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Saharanpur News: जिले में 380 करोड़ रुपये की चीनी का उत्पादन कम होगा
Sat, 13 Apr 2024 12:54 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Sat, 13 Apr 2024 12:54 AM IST
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सहारनपुर। विपरीत मौसम, अतिवृष्टि और लाल सड़न सहित अन्य रोगों का गन्ना प्रजाति को-0238 में बढ़े प्रकोप ने इस बार गन्ना उत्पादन को प्रभावित किया है। इसके चलते गत वर्ष की अपेक्षा इस बार जनपद में न सिर्फ 99.91 लाख क्विंटल गन्ने का कम रहेगा। चीनी उत्पादन में भी करीब 9.98 लाख क्विंटल कमी रहने का अनुमान है। जो करीब 380 करोड़ रुपये बैठती है।
जनपद की आठ चीनी मिलों में से देवबंद को छोड़कर अन्य शुगर मिल अपना पेराई सत्र समाप्त कर चुकी हैं। देवबंद मिल के भी एक दो दिन में बंद होने की उम्मीद है। गन्ने की उत्पादकता में कमी आने के चलते चीनी मिलों में गन्ना पेराई भी कम हुई है। गन्ना प्रजाति को-0238 पर इस बार लाल सड़न से लेकर अन्य रोगों से प्रभावित रही है। जनपद में इस प्रजाति का रकबा कुल क्षेत्रफल का 90 प्रतिशत से अधिक है। इसके अलावा जनपद में अतिवृष्टि एवं बाढ़ के चलते भी करीब सात हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल प्रभावित हुआ है। इसका गन्ना उत्पादन पर विपरीत असर पड़ा है। गत सीजन में जहां जिले की चीनी मिलों को 539.96 लाख क्विंटल गन्ना मिला था वहीं इस बार अब तक यह आंकड़ा 439.85 लाख क्विंटल तक पहुंचा है। चीनी मिलों ने इस बार करीब 99.91 लाख क्विंटल कम गन्ने की पेराई की है। इससे चीनी के उत्पादन में भी 9.98 लाख क्विंटल कम होने का अनुमान है।
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- जिले में देवबंद को छोड़कर अन्य सातों चीनी मिलें बंद हो चुकी हैं। इस बार चीनी मिलों को मिलने वाले गन्ने में 99.91 लाख क्विंटल कम रह सकता है। जिससे चीनी के उत्पादन में 9.98 लाख क्विंटल कमी रहने का अनुमान है। जो करीब 380 करोड़ रुपये की बैठती है। सही स्थिति देवबंद चीनी मिल के पेराई सत्र समाप्त होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
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-- सुशील कुमार, जिला गन्ना अधिकारी।
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-- गत पांच वर्षों का गन्ना रकबा (हेक्टेयर) एवं गन्ना पेराई लाख (क्विंटल) में --
पेराई सत्र-- -- -- -- - गन्ना रकबा -- -- -- - गन्ना पेराई
2019-20-- -- -- -- -100384 -- -- -- -- -- 517.38
2020-21-- -- -- -- -107084 -- -- -- -- -- 508.30
2021-22-- -- -- -- - 115900 -- -- -- -- - 530.71
2022-23-- -- -- -- - 121525 -- -- -- -- - 539.76
2023-24-- -- -- -- - 121786 -- -- -- -- - 439 (अब तक)
नोट : गन्ना विभाग के आंकड़ों के अनुसार।
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जनपद की आठ चीनी मिलों में से देवबंद को छोड़कर अन्य शुगर मिल अपना पेराई सत्र समाप्त कर चुकी हैं। देवबंद मिल के भी एक दो दिन में बंद होने की उम्मीद है। गन्ने की उत्पादकता में कमी आने के चलते चीनी मिलों में गन्ना पेराई भी कम हुई है। गन्ना प्रजाति को-0238 पर इस बार लाल सड़न से लेकर अन्य रोगों से प्रभावित रही है। जनपद में इस प्रजाति का रकबा कुल क्षेत्रफल का 90 प्रतिशत से अधिक है। इसके अलावा जनपद में अतिवृष्टि एवं बाढ़ के चलते भी करीब सात हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल प्रभावित हुआ है। इसका गन्ना उत्पादन पर विपरीत असर पड़ा है। गत सीजन में जहां जिले की चीनी मिलों को 539.96 लाख क्विंटल गन्ना मिला था वहीं इस बार अब तक यह आंकड़ा 439.85 लाख क्विंटल तक पहुंचा है। चीनी मिलों ने इस बार करीब 99.91 लाख क्विंटल कम गन्ने की पेराई की है। इससे चीनी के उत्पादन में भी 9.98 लाख क्विंटल कम होने का अनुमान है।
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- जिले में देवबंद को छोड़कर अन्य सातों चीनी मिलें बंद हो चुकी हैं। इस बार चीनी मिलों को मिलने वाले गन्ने में 99.91 लाख क्विंटल कम रह सकता है। जिससे चीनी के उत्पादन में 9.98 लाख क्विंटल कमी रहने का अनुमान है। जो करीब 380 करोड़ रुपये की बैठती है। सही स्थिति देवबंद चीनी मिल के पेराई सत्र समाप्त होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
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पेराई सत्र
2019-20
2020-21
2021-22
2022-23
2023-24
नोट : गन्ना विभाग के आंकड़ों के अनुसार।