देवबंद में बनेगा श्री कृष्ण मंदिर!: 26 मिनट के संबोधन में धर्म के सात मूलमंत्र समझा गए RSS प्रमुख मोहन भागवत
Deoband News : देवबंद में श्री कृष्ण मंदिर का निर्माण करने के लिए लोक निर्माण विभाग के मंत्री से जमीन मांगी है। उन्होंने वहां पर जमीन दिलाने का आश्वासन दिया है, अगर जमीन मिलती है तो हम देवबंद में भी श्री कृष्ण मंदिर बनेगा।
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सहारनपुर में सरसावा के श्री कृष्ण ज्ञान मंदिर के भूमि पूजन कार्यक्रम में पहुंचे आरएसएस प्रमुख डॉ. मोहन भागवत का संबोधन 26 मिनट का रहा, लेकिन 26 मिनट के संबोधन में वह धर्म के सात मूलमंत्र दे गए। उन्होंने मौजूद भीड़ को सत्य, करुणा, शुचिता और तपस्या के साथ-साथ श्रद्धा, त्याग और दान का भी पाठ पढ़ाया। बताया कि यह धर्म के नियम है।
उन्होंने कहा कि व्यक्ति जब तक इनकी चौखट के अंदर रहेगा वह धर्म में रहेगा और चौखट से बाहर कदम रखते ही वह अधर्म में हो जाता है। यह ऐसे मंत्र है, जिन्हें कोई भी अपना सकता है, बशर्ते उसे अपना आचरण बदलना होगा। इन्हें अपनाते ही वह धर्म की राह पर चल देता है। इन मूलमंत्र पर चलने के लिए उन्होंने राष्ट्रवादी, समाज सुधारक और स्वतंत्रता सेनानी लोकमान्य तिलक और एक राजा का उदाहरण भी दिया। जिन्होंने समझाया कि काम ऐसा करो जो उत्तम हो और अहंकार बिल्कुल न हो।
आरएसएस प्रमुख के आने का समय 11 बजे का था, लेकिन वह करीब साढ़े 10 बजे पहुंच गए थे। उन्होंने पहले भूमि पूजन किया और फिर 10:55 पर मंच पर पहुंचे। उन्होंने अपना संबोधन 12.15 पर शुरू किया और 12:41 खत्म कर मंच से नीचे उतर गए।
मैं संतों का कभी अनादर नहीं करता
भूमि पूजन कार्यक्रम के निमंत्रण पर कहा कि मैं कभी संतों का अनादर नहीं करता। मैं खुद को भाग्यवान मानता हूं कि मुझे बुलाया जाता है। अगर समय की व्यस्तता के कारण नहीं जा पाता तो मैं खुद का नसीब खोटा समझता हूं। मैं रोज पूजा नहीं करता। फिर भी लोग मुझे संत कहकर बुलाते हैं। संतों को मुझे बुलाने से कुछ मिले या न मिले, लेकिन मुझे धर्म लाभ जरूर मिलता है।
धर्म के मार्ग को अपनाएं, गीता भी देती है यही संदेश
महाराष्ट्र से आए हंसराज बाबा ने कहा कि बड़ा ही सौभाग्य का दिन हैं, जब श्री कृष्ण ज्ञान मंदिर का भूमि पूजन हो रहा है। उन्होंने कहा कि धर्म के मार्ग को अपनाएं। गीता भी यही संदेश देती है। महाराष्ट्र से आए विजय राज बाबा ने कहा कि प्रभु श्री कृष्ण की शरण में जाने वाले को मोक्ष की प्राप्ति होती है।
कान्हे राज बाबा ने कहा कि श्री कृष्ण ज्ञान मंदिर का शिलान्यास कार्यक्रम ऐतिहासिक दिन है। इनके अलावा गोपीराज बाबा, विध्वंस, शंकराचार्य आश्रम प्रभारी सिद्ध भैरव तंत्राचार्य सहजानंद महाराज, महराष्ट्र से हंसराज बाबा, चिरड़े बाबा ने भी विचार रखे। इस दौरान मंच पर आयोजक अनूप मुनि महानुभाव, अंतरराष्ट्रीय ध्यान योग गुरु दीपांकर महाराज, नोएडा से आईं तपस्वी आऊसा बाईजी, दिल्ली से आईं रेनाइसा बाईजी, तपस्वी पूनम बाईजी मौजूद रहे। बता दें, कि इस मंदिर निर्माण के लिए नकुड़ विधायक मुकेश चौधरी ने जमीन दिलाई थी। इसके लिए सभी संतों ने उनका आभार जताया।
कार्यक्रम में यह रहे मौजूद
राज्यमंत्री लोक निर्माण विभाग बृजेश सिंह, कैराना सांसद प्रदीप चौधरी, नकुड़ विधायक मुकेश चौधरी, महापौर अजय कुमार, विधायक देवेंद्र निम, विधायक राजीव गुंबर, विधायक कीरत सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष मांगेराम चौधरी, पूर्व सांसद राघव लखनपाल शर्मा, पूर्व विधायक जगपाल, भाजपा जिलाध्यक्ष डॉ. महेंद्र सैनी, भाजपा महानगर अध्यक्ष पुनीत त्यागी के अलावा स्थानीय विप्र परिवार से जुड़े प्रगीत कौशिक, पंडित योगेश दीक्षित, पंडित योगेश गोनियाल, पंडित अरूण, पंडित विद्या सागर चूड़ामणी, पंडित दीपक अग्निहोत्री मौजूद रहे।
सुरक्षा रही चाकचौबंद
कार्यक्रम को लेकर पुलिस-प्रशासन सतर्क रहा। कार्यक्रम स्थल के आसपास सुरक्षा चाकचौबंद रही। चप्पे-चप्पे पर पुलिसकर्मी तैनात रहे। इसके साथ ही एसएसपी डाॅ. विपिन ताड़ा व एसपी सिटी अभिमन्यु मांगलिक ने सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। पंत विहार स्थित मंदिर में भी सुरक्षा के पुख्ता बंदोबस्त थे। वहां पर किसी भी बाहरी व्यक्ति या मीडियाकर्मियों को एंट्री नहीं दी गई।
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देवबंद में भी बना देंगे श्री कृष्ण मंदिर : कारंजेकर बाबा
अमरावती के आचार्य कारंजेकर बाबा ने कार्यक्रम में कहा कि हमने देवबंद में श्री कृष्ण मंदिर का निर्माण करने के लिए लोक निर्माण विभाग के मंत्री से जमीन मांगी है। उन्होंने वहां पर जमीन दिलाने का आश्वासन दिया है, अगर जमीन मिलती है तो हम देवबंद में भी श्री कृष्ण मंदिर बना देंगे।
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