फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Saharanpur News ›   Smart city plan destroyed, only 20 crores out of 120 crores spent

स्मार्ट सिटी योजना को पलीता, 120 करोड़ में से मात्र 20 करोड़ ही खर्च

Sun, 20 Jun 2021 11:12 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 20 Jun 2021 11:12 PM IST
विज्ञापन
Smart city plan destroyed, only 20 crores out of 120 crores spent
सहारनपुर। स्मार्ट सिटी योजना को निगम अफसरों ने ही पलीता लगा दिया है। साढ़े तीन साल पहले मिले 120 करोड़ रुपये में से केवल 20 करोड़ रुपये ही योजना पर खर्च हो पाए हैं। निगम अफसर और स्मार्ट सिटी की कंपनी के बीच शुरू हुई खींचतान में सरकारी योजना को पलीता लगाने के मामले का खुलासा हुआ है। कंपनी सचिव पूजा द्वारा लगाए आरोपों के बाद अफसरों में बेचैनी बढ़ गई है। हालांकि निगम अफसरों ने अपने बचाव के लिए कंपनी सचिव को ही इसके लिए जिम्मेदार ठहराना शुरू कर दिया है। लेकिन सवाल है कि कंपनी सचिव लापरवाही कर रही थीं तो बाकी अधिकारियों ने पहले ही सख्त कदम क्यों नहीं उठाया। क्यों स्मार्ट सिटी की रेंकिंग को 62 से गिरकर 92 पर पहुंचने दिया गया। अब अधिकारी बता रहे हैं कि बीते साढ़े तीन साल में 120 करोड़ रुपये स्मार्ट सिटी के लिए मिले, जिनमें से सिर्फ 20 करोड़ रुपये ही खर्च हुए हैं।
विज्ञापन

प्रकरण को लेकर सीईओ एवं नगरायुक्त ज्ञानेंद्र सिंह ने रविवार को योजना के लिए अभी तक मिले बजट तथा खर्च की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि स्मार्ट सिटी के लिए केंद्र व राज्य सरकार से अभी तक सहारनपुर को 119.50 करोड़ रुपया प्राप्त हुआ है, जिसमें से मात्र 20.61 करोड़ रुपया खर्च हुआ और 98.89 करोड़ रुपया स्मार्ट सिटी के खाते में बकाया है।
विज्ञापन

स्मार्ट सिटी योजना में लगा चुकी हैं भ्रष्टाचार के आरोप
स्मार्ट सिटी सहारनपुर की कंपनी सचिव पूजा ने पिछले दिनों राज्य महिला आयोग को शिकायत भेजकर स्मार्ट सिटी के सीईओ और मुख्य वित्त अधिकारी पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया था। साथ ही मंडलायुक्त को शिकायत कर स्मार्ट सिटी के कार्यों में भ्रष्टाचार के भी आरोप लगाए थे।
विज्ञापन
विज्ञापन

कुछ काम शुरू तो कुछ अब होंगे
- नगरायुक्त ने बताया कि कोरोना व कुछ अन्य कारणों से स्मार्ट सिटी की योजनाएं पिछड़ी हैं, मगर अब कार्यों में तेजी लाई जाएगी। बताया कि पहले चरण में स्मार्ट सिटी के तहत 23 किमी स्मार्ट रोड़ बनाई जाएगी, जिसका काम घंटाघर से कोर्ट रोड ओवरब्रिज तक शुरू हो गया है। इसके अलावा स्मार्ट सिटी के तहत सोलिड वेस्ट मैनेजमेंट के लिए 03.13 करोड़ रुपये कीमत के वाहन व अन्य उपकरण खरीदे जा चुके हैं।

योजना के खजाने में भ्रष्टाचार के आरोप गलत
- स्मार्ट सिटी के खर्चों का ऑडिट भारत सरकार के महालेखा परीक्षक यानि कैग (कंट्रोलर ऑडिटर जनरल) द्वारा किया जाता है। ऐसे में वित्तीय गड़बड़ी होने का सवाल ही नहीं उठता है। वित्तीय वर्ष 2019-2020 तक का ऑडिट कैग द्वारा किया जा चुका है। उन्होंने यह भी बताया कि स्मार्ट सिटी के तहत जो भी खरीद हुई है वह जैम पोर्टल के माध्यम से की गई है।
ज्ञानेन्द्र सिंह, नगरायुक्त।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed