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अब फिर से होगी स्मार्ट सिटी बनाने की होड़
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Tue, 29 Mar 2016 01:24 AM IST
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सहारनपुर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी स्मार्ट सिटी परियोजना में जगह बनाने के लिए अब नगर निगम अपने कंसलटेंट कंपनी को बदलने की तैयारी में हैं। पहली सूची के टॉप-20 शहरों के कंसलटेंट से संपर्क साधकर उनके जरिये सहारनपुर को स्मार्ट सिटी बनाने की होड़ की जाएगी।
हालांकि पहली सूची से बाहर होने के बाद से ही नगर निगम की तैयारियां और कोशिशें काफी धीमी हो गई थी। माना जा रहा है कि एक अप्रैल से नए कंसलटेंट कंपनी की नियुक्ति के बाद से नए सिरे से कवायद होगी। सहारनपुर को 15 जून तक अपना प्रस्ताव केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय को देना है।
दरअसल, शहरी विकास मंत्रालय के इस प्रोजेक्ट को लेकर सहारनपुर को काफी उम्मीदें थी। मगर, सही जानकारी नहीं होने के कारण पहली सूची के लिए बनाए गए प्रस्ताव पूरी तरह से खारिज हो गए।
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दूसरे चरण में राजधानी वाले शहरों के प्रस्ताव 15 अप्रैल तक जाने हैं। इसके बाद तीसरे चरण में 15 जून तक सहारनपुर सहित अन्य शहरों के नए सिरे से प्रस्ताव जाएंगे। हालांकि पहली सूची से बाहर होने के बाद दो महीने से नगर निगम की तैयारियां ठंडे बस्ते में चली गई। यही कारण है कि स्मार्ट सिटी को लेकर चल रही तैयारियों पर भी लगभग विराम लग गया है।
शहर में बने विकास का माहौल भी थम सा गया है। हालांकि तीसरे चरण में स्मार्ट सिटी की होड़ के लिए शासन ने नई कंसलटेंट कंपनी का प्रस्ताव दिया है। नगर निगम ने टॉप-20 में शामिल हुए शहरों के कंसलटेंट की डिमांड कर दी है। माना जा रहा है कि नई कंसलटेंट कंपनी के बाद नए सिरे से प्रस्ताव तैयार होंगे।
उधर, अब एक्सपर्ट कंसलटेंट के जरिये स्मार्ट सिटी के लिए सहारनपुर अपनी कोशिश करेगा। हालांकि कैपिटल आय बढ़ाने के लिए नगर निगम ने अब तक कोई प्रयास नहीं किया है।
स्मार्ट सिटी में चयनित हुए 20 पहले शहर के नगर निगम की भूमिका वहां काफी प्रभावी है और उनका सालाना बजट काफी ज्यादा है। माना जा रहा है कि यूपी के शहरों के पहले चरण में चयन नहीं होने के पीछे बजट और शहर के विकास में भूमिका को भी कारण रखा गया है।
पहले 15 अप्रैल तक राजधानी वाले शहरों को प्रस्ताव देने हैं। इसके बाद 15 जून तक हमें प्रस्ताव तैयार करने का समय मिला है। हमने कंसलटेंट बदलने और टॉप-20 शहरों की सलाहकार कंपनियों को यहां तैनात करने का मांग की है। एक अप्रैल से नए सिरे से तैयारी शुरू की जाएगी।
डा. नीरज शुक्ला, नगरायुक्त
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हालांकि पहली सूची से बाहर होने के बाद से ही नगर निगम की तैयारियां और कोशिशें काफी धीमी हो गई थी। माना जा रहा है कि एक अप्रैल से नए कंसलटेंट कंपनी की नियुक्ति के बाद से नए सिरे से कवायद होगी। सहारनपुर को 15 जून तक अपना प्रस्ताव केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय को देना है।
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दरअसल, शहरी विकास मंत्रालय के इस प्रोजेक्ट को लेकर सहारनपुर को काफी उम्मीदें थी। मगर, सही जानकारी नहीं होने के कारण पहली सूची के लिए बनाए गए प्रस्ताव पूरी तरह से खारिज हो गए।
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दूसरे चरण में राजधानी वाले शहरों के प्रस्ताव 15 अप्रैल तक जाने हैं। इसके बाद तीसरे चरण में 15 जून तक सहारनपुर सहित अन्य शहरों के नए सिरे से प्रस्ताव जाएंगे। हालांकि पहली सूची से बाहर होने के बाद दो महीने से नगर निगम की तैयारियां ठंडे बस्ते में चली गई। यही कारण है कि स्मार्ट सिटी को लेकर चल रही तैयारियों पर भी लगभग विराम लग गया है।
शहर में बने विकास का माहौल भी थम सा गया है। हालांकि तीसरे चरण में स्मार्ट सिटी की होड़ के लिए शासन ने नई कंसलटेंट कंपनी का प्रस्ताव दिया है। नगर निगम ने टॉप-20 में शामिल हुए शहरों के कंसलटेंट की डिमांड कर दी है। माना जा रहा है कि नई कंसलटेंट कंपनी के बाद नए सिरे से प्रस्ताव तैयार होंगे।
उधर, अब एक्सपर्ट कंसलटेंट के जरिये स्मार्ट सिटी के लिए सहारनपुर अपनी कोशिश करेगा। हालांकि कैपिटल आय बढ़ाने के लिए नगर निगम ने अब तक कोई प्रयास नहीं किया है।
स्मार्ट सिटी में चयनित हुए 20 पहले शहर के नगर निगम की भूमिका वहां काफी प्रभावी है और उनका सालाना बजट काफी ज्यादा है। माना जा रहा है कि यूपी के शहरों के पहले चरण में चयन नहीं होने के पीछे बजट और शहर के विकास में भूमिका को भी कारण रखा गया है।
पहले 15 अप्रैल तक राजधानी वाले शहरों को प्रस्ताव देने हैं। इसके बाद 15 जून तक हमें प्रस्ताव तैयार करने का समय मिला है। हमने कंसलटेंट बदलने और टॉप-20 शहरों की सलाहकार कंपनियों को यहां तैनात करने का मांग की है। एक अप्रैल से नए सिरे से तैयारी शुरू की जाएगी।
डा. नीरज शुक्ला, नगरायुक्त