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बकाया भुगतान में कोताही से फीकी रह सकती है गन्ना किसानों की दीवाली
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सहारनपुर। त्योहारी सीजन शुरू होने के बावजूद किसान बकाया गन्ना मूल्य पाने के लिए तरस रहे हैं। मंडल की शुगर मिलों पर किसानों के अभी भी 748 करोड़ रुपये से अधिक बकाया हैं। बकाया गन्ना मूल्य के भुुगतान की रफ्तार को देखते हुए नहीं लगता है कि दीपावली से पहले पूरा गन्ना मूल्य भुगतान हो जाएगा। ऐसे में किसानों की दीवाली फीकी रहने की आशंका बनी हुई है। हालांकि गन्ना विभाग 31 अक्तूबर तक पूरा गन्ना मूल्य का भुगतान कराने की कवायद में जुटा है।
करवा चौथ, अहोई, धनतेरस, दीवाली, भैया दूज आदि त्योहार नजदीक आ गए हैं और नया पेराई सत्र के शुरू होने में भी एक माह से भी कम समय है। इसके बावजूद अभी भी किसान गत सीजन का बकाया गन्ना मूल्य भुगतान पाने के लिए तरस रहे हैं। ऐसे में किसानों के त्योहार फीके रहने की आशंका है। हालांकि गन्ना विभाग की तमाम कोशिश 31 अक्तूबर तक पूरा बकाया भुगतान कराने की है। इसके लिए उन्होंने चीनी मिलों के प्रबंधन से भुगतान की कार्ययोजना भी मांग रखी है। साथ ही प्रबंधन पर भुगतान के लिए दबाव बनाया हुआ है। गन्ना मिल में सप्लाई करने के 14 दिनों के अंदर गन्ना मूल्य का भुगतान करने का नियम है। इसके बाद भुगतान होने पर किसानों को 15 प्रतिशत की दर से बकाया पर ब्याज देने का प्रावधान गन्ना खरीद एक्ट में है। इसके बावजूद भी शुगर मिलें गन्ना मूल्य भुगतान को समय पर करने में कोताही बरतती हैं। मंडल की शुगर मिलों पर अब भी लगभग 748.30 करोड़ रुपये बकाया हैं। उप गन्ना आयुक्त डॉक्टर दिनेश्वर मिश्र ने बताया कि 31 अक्तूबर तक पूरे बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान करा दिया जाएगा। इसके लिए चीनी मिलों के प्रबंधन पर दबाव बनाया हुआ है।
आंकड़ों की नजर में मंडल में बकाया गन्ना मूल्य
जनपद---------गन्ना आपूर्ति कर्ता किसान--------बकाया
सहारनपुर-----------139504----------------------226.65 करोड़ रुपये
मुजफ्फरनगर-------230064----------------------213.98 करोड़ रुपये
शामली----------------85455----------------------307.66 करोड रुपये
---गन्ना विभाग के नौ अक्तूबर के आंकड़ों के अनुसार।
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करवा चौथ, अहोई, धनतेरस, दीवाली, भैया दूज आदि त्योहार नजदीक आ गए हैं और नया पेराई सत्र के शुरू होने में भी एक माह से भी कम समय है। इसके बावजूद अभी भी किसान गत सीजन का बकाया गन्ना मूल्य भुगतान पाने के लिए तरस रहे हैं। ऐसे में किसानों के त्योहार फीके रहने की आशंका है। हालांकि गन्ना विभाग की तमाम कोशिश 31 अक्तूबर तक पूरा बकाया भुगतान कराने की है। इसके लिए उन्होंने चीनी मिलों के प्रबंधन से भुगतान की कार्ययोजना भी मांग रखी है। साथ ही प्रबंधन पर भुगतान के लिए दबाव बनाया हुआ है। गन्ना मिल में सप्लाई करने के 14 दिनों के अंदर गन्ना मूल्य का भुगतान करने का नियम है। इसके बाद भुगतान होने पर किसानों को 15 प्रतिशत की दर से बकाया पर ब्याज देने का प्रावधान गन्ना खरीद एक्ट में है। इसके बावजूद भी शुगर मिलें गन्ना मूल्य भुगतान को समय पर करने में कोताही बरतती हैं। मंडल की शुगर मिलों पर अब भी लगभग 748.30 करोड़ रुपये बकाया हैं। उप गन्ना आयुक्त डॉक्टर दिनेश्वर मिश्र ने बताया कि 31 अक्तूबर तक पूरे बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान करा दिया जाएगा। इसके लिए चीनी मिलों के प्रबंधन पर दबाव बनाया हुआ है।
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आंकड़ों की नजर में मंडल में बकाया गन्ना मूल्य
जनपद---------गन्ना आपूर्ति कर्ता किसान--------बकाया
सहारनपुर-----------139504----------------------226.65 करोड़ रुपये
मुजफ्फरनगर-------230064----------------------213.98 करोड़ रुपये
शामली----------------85455----------------------307.66 करोड रुपये
---गन्ना विभाग के नौ अक्तूबर के आंकड़ों के अनुसार।