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Saharanpur News: बरसात आते ही हाथियों से गुलजार हुआ शिवालिक जंगल
Thu, 11 Jul 2024 02:38 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Thu, 11 Jul 2024 02:38 AM IST
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शिवालिक जंगल में विचरण करता हाथियों का झुंड। श्रोत वनकर्मी
छुटमलपुर। बारिश का मौसम आते ही शिवालिक के जंगल हाथियों से गुलजार हो गए हैं। गजराज के दो झुंड अपने पूरे परिवार के साथ राजाजी टाइगर रिजर्व से होते हुए परंपरागत मार्ग से शिवालिक जंगल पहुंच गए हैं। अब पूरी बरसात और सर्दियों के मौसम में इन हाथियों का ठिकाना शिवालिक जंगल रहेगा।
यूपी से उत्तराखंड के अलग होने के बाद यहां शिवालिक वन क्षेत्र में वनाच्छादित क्षेत्रफल में काफी कमी आई थी। यूपी सरकार ने इसके बाद इस क्षेत्रफल को अंतरराष्ट्रीय पर्यावरण मानक के बराबर लाने के लिए सघन पौधारोपण के कई अभियान चलाए। ऐसे ही अभियानों से शिवालिक वन प्रभाग में जंगल का क्षेत्रफल बढ़ा है। इसका असर यह है कि अब यहां पिछले कुछ वर्षों में हाथी से लेकर जंगली मुर्गे तक की संख्या काफी बढ़ी है। राजाजी पार्क के हाथियों के लिए सुरक्षित गलियारा माने जाने वाला यह वन प्रभाग एक बार फिर अपनी परंपरागत स्थिति से आगे निकलता दिखाई देने लगा है। इसका उदाहरण हाल ही में राजाजी पार्क की ओर से शिवालिक की तरफ आया 24 हाथियों का झुंड है। इसमें चार बच्चे भी शामिल हैं। इसके अलावा शिवालिक जंगल में 11 हाथियों का एक और झुंड है, जिसमें दो बच्चे हैं। दो साल पहले तो मादा हाथी ने एक बच्चे को भी यहां जन्म दिया था।
वनाधिकारियों ने बताया कि बरसात में नीचे के इलाकों में मक्खी मच्छर का प्रकोप होने के कारण हाथी हर साल शिवालिक के पहाड़ का रुख करते हैं। वैसे भी बारिश के बाद शिवालिक जंगल में पानी तथा हाथियों का प्रिय भोजन रोहिणी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध होता है।
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यूपी से उत्तराखंड के अलग होने के बाद यहां शिवालिक वन क्षेत्र में वनाच्छादित क्षेत्रफल में काफी कमी आई थी। यूपी सरकार ने इसके बाद इस क्षेत्रफल को अंतरराष्ट्रीय पर्यावरण मानक के बराबर लाने के लिए सघन पौधारोपण के कई अभियान चलाए। ऐसे ही अभियानों से शिवालिक वन प्रभाग में जंगल का क्षेत्रफल बढ़ा है। इसका असर यह है कि अब यहां पिछले कुछ वर्षों में हाथी से लेकर जंगली मुर्गे तक की संख्या काफी बढ़ी है। राजाजी पार्क के हाथियों के लिए सुरक्षित गलियारा माने जाने वाला यह वन प्रभाग एक बार फिर अपनी परंपरागत स्थिति से आगे निकलता दिखाई देने लगा है। इसका उदाहरण हाल ही में राजाजी पार्क की ओर से शिवालिक की तरफ आया 24 हाथियों का झुंड है। इसमें चार बच्चे भी शामिल हैं। इसके अलावा शिवालिक जंगल में 11 हाथियों का एक और झुंड है, जिसमें दो बच्चे हैं। दो साल पहले तो मादा हाथी ने एक बच्चे को भी यहां जन्म दिया था।
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वनाधिकारियों ने बताया कि बरसात में नीचे के इलाकों में मक्खी मच्छर का प्रकोप होने के कारण हाथी हर साल शिवालिक के पहाड़ का रुख करते हैं। वैसे भी बारिश के बाद शिवालिक जंगल में पानी तथा हाथियों का प्रिय भोजन रोहिणी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध होता है।
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