फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Saharanpur News ›   Students returned from Ukraine said government should save our future

यूक्रेन से लौटे छात्र बोले, हमारा भविष्य बचाए सरकार

Fri, 16 Sep 2022 11:39 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 16 Sep 2022 11:39 PM IST
विज्ञापन
Students returned from Ukraine said government should save our future
अंजली सिंह - फोटो : SAHARANPUR
सहारनपुर। केंद्र सरकार द्वारा राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग अधिनियम का हवाला देकर यूक्रेन से लौटे मेडिकल छात्रों को भारतीय मेडिकल कॉलेजों में समायोजित नहीं करने के सुप्रीम कोर्ट में दायर हलफनामे के बाद छात्र-छात्राओं को अपना भविष्य अधर में लटकता दिख रहा है। युद्ध की वजह से यूक्रेन से पढ़ाई बीच में छोड़कर लौटे छात्र-छात्राओं का कहना है कि सरकार ने मदद करने की बजाए उन्हें उनके हाल पर छोड़ दिया है। इनकी मांग है कि सरकार देश में कम फीस पर निजी मेडिकल कॉलेजों में उनकी पढ़ाई की व्यवस्था करे, ताकि उनका भविष्य खराब होने से बच सके।
विज्ञापन

देवबंद तहसील के गांव पनियाली कासिमपुर निवासी गंगा सिंह की पुत्री अंजली सिंह यूक्रेन व रूस युद्ध शुरू होने के बाद घर से ही ऑनलाइन पढ़ाई कर रही हैं। द्वितीय वर्ष की छात्रा अंजली का कहना है कि केंद्र सरकार द्वारा यूक्रेन में पढ़ाई करने वाले भारतीय छात्रों को अपने यहां मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश न देने का निर्णय लेकर छात्रों को उनके हाल पर छोड़ दिया है। उन्हें उम्मीद थी कि संकट की इस घड़ी में भारत सरकार उनकी मदद करेगी। सरकार के उक्त निर्णय के बाद अब वह आगे की पढ़ाई रोमानिया या फिर रूस जाकर करने का प्रयास करेंगी।
विज्ञापन

भारत सरकार करे कम फीस में पढ़ाई की व्यवस्था
चिलकाना निवासी यूक्रेन में एमबीबीएस दूसरे वर्ष के छात्र अजीम अंसारी का कहना है कि यदि भारत सरकार यूक्रेन में मेडिकल की पढ़ाई कर रहे छात्रों की भारत के ही प्राइवेट कॉलेजों में कम फीस में पढ़ाई की व्यवस्था करा दे, तो वहां पढ़ रहे छात्रों का भविष्य सुधर सकता है। भारत सरकार को छात्रों की ऑनलाइन डिग्री को स्वीकार करके भारत में ही प्रैक्टिकल की सुविधा देनी चाहिए। इसके लिए भले ही एक वर्ष की जगह दो वर्ष की इंटर्नशिप कर दी जाए। अजीम ने बताया कि यूनिवर्सिटी उन्हें बुलाना चाहती है, लेकिन यूक्रेन सरकार सुरक्षा की दृष्टि से कोई जिम्मेदारी नहीं ले रही। ऐसे में उनका पढ़ाई का नुकसान हो रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

सरकार से थी बहुत सारी उम्मीदें
गंगोह निवासी एमबीबीएस तृतीय वर्ष के छात्र जैद का कहना है कि उन्हें केंद्र सरकार से बहुत सारी उम्मीदें थी, लेकिन कोर्ट में दायर हलफनामे के बाद उन्हें अपना भविष्य अधर में लटकता दिख रहा है। उनका एक वर्ष खराब हो चुका है। सरकार देश के अंदर तो मेडिकल छात्रों को सभी तरह की सुविधाएं दे रही है, लेकिन उन्हें विदेश में पढ़ने जाने की सजा दी जा रही है। उन्होंने सरकार से दरखास्त की है कि जल्द से जल्द उनके लिए भी कोई रास्ता निकाला जाए।

सरकार के रवैये से उम्मीदों पर फिरा पानी
यूक्रेन में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रही साढ़ौली हरिया निवासी काजल चौधरी का कहना है कि उनके पिता ने मकान पर कर्ज लेकर उसे विदेश पढ़ने भेजा था। रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध छिड़ने के बाद उसे लौटना पड़ा। अब उसकी पढ़ाई अधर में लटकी है। सरकार को चाहिए कि वह यूक्रेन से लौटे छात्रों की पढ़ाई को देश के मेडिकल कॉलेजों में पूरा कराए। ताकि उनका भविष्य सुरक्षित हो सके।

अजीम अंसारी

अजीम अंसारी- फोटो : SAHARANPUR

जैद कुद्दूसी

जैद कुद्दूसी- फोटो : SAHARANPUR

काजल चौधरी

काजल चौधरी- फोटो : SAHARANPUR

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed