{"_id":"62b9e881914fc2433b12da3e","slug":"smart-class-will-be-made-in-all-upper-primary-schools-of-the-district-saharanpur-news-mrt5946667118","type":"story","status":"publish","title_hn":"जिले के सभी उच्च प्राथमिक विद्यालयों में बनेंगी स्मार्ट क्लास","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जिले के सभी उच्च प्राथमिक विद्यालयों में बनेंगी स्मार्ट क्लास
विज्ञापन
स्मार्ट क्लास
- फोटो : SAHARANPUR
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सहारनपुर। परिषदीय उच्च प्राथमिक विद्यालयों की शिक्षा प्रणाली आधुनिक होने जा रही है। इंटीग्रेटेड स्कीम फॉर स्कूली शिक्षा के अंतर्गत संचालित आईसीटी और डिजिटल इनिशिएटिव एवं नोवेटिव प्रोग्राम फॉर मॉनीटरिंग के तहत जिले के सभी 573 उच्च प्राथमिक विद्यालयों में स्मार्ट क्लास विकसित होंगी। पहले चरण में 246 विद्यालयों में इसी वर्ष स्मार्ट क्लास तैयार कर ली जाएंगी, जबकि शेष विद्यालयों में दूसरे चरण में अगले वर्ष स्मार्ट क्लास बनाई जाएंगी।
जनपद में परिषदीय प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों की संख्या 1438 है, जिनमें 573 उच्च प्राथमिक विद्यालय हैं। पहले चरण के लिए 246 विद्यालयों का चयन शासन स्तर से कर लिया गया है। खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वह अपने क्षेत्र के चयनित विद्यालय का भ्रमण कर वहां की व्यवस्थाओं को देख लें, साथ ही जिस कक्ष में स्मार्ट क्लास बनाई जानी है उसका चिन्हांकन कर लें। विद्यालय का भवन और स्मार्ट क्लास के लिए चिह्नित कक्ष ऐसा हो, जिसमें सामान चोरी होने की आशंका न रहे। इसके लिए स्मार्ट क्लास से पहले तमाम बंदोबस्त कर लिए जाएं। कक्ष के दरवाजे मजबूत और लोहे के बने हों। यदि स्मार्ट क्लास में किसी सामान की चोरी होती है तो तत्काल प्राथमिकी दर्ज कराने की जिम्मेदारी ग्राम प्रधान और प्रधानाध्यापक की होगी। ऐसे में जरूरी है कि कक्ष की सुरक्षा की जिम्मेदारी निकटतम रहने वाले शिक्षक या रसोइया आदि को दी जाए। (संवाद)
खर्च होंगे 11.46 करोड़ रुपये
प्रत्येक विद्यालय में स्मार्ट क्लास विकसित करने पर सरकार करीब दो लाख रुपये खर्च करेगी। इन दो लाख रुपये में कंप्यूटर, प्रोजेक्टर, स्मार्ट टेलीविजन, इनवर्टर आदि लगाए जाएंगे। इस लिहाज से जनपद के सभी 573 विद्यालयों में स्मार्ट क्लास बनाने पर 11.46 करोड़ रुपये का खर्च आएगा।
विज्ञापन
80 विद्यालयों में पहले से हैं स्मार्ट क्लास
जिले में 865 परिषदीय प्राथमिक विद्यालय हैं। इनमें से 80 विद्यालयों में जिला प्रशासन के माध्यम से करीब तीन साल पहले स्मार्ट क्लास तैयार कराई जा चुकी है। यह क्लास खनन से आने वाले राजस्व से कराई गई थी। विभागीय अधिकारियों का दावा है कि सभी स्मार्ट क्लास चालू अवस्था में हैं, जिनसे केवल पढ़ाने का कार्य नहीं होता, बल्कि शिक्षकों के कई तरह के प्रशिक्षण भी इन्हीं के जरिए हो रहे हैं।
भारत सरकार की योजना के तहत सभी उच्च प्राथमिक विद्यालयों में स्मार्ट क्लास विकसित की जानी हैं। जनपद के सभी 573 विद्यालयों में क्लास विकसित होनी हैं। पहले चरण में 246 विद्यालयों में कार्य होना है। बाकी में दूसरे चरण में होगा। निश्चित ही स्मार्ट क्लास बनने के बाद व्यवस्था और बेहतर होगी। इस संबंध में खंड शिक्षा अधिकारियों को पत्र जारी कर व्यवस्थाएं दुरुस्त कर लेने को कहा गया है।
अंबरीष कुमार, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी।
विज्ञापन
जनपद में परिषदीय प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों की संख्या 1438 है, जिनमें 573 उच्च प्राथमिक विद्यालय हैं। पहले चरण के लिए 246 विद्यालयों का चयन शासन स्तर से कर लिया गया है। खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वह अपने क्षेत्र के चयनित विद्यालय का भ्रमण कर वहां की व्यवस्थाओं को देख लें, साथ ही जिस कक्ष में स्मार्ट क्लास बनाई जानी है उसका चिन्हांकन कर लें। विद्यालय का भवन और स्मार्ट क्लास के लिए चिह्नित कक्ष ऐसा हो, जिसमें सामान चोरी होने की आशंका न रहे। इसके लिए स्मार्ट क्लास से पहले तमाम बंदोबस्त कर लिए जाएं। कक्ष के दरवाजे मजबूत और लोहे के बने हों। यदि स्मार्ट क्लास में किसी सामान की चोरी होती है तो तत्काल प्राथमिकी दर्ज कराने की जिम्मेदारी ग्राम प्रधान और प्रधानाध्यापक की होगी। ऐसे में जरूरी है कि कक्ष की सुरक्षा की जिम्मेदारी निकटतम रहने वाले शिक्षक या रसोइया आदि को दी जाए। (संवाद)
विज्ञापन
खर्च होंगे 11.46 करोड़ रुपये
प्रत्येक विद्यालय में स्मार्ट क्लास विकसित करने पर सरकार करीब दो लाख रुपये खर्च करेगी। इन दो लाख रुपये में कंप्यूटर, प्रोजेक्टर, स्मार्ट टेलीविजन, इनवर्टर आदि लगाए जाएंगे। इस लिहाज से जनपद के सभी 573 विद्यालयों में स्मार्ट क्लास बनाने पर 11.46 करोड़ रुपये का खर्च आएगा।
विज्ञापन
80 विद्यालयों में पहले से हैं स्मार्ट क्लास
जिले में 865 परिषदीय प्राथमिक विद्यालय हैं। इनमें से 80 विद्यालयों में जिला प्रशासन के माध्यम से करीब तीन साल पहले स्मार्ट क्लास तैयार कराई जा चुकी है। यह क्लास खनन से आने वाले राजस्व से कराई गई थी। विभागीय अधिकारियों का दावा है कि सभी स्मार्ट क्लास चालू अवस्था में हैं, जिनसे केवल पढ़ाने का कार्य नहीं होता, बल्कि शिक्षकों के कई तरह के प्रशिक्षण भी इन्हीं के जरिए हो रहे हैं।
भारत सरकार की योजना के तहत सभी उच्च प्राथमिक विद्यालयों में स्मार्ट क्लास विकसित की जानी हैं। जनपद के सभी 573 विद्यालयों में क्लास विकसित होनी हैं। पहले चरण में 246 विद्यालयों में कार्य होना है। बाकी में दूसरे चरण में होगा। निश्चित ही स्मार्ट क्लास बनने के बाद व्यवस्था और बेहतर होगी। इस संबंध में खंड शिक्षा अधिकारियों को पत्र जारी कर व्यवस्थाएं दुरुस्त कर लेने को कहा गया है।
अंबरीष कुमार, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी।