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चुनावी दंगल में उच्च शिक्षितों की जोर आजमाइश

Thu, 08 Apr 2021 11:34 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 08 Apr 2021 11:34 PM IST
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Struggle for higher educated in electoral riots
मिनाक्षी राणा - फोटो : SAHARANPUR
सहारनपुर। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के मैदान में उतरने वालों में इस बार शिक्षितों की संख्या अधिक है। पीएचडी, एमफिल, एलएलबी से लेकर बीटेक और एमटेक करने वाले भी राजनीति के दंगल में हाथ रहे आजमा रहे हैं। इस बदलाव के कई मायने हैं, जो संकेत देते हैं कि गांवों की सरकार में इनका दखल विकास के पन्नों पर नए हस्ताक्षर कर सकता है। यह बात अलग है कि राजनीति की दौड़ में यह दूसरों को पछाड़ पाते हैं या फिर खुद फिसड्डी साबित होंगे। क्योंकि चुनावी रेल पर सवार होने वालों को, जीत की मंजिल मिलेगी या नहीं, यह तो जनता जनार्दन ही मतों के आधार पर तय करेगी। पेश है रिपोर्ट...
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जिपं सदस्य पदों के 74 उम्मीदवार हैं परास्नातक
जिला पंचायत सदस्यों के कुल 49 पद हैं। इनके सापेक्ष 494 नामांकन पत्र स्वीकृत हुए हैं। इनमें 74 प्रत्याशी ऐसे हैं जो परास्नातक की शिक्षा हासिल किए हैं, जबकि 87 स्नातक हैं। इसके अलावा 90 प्रत्याशी इंटर, 65 प्रत्याशी हाईस्कूल, 62 प्रत्याशी जूनियर हाईस्कूल, 42 प्रत्याशी प्राथमिक शिक्षा प्राप्त हैं तो 87 प्रत्याशी साक्षर हैं। वहीं, सिर्फ 65 प्रत्याशी ही निरक्षर श्रेणी में हैं, जबकि सबसे कम 23 प्रत्याशी आठवीं पास वाले हैं।
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जिला पंचायत सदस्य पद का चुनाव लड़ रहे प्रत्याशियों में मांगेराम चौधरी पीएचडी और बीपीएड हैं तो, जीशान, नरेंद्र, सचिन और रामचंद्र एलएलबी हैं। गांव मिरगपुर निवासी जोगेंद्र पंवार एमपीएड (मास्टर ऑफ फिजिकिल एजुकेशन), मास्टर ऑफ फिलॉसफी और एमएससी योगा हैं। चार साल तक गोचर महाविद्यालय रामपुर मनिहारान में प्रवक्ता रहे हैं।
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शीतला खेड़ा गांव से बीडीसी का चुनाव लड़ रहे अभिषेक कुमार कंप्यूटर साइंस से एमटेक हैं। उनका कहना है कि परिवर्तन लाना है तो उच्च शिक्षित लोगों को राजनीति में आना होगा। वे शिक्षण संस्थानों में आधुनिक शिक्षा प्रणाली लागू करने के साथ ही ग्रामीण क्षेत्र में स्वास्थ्य और खेल सुविधाओं को बढ़ावा देने की पैरोकारी करते हैं।
जिला पंचायत सदस्य पद पर चुनाव लड़ रहे फतेहपुर कलां गांव के विनय चौहान ने इलेक्ट्रिकल में बैचलर ऑफ इंजीनियरिंग की हुई है। 2015 में फतेहपुर कलां में डिग्री कॉलेज खोलकर शिक्षण कार्य प्रारम्भ किया। राजनीतिक करियर की शुरूआत दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से प्रभावित होकर की है।
गांव नौसरहेड़ी से निर्विरोध क्षेत्र पंचायत सदस्य चुनी गईं मीनाक्षी राणा एमए, बीएड हैं। उनके पति डॉ. गजेंद्र सिंह एमसीए और पीएचडी हैं। मीनाक्षी मुजफ्फराबाद ब्लाक में प्रमुख पद के लिए भी दावेदारी कर रही हैं।

पहले पंचायत चुनावों में कम पढ़े लिखे लोग ज्यादा शामिल होते थे, लेकिन अब शिक्षित लोग आ रहे हैं तो हर लिहाज से यह अच्छा संकेत है। शिक्षित व्यक्ति अधिकारों और जिम्मेदारी के प्रति जागरूक रहता है। इस बदलाव से समाज को भी लाभ मिलेगा। -- डॉ. परविंद्र मलिक, प्रोफेसर राजनीतिक शास्त्र, जेवी जैन कॉलेज सहारनपुर।

विनय चौहान

विनय चौहान- फोटो : SAHARANPUR

जोगेंद्र पंवार मिरगपुर

जोगेंद्र पंवार मिरगपुर- फोटो : SAHARANPUR

अभिषेक कुमार

अभिषेक कुमार- फोटो : SAHARANPUR

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