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Saharanpur News: सात फेरे हुए, निकाह पढ़ा..अब पंडित-मौलवी को ढूंढते फिर रहे दंपती

Fri, 28 Aug 2026 01:23 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर Updated Fri, 28 Aug 2026 01:23 AM IST
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Seven rounds were taken, Nikah was read now the couple is searching for a Pandit Maulvi.
सहारनपुर। पंडित जी ने मंत्र पढ़कर सात फेरे करा दिए, मौलवी साहब ने निकाह पढ़वा दिया और फादर ने चर्च में शादी की रस्म पूरी करा दी। शादी के वक्त किसी ने नहीं सोचा था कि वर्षों बाद एक मैरिज सर्टिफिकेट के लिए फिर उसी पंडित, मौलवी या फादर को तलाशना पड़ेगा। अब हाल यह है कि किसी के पंडित जी दुनिया छोड़ चुके हैं, किसी मौलवी का पता नहीं मिल रहा और कोई शादी कराने वाला व्यक्ति शहर ही छोड़ चुका है। ऐसे में वर्षों पुरानी शादियों का पंजीकरण कराने पहुंचे दंपती विभाग के चक्कर लगा रहे हैं।
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जून 2025 में स्टांप एवं पंजीयन विभाग ने विवाह पंजीकरण के नियमों में बदलाव किया। नए नियमों के तहत शादी की रस्म पूरी कराने वाले पंडित, मौलवी या फादर की गवाही को पंजीकरण के समय अनिवार्य कर दिया गया। हाल ही में शादी करने वाले लोगों को इससे अधिक परेशानी नहीं हो रही, लेकिन पांच, दस या 15 साल पहले शादी करने वाले दंपतियों के सामने मुश्किल खड़ी हो गई है। सबसे ज्यादा परेशानी उन लोगों को है, जिनकी शादी शहर से बाहर हुई थी। वर्षों बाद अब शादी कराने वाले व्यक्ति का पता ढूंढना आसान नहीं है। हालांकि शासन ने ऐसी परिस्थितियों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था भी नियमों में दी है, जिससे जरूरत पड़ने पर अन्य संबंधित गवाहों के माध्यम से प्रक्रिया पूरी की जा सकती है। जून 2025 से अगस्त 2026 तक 1237 लोगों ने शादी का पंजीकरण कराया है।
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- पंत विहार निवासी मोहित शर्मा ने बताया कि उनकी शादी को 12 वर्ष हो चुके हैं। पहले मैरिज सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं पड़ी। अब आवश्यकता पड़ी तो पता चला कि शादी कराने वाले पंडित जी का निधन हो चुका है। विभाग की ओर से उन्हें वैकल्पिक व्यवस्था के बारे में बताया गया है।
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- ताहरपुर निवासी आफताब ने बताया कि शादी को 15 वर्ष हो गए हैं। एक योजना में आवेदन के दौरान मैरिज सर्टिफिकेट की जरूरत पड़ी, लेकिन निकाह पढ़ाने वाले मौलवी को अब ढूंढना संभव नहीं है।
- वहीं, हलालपुर निवासी नीरज सैनी ने बताया कि उन्होंने शादी के बाद प्रमाणपत्र नहीं बनवाया था। अब जरूरत पड़ने पर पंजीकरण कराना पड़ रहा है और उन्होंने पंडित जी से संपर्क किया है।
- बेहट रोड निवासी अनुभव कुमार का मामला भी अलग नहीं है। शादी कराने वाले पंडित दूसरे स्थान पर चले गए। ऐसे में मैरिज सर्टिफिकेट के लिए उन्होंने अपने ससुर की गवाही कराकर प्रक्रिया पूरी की।

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वर्जन
शादी का पंजीकरण कराने के लिए रस्म पूरी कराने वाले लोगों की गवाही जरूरी है। यदि ऐसा संभव नहीं है तो अभिभावक, सगे संबंधी की गवाही के साथ वीडियो आदि साक्ष्यों उपलब्ध करा सकते हैं। इसके बाद सब रजिस्ट्रार कार्यालय में पंजीकरण हो सकता है।
- बृजेश एस चौधरी, एआईजी स्टांप
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