सहारनपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नानौता शुगर मिल की डिस्टलरी में लगे जेडएलडी प्लांट का लोकार्पण भी किया, जो सहारनपुर के साथ ही शामली और बागपत जनपद के लिए भी कारगर साबित हो सकता है। क्योंकि नानौता की शुगर मिल के साथ ही अन्य फैक्टरी का प्रदूषित पानी कृष्णा नदी में डलता था, जिससे यह नदी प्रदूषण बढ़ने से मृतप्राय हो गई और उससे सटे गांवों के लोग भी त्रस्त थे।
शुक्रवार को मुख्यमंत्री ने गंगोह में विभिन्न परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इनमें कई महत्वपूर्ण कार्य सहारनपुर जनपद के हैं। इनमें से एक है नानौता शुगर मिल की डिस्टलरी में लगा जेडएलडी (जीरो लिक्विड डिस्चार्ज) प्लांट। इस पर करीब 28 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। वहीं, मुख्यमंत्री ने प्रदेश में खांडसारी उद्योग के लिए लाइसेंस जारी करने पर गन्ना मंत्री की सराहना की। प्रदेश सरकार के गन्ना विकास मंत्री सुरेश राणा ने बताया कि नानौता शुगर मिल में डिस्टलरी का संचालन अक्तूबर माह से शुरू हो जाएगा। इस सहित प्रदेश की छह डिस्टलरी में यह प्लांट लगाए गए हैं, उक्त सभी डिस्टलरी अक्तूबर माह में शुरू हो जाएंगी। उन्होंने बताया कि गन्ना मैली से खाद का उत्पादन भी शुरू होगा, जिससे किसानों को सस्ती दरों पर खाद मिलेगी। उन्होंने बताया कि लंबे समय से खांडसारी लाइसेंस जारी नहीं हो रहे थे, लेकिन एक साल के भीतर ही 91 लाइसेंस जारी किए गए हैं।

गंगोह में नवीन मंडी स्थल पर जनसभा को संबोधित करते मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ।- फोटो : SAHARANPUR

गंगोह में नवीन मंडी स्थल पर जनसभा मे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को गणेशजी की प्रतिमा प्रदान करत?- फोटो : SAHARANPUR