{"_id":"605a34118ebc3eda4d71afc6","slug":"sikh-society-has-been-celebrating-holla-mohalla-for-73-years-saharanpur-news-mrt5312545187","type":"story","status":"publish","title_hn":"73 सालों से सिख समाज मना रहा होल्ला मोहल्ला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
73 सालों से सिख समाज मना रहा होल्ला मोहल्ला
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
होता है गुरु ग्रंथ साहिब का अखंड पाठ, शबद कीर्तन और नगर कीर्तन
नानौता। होली के मौके पर सिख समाज द्वारा नगर में 73 वर्षों से होल्ला मोहल्ला पर्व मनाया जाता है। इसमें गुरु ग्रंथ साहिब जी के श्री अखंड पाठ, शबद कीर्तन तथा नगर कीर्तन का आयोजन होता है। इस बार नगर कीर्तन में निहंग सिंह हरदीप खालसा पाइप बैंड मुख्य आकर्षण का केंद्र रहेगा।
होल्ला मोहल्ला पर धार्मिक दीवान व नगर कीर्तन सर्वप्रथम 1947 में गुरुद्वारा के संस्थापक व उस समय के प्रसिद्ध चिकित्सक सरदार झंडा सिंह के नेतृत्व में शुरू हुआ था। गुरुद्वारा परिसर में आयोजित इस तीन दिवसीय धार्मिक कार्यक्रम के अंतर्गत पहले दिन श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के श्री अखंड पाठ का आयोजन होगा। दूसरे दिन निशान साहिब जी के चोले की सेवा होती है तथा श्री अखंड पाठ साहिब जी के मध्य के भोग की अरदास होती है। तीसरे दिन सुबह ही गुरुद्वारा परिसर में शब्द कीर्तन के माध्यम से आसा दी वार कीर्तन तदुपरांत श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के पाठ की समाप्ति के बाद गुरुद्वारा परिसर में धार्मिक दीवान का आयोजन किया जाता है। इसमें कीर्तन जत्थे द्वारा शब्द कीर्तन तथा ढाडी जत्था द्वारा प्रसंग के माध्यम से होल्ला मोहल्ला के पर्व पर प्रकाश डाला जाता है। तत्पश्चात गुरुद्वारा परिसर से पंज प्यारों की अगुवाई में नगर कीर्तन निकाला जाता है। नगर कीर्तन में शस्त्र विद्या कौशल दिखाते हुए गतका पार्टी अपने हैरतअंगेज कारनामों से लोगों को आश्चर्यचकित करती है। इस दौरान अटूट लंगर का आयोजन होता है।
वर्ष 1699 में गुरु गोविंद सिंह जी ने अनंदपुर साहिब में की थी शुरुआत
गुरुद्वारा के हैड ग्रंथी ज्ञानी हरविंदर सिंह बताया कि वर्ष 1699 में फाग के दिन गुरु गोविंद सिंह जी ने तख्त श्री केशगढ़ साहिब (अनंदपुर साहिब) में बिगड़े होली के पवित्र त्योहार को सुधारने तथा सिखों में शक्ति का संचार करने के लिए शस्त्र धारण कराए थे। इसी में नानौता में भी पिछले 73 वर्षों से होल्ला मोहल्ला का पर्व मनाया जाता है। इस कार्यक्रम में दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, शामली, उत्तराखंड आदि से साध संगत धर्म लाभ उठाते हैं।
विज्ञापन
धार्मिक दीवान की सारी तैयारियां पूरी
गुरुद्वारा गुरु सिंह सभा के प्रधान सरदार भूपेंद्र सिंह खालसा ने बताया कि नगर में सालाना कीर्तन धार्मिक दीवान कार्यक्रम की सभी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। धार्मिक कार्यक्रम में रागी जत्था भाई गुलजार सिंह यमुनानगर वाले, इंटरनेशनल ढाडी जत्था राजन सिंह, रागी जत्था भाई दविंदर सिंह दिल्ली वाले, श्री गुरु तेग बहादर कीर्तनी जत्था करनाल, गतका पार्टी अलीगढ़ सहित अनेक रागी, ज्ञानी व प्रचारक होल्ला मोहल्ला पर्व पर प्रकाश डालते हुए संगत को निहाल करेंगे।
विज्ञापन
नानौता। होली के मौके पर सिख समाज द्वारा नगर में 73 वर्षों से होल्ला मोहल्ला पर्व मनाया जाता है। इसमें गुरु ग्रंथ साहिब जी के श्री अखंड पाठ, शबद कीर्तन तथा नगर कीर्तन का आयोजन होता है। इस बार नगर कीर्तन में निहंग सिंह हरदीप खालसा पाइप बैंड मुख्य आकर्षण का केंद्र रहेगा।
होल्ला मोहल्ला पर धार्मिक दीवान व नगर कीर्तन सर्वप्रथम 1947 में गुरुद्वारा के संस्थापक व उस समय के प्रसिद्ध चिकित्सक सरदार झंडा सिंह के नेतृत्व में शुरू हुआ था। गुरुद्वारा परिसर में आयोजित इस तीन दिवसीय धार्मिक कार्यक्रम के अंतर्गत पहले दिन श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के श्री अखंड पाठ का आयोजन होगा। दूसरे दिन निशान साहिब जी के चोले की सेवा होती है तथा श्री अखंड पाठ साहिब जी के मध्य के भोग की अरदास होती है। तीसरे दिन सुबह ही गुरुद्वारा परिसर में शब्द कीर्तन के माध्यम से आसा दी वार कीर्तन तदुपरांत श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के पाठ की समाप्ति के बाद गुरुद्वारा परिसर में धार्मिक दीवान का आयोजन किया जाता है। इसमें कीर्तन जत्थे द्वारा शब्द कीर्तन तथा ढाडी जत्था द्वारा प्रसंग के माध्यम से होल्ला मोहल्ला के पर्व पर प्रकाश डाला जाता है। तत्पश्चात गुरुद्वारा परिसर से पंज प्यारों की अगुवाई में नगर कीर्तन निकाला जाता है। नगर कीर्तन में शस्त्र विद्या कौशल दिखाते हुए गतका पार्टी अपने हैरतअंगेज कारनामों से लोगों को आश्चर्यचकित करती है। इस दौरान अटूट लंगर का आयोजन होता है।
विज्ञापन
वर्ष 1699 में गुरु गोविंद सिंह जी ने अनंदपुर साहिब में की थी शुरुआत
गुरुद्वारा के हैड ग्रंथी ज्ञानी हरविंदर सिंह बताया कि वर्ष 1699 में फाग के दिन गुरु गोविंद सिंह जी ने तख्त श्री केशगढ़ साहिब (अनंदपुर साहिब) में बिगड़े होली के पवित्र त्योहार को सुधारने तथा सिखों में शक्ति का संचार करने के लिए शस्त्र धारण कराए थे। इसी में नानौता में भी पिछले 73 वर्षों से होल्ला मोहल्ला का पर्व मनाया जाता है। इस कार्यक्रम में दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, शामली, उत्तराखंड आदि से साध संगत धर्म लाभ उठाते हैं।
विज्ञापन
धार्मिक दीवान की सारी तैयारियां पूरी
गुरुद्वारा गुरु सिंह सभा के प्रधान सरदार भूपेंद्र सिंह खालसा ने बताया कि नगर में सालाना कीर्तन धार्मिक दीवान कार्यक्रम की सभी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। धार्मिक कार्यक्रम में रागी जत्था भाई गुलजार सिंह यमुनानगर वाले, इंटरनेशनल ढाडी जत्था राजन सिंह, रागी जत्था भाई दविंदर सिंह दिल्ली वाले, श्री गुरु तेग बहादर कीर्तनी जत्था करनाल, गतका पार्टी अलीगढ़ सहित अनेक रागी, ज्ञानी व प्रचारक होल्ला मोहल्ला पर्व पर प्रकाश डालते हुए संगत को निहाल करेंगे।