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फर्जीवाड़े की जांच को गठित होगी एसआईटी
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फर्जीवाड़ा की जांच के लिए गठित होगी एसआईटी
सहारनपुर। ट्रैक्टरों के चेसिस नंबर बदलकर किसानों को बेचने के मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन होगा। वहीं, थाना जनकपुरी में एक नामजद सहित कई अज्ञात ट्रैक्टर एजेंसियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया, जिसे कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया।
एसपी सिटी राजेश कुमार ने बताया कि एसओजी और थाना पुलिस द्वारा पकड़े 22 ट्रैक्टरों के मामले में थाना जनकपुरी में मुस्तकीम अहमद पुत्र गुलजार निवासी खानआलमपुर की एजेंसी कई अज्ञात ट्रैक्टर एजेंसियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। इनमें से मुस्तकीम को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया। एसपी सिटी ने बताया कि मुस्तकीम की माहिपुरा में ट्रैक्टर की एजेंसी है। इस एजेंसी से तीन ट्रैक्टर किसानों को बेचे गए। इन सभी ट्रैक्टरों के चेचिस नंबर बदले हुए थे। मुस्तकीम ने पूछताछ में कई नामों का खुलासा किया है। पुलिस ने अभी यह नाम सार्वजनिक नहीं किए हैं। एसपी सिटी का कहना है कि उच्चाधिकारियों के निर्देशानुसार इस मामले की जांच के लिए स्थानीय स्तर पर एसआईटी का गठन करने की तैयारी कर ली गई है। फिलहाल एक आरोपी को पकड़कर 22 ट्रैक्टर बरामद किए हैं।
आरटीएओ कार्यालय के कर्मचारियों की फंसेगी गर्दन
इस मामले में आरटीओ कार्यालय के कुछ कर्मचारियों की गर्दन फंसना तय है। क्योंकि, ट्रैक्टर के कागजात में और ट्रैक्टर पर अंकित चेसिस नंबर अलग-अलग मिले हैं। इसके बाद भी ट्रैक्टर के कागजात तैयार किए। इस मामले में बड़ा गिरोह शामिल है।
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किसानों के साथ हुआ धोखा, ट्रैक्टरों पर आरोपियों ने लोन भी लिया
पुलिस ने ऐसे 22 ट्रैक्टर बरामद किए हैं, जिनके चेसिस नंबर में गड़बड़ी मिली है। इन ट्रैक्टरों पर पहले विभिन्न बैंकों से लोन लिया गया और फिर चेसिस नंबर बदलकर एजेंसियों से किसानों को बेच दिया। यह ट्रैक्टर महाराष्ट्र, हरियाणा, पंजाब और सहारनपुर में ट्रैक्टर निर्माता कंपनियों की विभिन्न एजेंसियों से खरीदे गए हैं। एसपी सिटी राजेश कुमार ने बताया कि किसानों के साथ एजेंसी संचालकों ने धोखा किया है।
एक एजेंसी संचालक मुस्तकीम को पकड़ा गया है। अभी तक 22 ट्रैक्टर बरामद हुए हैं, जिनके चेसिस नंबर बदले गए हैं। इस मामले की जांच के लिए एसआईटी का भी गठन किया जाएगा। थाना जनकपुरी में एक नामजद सहित कई अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है, जिनके नाम सामने आते रहेंगे, उनके खिलाफ पुलिस कार्रवाई जारी रहेगी। - आकाश तोमर, एसएसपी
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सहारनपुर। ट्रैक्टरों के चेसिस नंबर बदलकर किसानों को बेचने के मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन होगा। वहीं, थाना जनकपुरी में एक नामजद सहित कई अज्ञात ट्रैक्टर एजेंसियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया, जिसे कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया।
एसपी सिटी राजेश कुमार ने बताया कि एसओजी और थाना पुलिस द्वारा पकड़े 22 ट्रैक्टरों के मामले में थाना जनकपुरी में मुस्तकीम अहमद पुत्र गुलजार निवासी खानआलमपुर की एजेंसी कई अज्ञात ट्रैक्टर एजेंसियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। इनमें से मुस्तकीम को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया। एसपी सिटी ने बताया कि मुस्तकीम की माहिपुरा में ट्रैक्टर की एजेंसी है। इस एजेंसी से तीन ट्रैक्टर किसानों को बेचे गए। इन सभी ट्रैक्टरों के चेचिस नंबर बदले हुए थे। मुस्तकीम ने पूछताछ में कई नामों का खुलासा किया है। पुलिस ने अभी यह नाम सार्वजनिक नहीं किए हैं। एसपी सिटी का कहना है कि उच्चाधिकारियों के निर्देशानुसार इस मामले की जांच के लिए स्थानीय स्तर पर एसआईटी का गठन करने की तैयारी कर ली गई है। फिलहाल एक आरोपी को पकड़कर 22 ट्रैक्टर बरामद किए हैं।
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आरटीएओ कार्यालय के कर्मचारियों की फंसेगी गर्दन
इस मामले में आरटीओ कार्यालय के कुछ कर्मचारियों की गर्दन फंसना तय है। क्योंकि, ट्रैक्टर के कागजात में और ट्रैक्टर पर अंकित चेसिस नंबर अलग-अलग मिले हैं। इसके बाद भी ट्रैक्टर के कागजात तैयार किए। इस मामले में बड़ा गिरोह शामिल है।
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किसानों के साथ हुआ धोखा, ट्रैक्टरों पर आरोपियों ने लोन भी लिया
पुलिस ने ऐसे 22 ट्रैक्टर बरामद किए हैं, जिनके चेसिस नंबर में गड़बड़ी मिली है। इन ट्रैक्टरों पर पहले विभिन्न बैंकों से लोन लिया गया और फिर चेसिस नंबर बदलकर एजेंसियों से किसानों को बेच दिया। यह ट्रैक्टर महाराष्ट्र, हरियाणा, पंजाब और सहारनपुर में ट्रैक्टर निर्माता कंपनियों की विभिन्न एजेंसियों से खरीदे गए हैं। एसपी सिटी राजेश कुमार ने बताया कि किसानों के साथ एजेंसी संचालकों ने धोखा किया है।
एक एजेंसी संचालक मुस्तकीम को पकड़ा गया है। अभी तक 22 ट्रैक्टर बरामद हुए हैं, जिनके चेसिस नंबर बदले गए हैं। इस मामले की जांच के लिए एसआईटी का भी गठन किया जाएगा। थाना जनकपुरी में एक नामजद सहित कई अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है, जिनके नाम सामने आते रहेंगे, उनके खिलाफ पुलिस कार्रवाई जारी रहेगी। - आकाश तोमर, एसएसपी