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स्लॉट खुला और चंद मिनटों में फुल बुकिंग
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सहारनपुर। कोरोना संक्रमण बचाव को के लिए वैक्सीनेशन को लेकर युवाओं और नागरिकों में काफी उत्साह है। बड़ी संख्या में लोग रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं, लेकिन स्लॉट नहीं ले पा रहे हैं। इसके लिए पूरे दिन नागरिकों को इंतजार करना पड़ता है। पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन है, जब स्लॉट खुलता है तो चंद मिनटों में सभी सेंटर पर बुकिंग फुल हो जाती है, जिस कारण काफी लोग स्लॉट बुक कराने से वंचित रह जाते हैं।
कोरोना वैक्सीनेशन चल रहा है। कोरोना से बचाव के लिए वैक्सीन लगवाने के लिए ऑनलाइन पंजीकरण कराना आवश्यक है। इसके पश्चात स्लॉट यानी (टीका लगवाने का समय लेना) मिलता है। 18 वर्ष की ऊपर की उम्र वालों सहित हर नागरिक वैक्सीन लगवाना चाहता है। इसलिए ज्यादातर लोग रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं, लेकिन स्लॉट लेने के इंतजार में रहते हैं, लेकिन एक दिन में पूरे जिले में आठ से दस हजार लोगों को टीका लग पाता है। इसी हिसाब से ऑनलाइन स्लॉट खुलता है और इतने लोगों की संख्या पूरे होते ही स्लॉट बंद हो जाता है। इसलिए लोग पूरे दिन स्लॉट खुलने का इंतजार करते हैं।
स्लॉट खुलने का समय होना चाहिए निर्धारित
भूतेश्वनगर निवासी दीपक गुप्ता और हकीकतनगर निवासी विरेंद्र बहल का कहना है कि शासन को स्लॉट खुलने का समय भी निर्धारित करना चाहिए। ताकि समय पर लोग स्लॉट ले सकें। समय निर्धारित न होने की वजह से पूरे दिन इंतजार करना पड़ता है। कभी स्लॉट लेने के लिए सुबह साइट चलती है तो कभी शाम को।
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निजी अस्पतालों में भी बनाए वैक्सीनेशन सेंटर
स्वास्थ्य विभाग की ओर से पहले जिले में निजी अस्पतालों में भी वैक्सीन लगाने के लिए अधिकृत किया था, लेकिन वैक्सीन न उपलब्ध होने की वजह से इन अस्पतालों को वैक्सीन बंद हो गया। उनका कहना है निजी अस्पतालों को दोबारा वैक्सीनेशन की अनुमति दी जानी चाहिए। ताकि लोग आसानी से वैक्सीन लगवा सकें और सरकारी सेंटरों पर भी भीड़ न हो।
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कोरोना वैक्सीनेशन चल रहा है। कोरोना से बचाव के लिए वैक्सीन लगवाने के लिए ऑनलाइन पंजीकरण कराना आवश्यक है। इसके पश्चात स्लॉट यानी (टीका लगवाने का समय लेना) मिलता है। 18 वर्ष की ऊपर की उम्र वालों सहित हर नागरिक वैक्सीन लगवाना चाहता है। इसलिए ज्यादातर लोग रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं, लेकिन स्लॉट लेने के इंतजार में रहते हैं, लेकिन एक दिन में पूरे जिले में आठ से दस हजार लोगों को टीका लग पाता है। इसी हिसाब से ऑनलाइन स्लॉट खुलता है और इतने लोगों की संख्या पूरे होते ही स्लॉट बंद हो जाता है। इसलिए लोग पूरे दिन स्लॉट खुलने का इंतजार करते हैं।
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स्लॉट खुलने का समय होना चाहिए निर्धारित
भूतेश्वनगर निवासी दीपक गुप्ता और हकीकतनगर निवासी विरेंद्र बहल का कहना है कि शासन को स्लॉट खुलने का समय भी निर्धारित करना चाहिए। ताकि समय पर लोग स्लॉट ले सकें। समय निर्धारित न होने की वजह से पूरे दिन इंतजार करना पड़ता है। कभी स्लॉट लेने के लिए सुबह साइट चलती है तो कभी शाम को।
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निजी अस्पतालों में भी बनाए वैक्सीनेशन सेंटर
स्वास्थ्य विभाग की ओर से पहले जिले में निजी अस्पतालों में भी वैक्सीन लगाने के लिए अधिकृत किया था, लेकिन वैक्सीन न उपलब्ध होने की वजह से इन अस्पतालों को वैक्सीन बंद हो गया। उनका कहना है निजी अस्पतालों को दोबारा वैक्सीनेशन की अनुमति दी जानी चाहिए। ताकि लोग आसानी से वैक्सीन लगवा सकें और सरकारी सेंटरों पर भी भीड़ न हो।