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Saharanpur News: एक लाख बैनामों में स्टांप का फर्जीवाड़ा, होगी जांच

Sat, 22 Mar 2025 12:23 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर Updated Sat, 22 Mar 2025 12:23 AM IST
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Stamp fraud in one lakh deeds, investigation will be done
सहारनपुर। प्रदेश भर में 2016, 2018 और 2019 में हुए बैनामे शक के घेरे में आ गए हैं। आशंका है कि इनमें स्टांप फर्जीवाड़ा हुआ है। मामले की गंभीरता को देखते हुए शासन ने इन तीन वर्षों में हुए बैनामों की जांच के आदेश दिए हैं। सहारनपुर में इस अवधि में करीब एक लाख बैनामे हुए हैं।
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दरअसल, कुछ साल पहले तक बैनामों व अन्य कामकाज में भौतिक स्टांप का प्रयोग होता था। अब सरकार ने भौतिक स्टांप को बंद कर ई-स्टांप की व्यवस्था शुरू कर रखी है। कुछ समय पहले मेरठ समेत कई स्थानों पर स्टांप फर्जीवाड़ा पकड़ में आया था। ऐसे में अब शासन की तरफ से अब आदेश दिए गए हैं कि 2016, 2018 और 2019 में हुए ऐसे बैनामे, जिनमें 5, 10, 15, 20 या 25 हजार के भौतिक स्टांप का इस्तेमाल हुआ है उनकी जांच कराई जाए। आशंका है कि इन वर्षों में फर्जीवाड़ा हुआ है। मुख्य कोषाधिकारी कार्यालय से इनकी जांच कराई जाएगी। बता दें, कि कुछ समय पहले मेरठ समेत कई स्थानों पर फर्जीवाड़ा भी पकड़ा गया था। संभावना है कि इसके बाद ही शासन ने जांच के आदेश दिए हैं।
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भौतिक स्टांप की मांग रहती है ज्यादा

दरअसल, ई-स्टांप कंप्यूटर जनरेट कर प्रिंट निकाला जाता है। कुछ लोगों में धारणा बनी हुई है कि वह जल्दी खराब हो जाएगा, जबकि कोषागार से मिलने वाला भौतिक स्टांप का पेपर वह होता है जो नोटों में इस्तेमाल होता है। वह लंबे समय तक रखा रहने के बाद भी खराब नहीं होता। हालांकि अब शासन ने स्पष्ट आदेश दिए हैं कि 10 से 25 हजार वाले भौतिक स्टांप चलन से बाहर किए जाएं।
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जिले में किस वर्ष हुए कितने बैनामे
2015-16 : 36411

2016-17 : 29728

2017-18 : 30632

2018-19 : 36925

2019-20 : 39015

2020-21 : 42522

2021-22 : 52634

2022-23 : 67783

2023-24 : 75369

2024-25 : 64126

2024-25 का आंकड़ा जनवरी तक का है।
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शासन की तरफ से पत्र आया है। इसके आधार पर 2016, 2018 और 2019 में हुए बैनामों की जांच कराई जाएगी। यह प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
- बृजेश सिंह चौधरी, एआइजी स्टांप एवं निबंधन
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