सहारनपुर। स्पिक मैके सहारनपुर की ओर से पारंपरिक कांगड़ा एवं मधुबनी चित्रकला की कार्यशालाओं का आयोजन कई विद्यालयों में किया गया। पहली बार कार्यशालाओं के लिए परिषदीय विद्यालयों का चयन किया गया। विद्यार्थियों ने कांगड़ा एवं मधुबनी चित्रकला की बारीकियां सीखी।
कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय नकुड़, कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय गंगोह, उच्च प्राथमिक विद्यालय दैदनौर, राजकीय कन्या इंटर कॉलेज सहारनपुर, कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय भैसराऊ, कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय तिवाया, कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय नगर सहारनपुर में हुई। चार दिवसीय कार्यशाला में 350 से अधिक विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। कांगड़ा चित्रकला की राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त अंबिका देवी द्वारा मधुबनी तथा स्नेह गंगल द्वारा कांगड़ा चित्रकला की बारीकियां विद्यार्थियों को बताई गई। स्पिक मैके की समन्वयक शैफाली मल्होत्रा ने बताया कि कोरोना के चलते करीब एक साल बाद कार्यशालाएं शुरू हुई हैं। इनका उद्देश्य बच्चों खासकर ग्रामीण परिवेश के बच्चों को इस तरह की कलाओं से जोड़ना है। कार्यशालाओं को सफल बनाने में प्रधानाचार्य शोभा चौधरी, गुलशन, नरेश कुमार, मीनू तोमर, मुकेश सैनी, रेनू राठौर, राजकुमारी श्रीवास्तव, अंजू, उदित अरोड़ा, मानसी अग्रवाल आदि का सहयोग रहा।