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Saharanpur News: पत्नी की हत्या में काटी उम्रकैद बेटे की हत्या में मिली रिहाई
Wed, 25 Mar 2026 01:03 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Wed, 25 Mar 2026 01:03 AM IST
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सहारनपुर। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने बेटे की हत्या के दोषी पिता को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। हालांकि अदालत ने यह भी कहा कि दोषी अपनी पत्नी की हत्या में पहले ही करीब 22 साल सजा भुगत चुका है।
पत्नी और बेटे की हत्या का अपराध एक ही था और अपराध संख्या भी एक ही है। ऐसे में बेटे की हत्या में दोबारा सजा नहीं काट सकता। इसके बाद दोषी को 50 हजार रुपये के निजी मुचलके पर रिहा करने के आदेश दिए हैं।
n एक अपराध के लिए एक ही बार सजा : इसके बाद अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत में देवेंद्र पर उसके बेटे अंकित उर्फ राहुल की हत्या का केस चला। इस केस पर मंगलवार को अदालत ने फैसला सुनाते दोषी देवेंद्र को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
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यह भी कहा कि संविधान के अनुच्छेद के 20(2) के तहत किसी व्यक्ति पर एक ही अपराध के लिए एक से अधिक बार मुकदमा चलाया नहीं जा सकता। न ही उसे एक से अधिक बार दंडित किया जा सकता है। मृतका सुनीता व मृतक अंकित उर्फ राहुल की हत्या एक ही अपराध है। एक ही अपराध संख्या भी है। चूंकि इस मामले में दोषी देवेंद्र उर्फ भालू पूर्व में आजीवन कारावास की सजा से दंडित हो चुका है। राज्य सरकार ने उसका जेल आचरण संतोषजनक पाया गया है।
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पत्नी और बेटे की हत्या का अपराध एक ही था और अपराध संख्या भी एक ही है। ऐसे में बेटे की हत्या में दोबारा सजा नहीं काट सकता। इसके बाद दोषी को 50 हजार रुपये के निजी मुचलके पर रिहा करने के आदेश दिए हैं।
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n एक अपराध के लिए एक ही बार सजा : इसके बाद अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत में देवेंद्र पर उसके बेटे अंकित उर्फ राहुल की हत्या का केस चला। इस केस पर मंगलवार को अदालत ने फैसला सुनाते दोषी देवेंद्र को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
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यह भी कहा कि संविधान के अनुच्छेद के 20(2) के तहत किसी व्यक्ति पर एक ही अपराध के लिए एक से अधिक बार मुकदमा चलाया नहीं जा सकता। न ही उसे एक से अधिक बार दंडित किया जा सकता है। मृतका सुनीता व मृतक अंकित उर्फ राहुल की हत्या एक ही अपराध है। एक ही अपराध संख्या भी है। चूंकि इस मामले में दोषी देवेंद्र उर्फ भालू पूर्व में आजीवन कारावास की सजा से दंडित हो चुका है। राज्य सरकार ने उसका जेल आचरण संतोषजनक पाया गया है।