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छात्रों की चिंता: मेरिट नहीं तो कैसे मिलेगा दाखिला

Wed, 02 Jun 2021 11:34 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Wed, 02 Jun 2021 11:34 PM IST
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Students' concern: If there is no merit then how will the admission
सहारनपुर। केंद्र सरकार ने सीबीएसई की इंटरमीडिएट की परीक्षाएं निरस्त कर दी हैं। ज्यादातर प्रधानाचार्य और शिक्षक सरकार के फैसले के साथ हैं, लेकिन काफी विद्यार्थी ऐसे हैं जो इस फैसले से नाखुश हैं। उनका कहना है कि साल भर से परीक्षा की तैयारियों में जुटे हैं। 11वीं के अंकों के आधार पर रिजल्ट तैयार करने की बात कही जा रही है, जबकि ज्यादातर विद्यार्थी 11वीं की परीक्षाओं को उतनी गंभीरता से नहीं लेते, जितना 12वीं की परीक्षाओं को लेते हैं, क्योंकि 12वीं के परिणाम के आधार पर मेरिट बनती है, जो महाविद्यालयों में दाखिले कराने में मदद करती है। छात्रों को यही चिंता है कि मेरिट का आधार क्या होगा, यदि मेरिट नहीं होगी तो दाखिला किस आधार पर मिलेगा। पेश है शिक्षकों और विद्यार्थियों से बातचीत पर आधारित रिपोर्ट...
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विद्यार्थियों का पक्ष
-- आर्ची कालड़ा कॉमर्स स्ट्रीम से 12वीं कर रही हैं। आर्ची का कहना है कि उन्होंने परीक्षाओं की तैयारी के लिए बहुत मेहनत की है। 11वीं के नंबरों के आधार पर 12वीं की रिजल्ट तैयार करना नाइंसाफी है। उनका कहना है कि परीक्षाएं कराने के कई विकल्प थे। ऑनलाइन परीक्षाएं हो सकती थीं, जो बच्चे ऑनलाइन नहीं दे सकते थे उनके लिए ऑफलाइन परीक्षाएं होनी चाहिए थीं।
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-- गुरु तेगबहादुर पब्लिक स्कूल की 12वीं की छात्रा आर्ची सचदेवा का कहना है कि सरकार ने जो भी निर्णय लिया है ठीक ही लिया होगा। व्यक्तिगत तौर पर वह परीक्षाएं होने के पक्ष में हैं। आर्ची का कहना है कि 12वीं के रिजल्ट के आधार पर विद्यार्थी आईआईटी, मेडिकल कॉलेजों और बड़े विश्वविद्यालयों में दाखिले पाते हैं, जिनकी मेरिट बनती है।
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-- पाइनवुड स्कूल की 12वीं की छात्रा योगीशा टंडन सरकार के फैसले के साथ हैं। उनका कहना है कि सरकार में आम आदमी से अधिक पढ़े लिखे और अनुभवी लोग बैठे हैं, जो कोरोना के खतरों को भी ज्यादा बेहतर समझते हैं। इसलिए सरकार ने जो भी निर्णय लिया, वह ठीक है।
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शिक्षकों का पक्ष
-- सरस्वती विहार सीनियर सेकेंड्री स्कूल के प्रधानाचार्य राजीव शुक्ला का कहना है कि कोरोना महामारी के खतरों को भांपते हुए सरकार ने 12वीं की परीक्षा निरस्त कराने का जो निर्णय लिया है वह उसके साथ हैं, लेकिन 12वीं के छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए दाखिला लेने में परेशानी हो सकती है।
-- डीएवी पब्लिक स्कूल रसूलपुर के प्रधानाचार्य जगदीश सिंह का कहना है कि केंद्र सरकार ने छात्रों के हितों को देखते हुए परीक्षाएं निरस्त करने का निर्णय लिया है। क्योंकि सबसे पहले जान है। रिजल्ट तैयार करने को लेकर बोर्ड से जो आदेश आएगा उसका अनुपालन किया जाएगा।

-- पाइनवुड पब्लिक स्कूल के प्रधानाचार्य डॉ. संजीव जैन का कहना है कि सरकार ने जो निर्णय लिया है वह काफी सोच समझकर ही लिया है। अब वह बोर्ड से दिशा निर्देश आने के इंतजार में हैं, कि 12वीं का परिणाम किस आधार पर तैयार होगा।
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