{"_id":"5ec95fb98ebc3e9031065e08","slug":"sugar-mill-saharanpur-news-mrt483096639","type":"story","status":"publish","title_hn":"किसानों का 2672 करोड़ रुपये दबाए बैठी हैं चीनी मिलें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
किसानों का 2672 करोड़ रुपये दबाए बैठी हैं चीनी मिलें
विज्ञापन
किसानों का 2672 करोड़ रुपये दबाए बैठी हैं चीनी मिलें
सहारनपुर। सरकार की तमाम कोशिशों के बाद भी किसान अभी भी बकाया गन्ना मूल्य पाने के लिए तरस रहे हैं। मंडल के करीब साढ़े चार लाख किसानों का 17 शुगर मिलों पर अभी भी 2672.93 करोड़ रुपये भी बकाया हैं। मंडल में खरीदे गए गन्ने के मूल्य का मात्र 52 प्रतिशत का ही भुगतान हो पाया है। इसके चलते किसानों में रोष व्याप्त है।
बकाया गन्ना मूल्य भुगतान नहीं होने से किसानों के सामने आर्थिक संकट पैदा हो गया है। कई चीनी मिल बंद हो गई हैं और कई का पेराई सत्र अपने आखिरी दौर में हैं। इसके बाद भी अधिकांश चीनी मिलें गन्ना मूल्य भुगतान करने में कोताही बरत रहीं हैं। इसके चलते मंडल की शुगर मिलों पर किसानों का 2672.93 करोड़ रुपये से अधिक बकाया हैं। गन्ना क्रय अधिनियम में मिल में गन्ना सप्लाई करने के 14 दिन में गन्ना मूल्य भुगतान करने का प्रावधान है। इसके बाद भुगतान करने पर बकाया गन्ना मूल्य पर ब्याज देने का भी नियम है। इसके बावजूद अधिकांश चीनी मिलें समय पर भुगतान करनेे में कोताही बरतती हैं। सपा जिलाध्यक्ष चौधरी रुद्रसैन, रालोद के जिलाध्यक्ष राव कैसर, भाकियू के महानगर अध्यक्ष चौधरी मुकेश तोमर, युवा किसान नेता अतुल फंदपुरी आदि ने बताया बकाया गन्ना मूल्य भुगतान नहीं होने से किसान परेशान हैं। आर्थिक परेशानी के चलते किसान अपने अगली फसलों में सही से लागत भी नहीं लगा पा रहा है। उन्होंने सरकार ने जल्द ब्याज सहित बकाया गन्ना मूल्य भुगतान कराने की मांग की।
मंडल में बकाया गन्ना मूल्य की स्थिति
जनपद--------------बकाया गन्ना मूल्य
सहारनपुर-------------78686 लाख रुपये
मुजफ्फरनगर--------109883 लाख रुपये
शामली-----------------78723 लाख रुपये
सभी चीनी मिलों को जल्द बकाया गन्ना मूल्य भुगतान करने के लिए नोटिस जारी किए हैं। भुगतान करने में कोताही बरतने वाली शुगर मिलों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। पूरा गन्ना पेराई करने के बाद ही शुगर मिलों को बंद होने दिया जाएगा।
विज्ञापन
- डॉ. दिनेश्वर मिश्र, उप गन्ना आयुक्त, सहारनपुर।
विज्ञापन
सहारनपुर। सरकार की तमाम कोशिशों के बाद भी किसान अभी भी बकाया गन्ना मूल्य पाने के लिए तरस रहे हैं। मंडल के करीब साढ़े चार लाख किसानों का 17 शुगर मिलों पर अभी भी 2672.93 करोड़ रुपये भी बकाया हैं। मंडल में खरीदे गए गन्ने के मूल्य का मात्र 52 प्रतिशत का ही भुगतान हो पाया है। इसके चलते किसानों में रोष व्याप्त है।
बकाया गन्ना मूल्य भुगतान नहीं होने से किसानों के सामने आर्थिक संकट पैदा हो गया है। कई चीनी मिल बंद हो गई हैं और कई का पेराई सत्र अपने आखिरी दौर में हैं। इसके बाद भी अधिकांश चीनी मिलें गन्ना मूल्य भुगतान करने में कोताही बरत रहीं हैं। इसके चलते मंडल की शुगर मिलों पर किसानों का 2672.93 करोड़ रुपये से अधिक बकाया हैं। गन्ना क्रय अधिनियम में मिल में गन्ना सप्लाई करने के 14 दिन में गन्ना मूल्य भुगतान करने का प्रावधान है। इसके बाद भुगतान करने पर बकाया गन्ना मूल्य पर ब्याज देने का भी नियम है। इसके बावजूद अधिकांश चीनी मिलें समय पर भुगतान करनेे में कोताही बरतती हैं। सपा जिलाध्यक्ष चौधरी रुद्रसैन, रालोद के जिलाध्यक्ष राव कैसर, भाकियू के महानगर अध्यक्ष चौधरी मुकेश तोमर, युवा किसान नेता अतुल फंदपुरी आदि ने बताया बकाया गन्ना मूल्य भुगतान नहीं होने से किसान परेशान हैं। आर्थिक परेशानी के चलते किसान अपने अगली फसलों में सही से लागत भी नहीं लगा पा रहा है। उन्होंने सरकार ने जल्द ब्याज सहित बकाया गन्ना मूल्य भुगतान कराने की मांग की।
विज्ञापन
मंडल में बकाया गन्ना मूल्य की स्थिति
जनपद--------------बकाया गन्ना मूल्य
सहारनपुर-------------78686 लाख रुपये
मुजफ्फरनगर--------109883 लाख रुपये
शामली-----------------78723 लाख रुपये
सभी चीनी मिलों को जल्द बकाया गन्ना मूल्य भुगतान करने के लिए नोटिस जारी किए हैं। भुगतान करने में कोताही बरतने वाली शुगर मिलों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। पूरा गन्ना पेराई करने के बाद ही शुगर मिलों को बंद होने दिया जाएगा।
विज्ञापन
- डॉ. दिनेश्वर मिश्र, उप गन्ना आयुक्त, सहारनपुर।