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साइज में उलझकर रह गई आलू की खरीद योजना
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 21 Apr 2017 12:48 AM IST
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बागपत। सूबे की सरकार ने भले ही आलू खरीद के निर्देश दिए हो, लेकिन अभी जिले में खरीद शुरू नहीं हुई है। खरीद केंद्र पर बेहतर साइज के आलू खरीदा जा रहा है, जबकि किसानों ने कहा हर प्रकार के साइज की खरीद होनी चाहिए। किसान साइज के हिसाब से आलू की खरीद का विरोध करते चले आ रहे हैं।
कृषि उत्पादन आयुक्त प्रदीप भटनागर ने निर्देशित किया था कि आलू के किसानों को समस्या नहीं होनी चाहिए। पचास किलो ग्राम क्षमता के बोरों की व्यवस्था क्रय संस्थाओं द्वारा की जाएगी। किसी भी दशा में केंद्र पर आने वाले कृषक का बोरों की कमी के कारण क्रय करने से मना नहीं करेंगे। असल में सरकार ने फार्मूला तय किया खरीद किए जाने वाले आलू का व्यास 30 से 55 मिमी होना चाहिए। आलू की डी-शेप्ड, कट-फ, ओवर साइज, अंडर साइज और रोग ग्रस्त नहीं होना चाहिए, लेकिन जिले में इसका विरोध शुरू हो गया है।
जिला उद्यान अधिकारी विजय चंद ने बताया शासन ने जो आलू के साइज को खरीदने का नियम बनाया है, उससे किसान संतुष्ट नहीं है, क्योंकि कृषकों का आलू मंडी में हर साइज का बिक जाता है, कोई सीमा निर्धारित नहीं है। इस कारण किसान केंद्र तक नहीं पहुंच रहे हैं। जिला उद्यान अधिकारी ने बताया बागपत जिले में लहचौड़ा, गोना और रटौल गांव में ही आलू की पैदावार होती है।
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उन्होंने कहा मुबारिकपुर में केंद्र खोला है। आलू की खरीद नहीं हुई है। किसान अपने आलू को पहले ही क्रय कर चुके हैं। दूसरी तरफ आलू उत्पादक किसान बलबीर सिंह, सलीम और जितेंद्र कुमार ने कहा प्रत्येक साइज के आलू की खरीद होनी चाहिए।
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कृषि उत्पादन आयुक्त प्रदीप भटनागर ने निर्देशित किया था कि आलू के किसानों को समस्या नहीं होनी चाहिए। पचास किलो ग्राम क्षमता के बोरों की व्यवस्था क्रय संस्थाओं द्वारा की जाएगी। किसी भी दशा में केंद्र पर आने वाले कृषक का बोरों की कमी के कारण क्रय करने से मना नहीं करेंगे। असल में सरकार ने फार्मूला तय किया खरीद किए जाने वाले आलू का व्यास 30 से 55 मिमी होना चाहिए। आलू की डी-शेप्ड, कट-फ, ओवर साइज, अंडर साइज और रोग ग्रस्त नहीं होना चाहिए, लेकिन जिले में इसका विरोध शुरू हो गया है।
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जिला उद्यान अधिकारी विजय चंद ने बताया शासन ने जो आलू के साइज को खरीदने का नियम बनाया है, उससे किसान संतुष्ट नहीं है, क्योंकि कृषकों का आलू मंडी में हर साइज का बिक जाता है, कोई सीमा निर्धारित नहीं है। इस कारण किसान केंद्र तक नहीं पहुंच रहे हैं। जिला उद्यान अधिकारी ने बताया बागपत जिले में लहचौड़ा, गोना और रटौल गांव में ही आलू की पैदावार होती है।
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उन्होंने कहा मुबारिकपुर में केंद्र खोला है। आलू की खरीद नहीं हुई है। किसान अपने आलू को पहले ही क्रय कर चुके हैं। दूसरी तरफ आलू उत्पादक किसान बलबीर सिंह, सलीम और जितेंद्र कुमार ने कहा प्रत्येक साइज के आलू की खरीद होनी चाहिए।