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भुगतान में कोताही बरत रहीं चीनी मिलें, 342 करोड हुआ बकाया
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सहारनपुर। जिले की शुगर मिलें समय पर गन्ना मूल्य भुगतान करने में कोताही बरत रही हैं। इसके चलते किसानों का चीनी मिलों पर करीब 342 करोड़ रुपये गन्ना मूल्य के बकाया हो गए हैं। इसमें 162.99 करोड़ रुपये गत सीजन और 179.11 करोड़ रुपये मौजूदा पेराई सत्र के हैं। इनमें सबसे अधिक बकाया गांगनौली चीनी मिल पर है।
तमाम प्रयासों के बावजूद गन्ना विभाग किसानों को समय पर गन्ना मूल्य भुगतान कराने में विफल साबित हो रहा है। इसके चलते जिले की चीनी मिलों पर लगभग 342 करोड़ रुपये बकाया हो गए हैं। जिले की छह शुगर मिलों में से सिर्फ देवबंद और शेरमऊ ने ही गत सीजन का बकाया गन्ना मूल्य का पूरा भुगतान किया है। जबकि अन्य चार मिलों पर 162.99 करोड़ रुपये अभी भी अवशेष हैं। मौजूदा पेराई सत्र में भी देवबंद और शेरमऊ चीनी मिलों ने ही भुगतान शुरू किया है। गन्ना क्रय अधिनियम के तहत शुगर मिल में गन्ना सप्लाई करने के 14 दिन के अंदर इसका भुगतान करने का प्रावधान है। इसके बाद भुगतान करने पर बकाया गन्ना मूल्य पर 15 प्रतिशत की दर से ब्याज देने का भी नियम है। इसके बावजूद चीनी मिलें किसानों को न तो समय पर गन्ना मूल्य भुगतान कर रहे हैं और ना ही बकाया गन्ना मूल्य पर ब्याज दे रहे हैं।
सभी शुगर मिलों पर बकाया गन्ना मूल्य का जल्द भुगतान करने के लिए दबाव बनाया हुआ है। जिले की दो चीनी मिलों ने गत सीजन का पूरा भुगतान कर दिया है। उन्हीं ने मौजूदा पेराई सत्र का भुगतान करना भी शुरू कर दिया है। मिलों को नोटिस भेजकर भुगतान में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं।
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- कृष्ण मोहन मणि त्रिपाठी, जिला गन्ना अधिकारी
बकाया गन्ना मूल्य की स्थिति (करोड़ में)
मिल गत सीजन मौजूदा पेराई सत्र
देवबंद 0.00 6.09
गांगनौली 111.57 67.83
शेरमऊ 0.00 20.51
गागलहेडी 23.80 21.97
नानौता 22.45 32.07
सरसावा 5.15 30.62
नोट: गन्ना विभाग के 20 दिसंबर के आंकड़ों के अनुसार।
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तमाम प्रयासों के बावजूद गन्ना विभाग किसानों को समय पर गन्ना मूल्य भुगतान कराने में विफल साबित हो रहा है। इसके चलते जिले की चीनी मिलों पर लगभग 342 करोड़ रुपये बकाया हो गए हैं। जिले की छह शुगर मिलों में से सिर्फ देवबंद और शेरमऊ ने ही गत सीजन का बकाया गन्ना मूल्य का पूरा भुगतान किया है। जबकि अन्य चार मिलों पर 162.99 करोड़ रुपये अभी भी अवशेष हैं। मौजूदा पेराई सत्र में भी देवबंद और शेरमऊ चीनी मिलों ने ही भुगतान शुरू किया है। गन्ना क्रय अधिनियम के तहत शुगर मिल में गन्ना सप्लाई करने के 14 दिन के अंदर इसका भुगतान करने का प्रावधान है। इसके बाद भुगतान करने पर बकाया गन्ना मूल्य पर 15 प्रतिशत की दर से ब्याज देने का भी नियम है। इसके बावजूद चीनी मिलें किसानों को न तो समय पर गन्ना मूल्य भुगतान कर रहे हैं और ना ही बकाया गन्ना मूल्य पर ब्याज दे रहे हैं।
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सभी शुगर मिलों पर बकाया गन्ना मूल्य का जल्द भुगतान करने के लिए दबाव बनाया हुआ है। जिले की दो चीनी मिलों ने गत सीजन का पूरा भुगतान कर दिया है। उन्हीं ने मौजूदा पेराई सत्र का भुगतान करना भी शुरू कर दिया है। मिलों को नोटिस भेजकर भुगतान में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं।
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- कृष्ण मोहन मणि त्रिपाठी, जिला गन्ना अधिकारी
बकाया गन्ना मूल्य की स्थिति (करोड़ में)
मिल गत सीजन मौजूदा पेराई सत्र
देवबंद 0.00 6.09
गांगनौली 111.57 67.83
शेरमऊ 0.00 20.51
गागलहेडी 23.80 21.97
नानौता 22.45 32.07
सरसावा 5.15 30.62
नोट: गन्ना विभाग के 20 दिसंबर के आंकड़ों के अनुसार।