{"_id":"61a272f067b50c623f2729ba","slug":"sri-kaal-bhairav-is-the-protector-of-the-universe-kalendranand-saharanpur-news-mrt566631889","type":"story","status":"publish","title_hn":"सृष्टि के रक्षक देव हैं श्री काल भैरव: कालेंद्रानंद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सृष्टि के रक्षक देव हैं श्री काल भैरव: कालेंद्रानंद
विज्ञापन
राधा विहार स्थित महाशक्ति पीठ वैष्णवी महाकाली मंदिर में श्री काल भैरव अष्टमी पर पूजा कराते स्वा?
- फोटो : SAHARANPUR
सहारनपुर। राधा विहार परिसर में स्थित महाशक्ति पीठ वैष्णवी महाकाली मंदिर में श्री काल भैरव अष्टमी श्रद्घा भाव के साथ मनाई गई। इस मौके पर स्वामी कालेंद्रानंद महाराज ने कहा कि शिव अवतारी श्री काल भैरव सृष्टि के रक्षक देव हैं। इसके अलावा कई मंदिरों में लोगों ने शाम को पहुंचकर दीपक जलाकर पूजा अर्चना की।
शनिवार को श्रीराम कृष्ण विवेकानंद संस्थान तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में स्वामी कालेंद्रानंद महाराज ने मंत्रोचारण के साथ पूजा अर्चना कराई। सर्व प्रथम गंगाजल एवं पंचामृत से भगवान श्री काल भैरव का स्नान कर श्रृंगार किया। इसके बाद भोग लगाकर आरती उतारी। स्वामी कालेंद्रानंद महाराज ने कहा भगवान श्री शिव ने रक्षा हेतु काल भैरव का अवतार धारण कर प्रकृति की रक्षा की। काल भैरव सनातन संस्कृति के रक्षक देव हैं।
उन्होंने कहा काल भैरव की पूजा से मनुष्य का कल्याण होता है। इसके साथ ही अकाल मृत्यु नहीं होती। काल भैरव प्रत्येक मानव की रक्षा कर उनका कल्याण करते हैं। इसमें पंडित ऋषभ शर्मा, पंडित योगेश तिवारी, अरुण स्वामी, मेहर चंद जैन, रमेश शर्मा, बबीता, गीता, बाला, माया, करूणा, रेखा, ममता मौजूद रहे। वहीं, मेला गुघाल परिसर में श्री काल भैरव विश्राम पुरी मंदिर, श्री हरि मंदिर, श्री भूतेश्वर महादेव मंदिर, श्री पाठेश्वर महादेव मंदिर, तहसील शिव मंदिर, श्री बालाजी धाम, दाल मंडी पुल स्थित मां काली व काल भैरव सहित कई मंदिरों में पूजा अर्चना की।
विज्ञापन
विज्ञापन
शनिवार को श्रीराम कृष्ण विवेकानंद संस्थान तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में स्वामी कालेंद्रानंद महाराज ने मंत्रोचारण के साथ पूजा अर्चना कराई। सर्व प्रथम गंगाजल एवं पंचामृत से भगवान श्री काल भैरव का स्नान कर श्रृंगार किया। इसके बाद भोग लगाकर आरती उतारी। स्वामी कालेंद्रानंद महाराज ने कहा भगवान श्री शिव ने रक्षा हेतु काल भैरव का अवतार धारण कर प्रकृति की रक्षा की। काल भैरव सनातन संस्कृति के रक्षक देव हैं।
विज्ञापन
उन्होंने कहा काल भैरव की पूजा से मनुष्य का कल्याण होता है। इसके साथ ही अकाल मृत्यु नहीं होती। काल भैरव प्रत्येक मानव की रक्षा कर उनका कल्याण करते हैं। इसमें पंडित ऋषभ शर्मा, पंडित योगेश तिवारी, अरुण स्वामी, मेहर चंद जैन, रमेश शर्मा, बबीता, गीता, बाला, माया, करूणा, रेखा, ममता मौजूद रहे। वहीं, मेला गुघाल परिसर में श्री काल भैरव विश्राम पुरी मंदिर, श्री हरि मंदिर, श्री भूतेश्वर महादेव मंदिर, श्री पाठेश्वर महादेव मंदिर, तहसील शिव मंदिर, श्री बालाजी धाम, दाल मंडी पुल स्थित मां काली व काल भैरव सहित कई मंदिरों में पूजा अर्चना की।
विज्ञापन