फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Saharanpur News ›   Sugarcane yield increased by 381 quintals per hectare in ten years

दस वर्षों में 381 क्विंटल प्रति हेक्टेयर बढी गन्ने की उत्पादकता

Sun, 12 Jun 2022 11:42 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 12 Jun 2022 11:42 PM IST
विज्ञापन
Sugarcane yield increased by 381 quintals per hectare in ten years
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

सहारनपुर। जनपद में किए गन्ना बीज एवं प्रजाति में बदलाव तथा बुआई की ट्रेंच विधि किसानों के लिए वरदान साबित हुई है। इसके चलते दस वर्षों में जनपद में गन्ने की उत्पादकता में 381 क्विंटल प्रति हेक्टेयर की बढ़ोतरी हुई है।
जनपद में गन्ना फसल को लेकर किसानों में जागरूकता बढ़ी है। वर्ष 2012-13 में जनपद में गन्ने की उत्पादकता 570.16 क्विंटल प्रति हेक्टेयर थी। वह 2021-22 में बढ़कर 951.72 क्विंटल हो गई। इसके पीछे गन्ने की नई प्रजातियों खासतौर पर कोशा -0238 का अहम योगदान है। इसके अतिरिक्त बुआई की ट्रेंच विधि और शरदकालीन गन्ने की अधिक बुआई से भी उत्पादकता बढ़ाने में योगदान दिया है।
विज्ञापन

जनपद में गन्ना क्षेत्रफल के 98 प्रतिशत गन्ना कोशा- 0238 प्रजाति का है। हालांकि अब किसानों ने कुछ नई किस्मों की बुआई का क्षेत्रफल बढ़ाया है। इनमें कोशा-13235, को-15023, को-0118 और कोलक-14201 आदि उन्नतशील प्रजातियां शामिल हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

बोले किसान
गन्ना बुआई की ट्रेच विधि और गन्ने की कोशा- 0238 जैसे उन्नतशील प्रजाति ने जनपद में गन्ने की उत्पादकता को बढ़ाने में महत्पूर्ण योगदान है। इसके अतिरिक्त किसान भी गन्ने की खेती के प्रति अधिक जागरूक हुए हैं। समय से रोगों एवं कीटों का प्रबंधन और नई तकनीक का प्रयोग होने से जनपद में गन्ने की उत्पादकता बढ़ी है।-पदमश्री सेठपाल सिंह, प्रगतिशील किसान ग्राम नंदी
किसानों की मेहनत रंग लाई
गन्ने की उत्पादकता बढाने में किसानों की कडी मेहनत का बडा योगदान है। इसके अलावा उन्नतशील प्रजातियों की बुआई का रकबा बढने और समय पर कीटनाशकों और पौषक तत्वों का उपयोग करने से भी गन्ने की उत्पादकता बढी है। असौजी गन्ने का क्षेत्रफल बढ़ने का भी उत्पादकता बढ़ाने में खासी भूमिका है।-मदन सिंह, प्रगतिशील किसान, गांव महेशपुर

वर्जन
गन्ना विभाग लगातार किसानों को उन्नतशील प्रजातियां और नई तकनीकी का प्रयोग करने के लिए जागरूक करता है। विभाग के अधिकारी और कर्मचारी गोष्ठियों के माध्यम से किसानों को गन्ने की उत्तम खेती करने के लिए न सिर्फ टिप्स देते हैं बल्कि प्रेरित भी करते हैं। इसके चलते दस वर्षो में जनपद में गन्ने की उत्पादकता में 381 क्विंटल प्रति हेक्टेयर की वृद्घि हुई है। -- डॉक्टर आरडी द्विवेदी, जिला गन्ना अधिकारी।
जनपद में गन्ने की उत्पादकता प्रति हेक्टेयर
वर्ष उत्पादकता
2012-13 570.16 क्विंटल
2013-14 622.88 क्विंटल
2014- 15 618.00 क्विंटल
2015- 16 658.56 क्विंटल
2016 -17 667.48 क्विंटल
2017 - 18 701.92 क्विंटल
2018 - 19 732.36 क्विंटल
2019 - 20 774.68 क्विंटल
2020 - 21 832.90 क्विंटल
2021 - 22 951.72 क्विंटल
नोट: गन्ना विभाग के आंकडों के अनुसार
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed