुसीबत ः घने कोहरे के कारण विजीबिलिटी कम होने के कारण हेडलाइट जलाकर गुजरते वाहन।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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दो दिन की बारिश के बाद सोमवार को फिर से कोहरा लौट आया। इससे पहले रविवार की रात सीजन की सबसे ठंडी रही। ठंड से लोगों के हाड़ कांप उठे। न्यूनतम तापमान गिरकर एक डिग्री तक चला गया, जबकि धूप निकलने के कारण अधिकतम तापमान 15 डिग्री सेल्सियस रहा।
तीन दिन पहले जनपद में हुई झमाझम बारिश और ओलावृष्टि से ठंड एक बार फिर लौट आई है। इतना ही नहीं, सोमवार की सुबह मौसम में भारी कोहरा रहा। कोहरे के कारण सड़क यातायात प्रभावित रहा। हालांकि दस बजे के बाद धूप निकल आई।
सोमवार को न्यूनतम तापमान एक डिग्री और अधिकतम तापमान 15 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मगर, उससे पहले रविवार की रात सीजन की सबसे ठंडी रात रही। उधर, बारिश के बाद से किसानों के चेहरे खिले हुए हैं। किसानों का कहना है कि बारिश से गेहूं की फसल पर रंग आ गया है। उधर, निराश्रित और बेघर लोगों को ठंड से बचाने के लिए नगर निगम की ओर से प्रत्येक वर्ष अलाव और रैन बसेरों की व्यवस्था की जाती है।
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इस बार नगर निगम ने व्यवस्था जरूर की है, मगर वह नाकाफी है। रेलवे स्टेशन के बाहर बने अस्थाई रैन बसेरे में रात में पैर रखने तक की जगह नहीं रहती। पर्याप्त मात्रा में अलाव की लकड़ी भी नहीं पहुंच रही है।
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तीन दिन पहले जनपद में हुई झमाझम बारिश और ओलावृष्टि से ठंड एक बार फिर लौट आई है। इतना ही नहीं, सोमवार की सुबह मौसम में भारी कोहरा रहा। कोहरे के कारण सड़क यातायात प्रभावित रहा। हालांकि दस बजे के बाद धूप निकल आई।
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सोमवार को न्यूनतम तापमान एक डिग्री और अधिकतम तापमान 15 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मगर, उससे पहले रविवार की रात सीजन की सबसे ठंडी रात रही। उधर, बारिश के बाद से किसानों के चेहरे खिले हुए हैं। किसानों का कहना है कि बारिश से गेहूं की फसल पर रंग आ गया है। उधर, निराश्रित और बेघर लोगों को ठंड से बचाने के लिए नगर निगम की ओर से प्रत्येक वर्ष अलाव और रैन बसेरों की व्यवस्था की जाती है।
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इस बार नगर निगम ने व्यवस्था जरूर की है, मगर वह नाकाफी है। रेलवे स्टेशन के बाहर बने अस्थाई रैन बसेरे में रात में पैर रखने तक की जगह नहीं रहती। पर्याप्त मात्रा में अलाव की लकड़ी भी नहीं पहुंच रही है।