{"_id":"6111658a8ebc3ef3eb794d69","slug":"stone-crusher-operators-met-high-officials-told-the-problems-saharanpur-news-mrt5511813128","type":"story","status":"publish","title_hn":"उच्चाधिकारियों से मिले स्टोन क्रशर संचालक, बताईं समस्याएं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
उच्चाधिकारियों से मिले स्टोन क्रशर संचालक, बताईं समस्याएं
विज्ञापन
लखनऊ में उच्चाअधिकारी से मिलते स्टोन क्राशर संचालक
- फोटो : SAHARANPUR
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उच्चाधिकारियों से मिले स्टोन क्रशर संचालक, बताईं समस्याएं
सहारनपुर। खनन व्यवसाय और क्रशर उद्योग के सामने आ रही विभिन्न समस्याओं को लेकर स्टोन क्रशर संचालकों ने सोमवार को प्रमुख सचिव खनन एवं खान निदेशक रोशन जैकब और मुख्य खान अधिकारी अनिल कुमार से भेंट की। उन्होंने उच्चाधिकारियों को दस सूत्री ज्ञापन भी सौंपा। उन्होंने आरोप लगाया कि अवैध प्रपत्रों पर खनिज परिवहन और अवैध खनन के चलते उनकी स्थिति बदहाल हो गई है।
अधिकारियों को सौंपे ज्ञापन में उन्होंने कहा कि जनपद में 85 स्टोन क्रशर और आठ पांच वर्षीय खनन पट्टे हैं। इसके चलते गत वित्तीय वर्ष में जनपद से प्रदेश सरकार को 75 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ था। उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तराखंड एवं हरियाणा के सस्ती खनन सामग्री होने के कारण जनपद का खनन व्यवसाय और स्टोन क्रशर प्रतिस्पर्धा नहीं कर पा रहे हैं। जिसके चलते उन्हें आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने सीमावर्ती राज्यों से आने वाली खनन सामग्री पर अंतरराज्यीय विनियमन शुल्क (आईएसटीपी) को 50 रुपये प्रति घनमीटर से बढ़ाकर 100 रुपये प्रति घन मीटर करने की मांग की। उन्होंने कहा कि शामली, बागपत, गाजियाबाद, मुजफ्फरनगर और मेरठ में अन्य राज्यों के प्रवेश द्वारों पर तत्काल चेक गेट स्थापित कराए जाएं। उन्होंने उप खनिज का रायल्टी मूल्य 110 रुपये प्रति घन मीटर करने, खनन वाहनों को रोकने और चेकिंग करने के पुलिस के अधिकार को तत्काल समाप्त कराने करने सहित अन्य मांग की। इस दौरान नौशाद प्रधान, संजीव मलिक, रामवीर सिंह, मदनपाल, विजय तोमर, शिवराज सिंह, अरुण, प्रवेश कुमार, अनिल कुमार, खालिद, बबलू कुमार, संजय, अहतेशाम अली आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
सहारनपुर। खनन व्यवसाय और क्रशर उद्योग के सामने आ रही विभिन्न समस्याओं को लेकर स्टोन क्रशर संचालकों ने सोमवार को प्रमुख सचिव खनन एवं खान निदेशक रोशन जैकब और मुख्य खान अधिकारी अनिल कुमार से भेंट की। उन्होंने उच्चाधिकारियों को दस सूत्री ज्ञापन भी सौंपा। उन्होंने आरोप लगाया कि अवैध प्रपत्रों पर खनिज परिवहन और अवैध खनन के चलते उनकी स्थिति बदहाल हो गई है।
अधिकारियों को सौंपे ज्ञापन में उन्होंने कहा कि जनपद में 85 स्टोन क्रशर और आठ पांच वर्षीय खनन पट्टे हैं। इसके चलते गत वित्तीय वर्ष में जनपद से प्रदेश सरकार को 75 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ था। उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तराखंड एवं हरियाणा के सस्ती खनन सामग्री होने के कारण जनपद का खनन व्यवसाय और स्टोन क्रशर प्रतिस्पर्धा नहीं कर पा रहे हैं। जिसके चलते उन्हें आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने सीमावर्ती राज्यों से आने वाली खनन सामग्री पर अंतरराज्यीय विनियमन शुल्क (आईएसटीपी) को 50 रुपये प्रति घनमीटर से बढ़ाकर 100 रुपये प्रति घन मीटर करने की मांग की। उन्होंने कहा कि शामली, बागपत, गाजियाबाद, मुजफ्फरनगर और मेरठ में अन्य राज्यों के प्रवेश द्वारों पर तत्काल चेक गेट स्थापित कराए जाएं। उन्होंने उप खनिज का रायल्टी मूल्य 110 रुपये प्रति घन मीटर करने, खनन वाहनों को रोकने और चेकिंग करने के पुलिस के अधिकार को तत्काल समाप्त कराने करने सहित अन्य मांग की। इस दौरान नौशाद प्रधान, संजीव मलिक, रामवीर सिंह, मदनपाल, विजय तोमर, शिवराज सिंह, अरुण, प्रवेश कुमार, अनिल कुमार, खालिद, बबलू कुमार, संजय, अहतेशाम अली आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन