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कमेटियों के गठन और डीपीआर में ही अटका स्मार्ट का सपना
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स्मार्ट सिटी योजना के तहत तैयार हुई आईसीसीसी की बिल्डिंग।
- फोटो : SAHARANPUR
कमेटियों के गठन और डीपीआर में ही अटका स्मार्ट का सपना
सहारनपुर। सहारनपुर शहर के स्मार्ट सिटी योजना में चयनित हुए दो वर्ष, सात माह और 25 दिन बीत चुके हैं, मगर अभी तक योजना धरातल पर नहीं उतर सकी है। यानी शहर के स्मार्ट बनने की बात अभी तक लोगों के लिए सपना ही है।
स्मार्ट सिटी योजना में सहारनपुर का चयन 19 जनवरी 2018 को हुआ था। चूंकि केंद्र सरकार का प्रत्येक वर्ष 100 शहरों को स्मार्ट बनाने का लक्ष्य था। ऐसे में उम्मीद थी कि चयन के बाद एक वर्ष के भीतर सहारनपुर में स्मार्ट सिटी जैसे बदलाव नजर आएंगे। मगर अभी तक कमेटियों के गठन और डीपीआर बनाने का ही कार्य हुआ है। कुछ डीपीआर शासन को भेजी हुई हैं, जिन पर अभी मुहर लगनी बाकी है। इसके अलावा एक कार्य आईसीसीसी (इंटीग्रेटिड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर) बनाने का हुआ है, जिसकी बिल्डिंग नगर निगम परिसर में बनी है। उक्त सेंटर से शहर का यातायात, पथ प्रकाश आदि कार्य संचालित होंगे। मगर इसके संचालन में भी रोड़ा अटका हुआ है। दरअसल, सेंटर के संचालन के लिए करीब डेढ़ माह पहले टेंडर की प्रक्रिया अपना ली गई थी, मगर टेंडर अधिक रुपये में हो जाने के बाद उक्त प्रक्रिया को रद्द करना पड़ा। अब दोबारा टेंडर की प्रक्रिया चल रही है, जो फाइनल होना बाकी है।
निवेशक भी हो रहे दूर
स्मार्ट सिटी योजना के तहत सहारनपुर के विकास पर 1495.38 करोड़ रुपये खर्च होने हैं। इनमें से करीब 460 करोड़ रुपये के कार्य पीपीपी मॉडल के तहत होने हैं। 19 जनवरी 2019 को देहरादून रोड स्थित एक होटल में निवेशक मीट का आयोजन किया गया था, जिसका उद्देश्य निवेशकों को स्मार्ट सिटी योजना के तहत कार्य करने के लिए आमंत्रित करना था। करीब 22 निवेशक पहुंचे थे, मगर ज्यादातर निवेशकों ने दिलचस्पी नहीं दिखाई।
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वर्जन
स्मार्ट सिटी योजना पर कोरोना की वजह से बीच में लंबा ब्रेक लगा है, मगर अब योजना को गति दी जा रही है। आईसीसीसी के लिए टेंडर की प्रक्रिया भी 25 सितंबर को पूर्ण हो जाएगी। उसके बाद चयनित कंपनी अपना काम करेगी। जल्द ही लोगों को शहर में बदलाव नजर आएगा।
- बीके सिंह, नोडल अधिकारी, स्मार्ट सिटी सहारनपुर
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सहारनपुर। सहारनपुर शहर के स्मार्ट सिटी योजना में चयनित हुए दो वर्ष, सात माह और 25 दिन बीत चुके हैं, मगर अभी तक योजना धरातल पर नहीं उतर सकी है। यानी शहर के स्मार्ट बनने की बात अभी तक लोगों के लिए सपना ही है।
स्मार्ट सिटी योजना में सहारनपुर का चयन 19 जनवरी 2018 को हुआ था। चूंकि केंद्र सरकार का प्रत्येक वर्ष 100 शहरों को स्मार्ट बनाने का लक्ष्य था। ऐसे में उम्मीद थी कि चयन के बाद एक वर्ष के भीतर सहारनपुर में स्मार्ट सिटी जैसे बदलाव नजर आएंगे। मगर अभी तक कमेटियों के गठन और डीपीआर बनाने का ही कार्य हुआ है। कुछ डीपीआर शासन को भेजी हुई हैं, जिन पर अभी मुहर लगनी बाकी है। इसके अलावा एक कार्य आईसीसीसी (इंटीग्रेटिड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर) बनाने का हुआ है, जिसकी बिल्डिंग नगर निगम परिसर में बनी है। उक्त सेंटर से शहर का यातायात, पथ प्रकाश आदि कार्य संचालित होंगे। मगर इसके संचालन में भी रोड़ा अटका हुआ है। दरअसल, सेंटर के संचालन के लिए करीब डेढ़ माह पहले टेंडर की प्रक्रिया अपना ली गई थी, मगर टेंडर अधिक रुपये में हो जाने के बाद उक्त प्रक्रिया को रद्द करना पड़ा। अब दोबारा टेंडर की प्रक्रिया चल रही है, जो फाइनल होना बाकी है।
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निवेशक भी हो रहे दूर
स्मार्ट सिटी योजना के तहत सहारनपुर के विकास पर 1495.38 करोड़ रुपये खर्च होने हैं। इनमें से करीब 460 करोड़ रुपये के कार्य पीपीपी मॉडल के तहत होने हैं। 19 जनवरी 2019 को देहरादून रोड स्थित एक होटल में निवेशक मीट का आयोजन किया गया था, जिसका उद्देश्य निवेशकों को स्मार्ट सिटी योजना के तहत कार्य करने के लिए आमंत्रित करना था। करीब 22 निवेशक पहुंचे थे, मगर ज्यादातर निवेशकों ने दिलचस्पी नहीं दिखाई।
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वर्जन
स्मार्ट सिटी योजना पर कोरोना की वजह से बीच में लंबा ब्रेक लगा है, मगर अब योजना को गति दी जा रही है। आईसीसीसी के लिए टेंडर की प्रक्रिया भी 25 सितंबर को पूर्ण हो जाएगी। उसके बाद चयनित कंपनी अपना काम करेगी। जल्द ही लोगों को शहर में बदलाव नजर आएगा।
- बीके सिंह, नोडल अधिकारी, स्मार्ट सिटी सहारनपुर

नगर निगम का मुख्य द्वार- फोटो : SAHARANPUR