फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Saharanpur News ›   Semester system will benefit, board fear will end in tenth

सेमेस्टर व्यवस्था से होगा फायदा, खत्म होगा दसवीं में बोर्ड का डर

Thu, 26 Nov 2020 09:35 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 26 Nov 2020 09:35 PM IST
विज्ञापन
Semester system will benefit, board fear will end in tenth
सेमेस्टर व्यवस्था से होगा फायदा, खत्म होगा दसवीं में बोर्ड का डर
विज्ञापन

सहारनपुर। नई शिक्षा नीति को केंद्रीय कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है, जिसमें कई व्यवस्था दी गई हैं। हाईस्कूल की बोर्ड परीक्षा का दबाव बच्चों के ऊपर से खत्म हो जाएगा। पांचवीं तक मातृभाषा में पढ़ाई होने से हिंदी को बढ़ावा मिलेगा। लेकिन अंग्रेजी माध्यम निजी स्कूलों में इसको लागू करने में कई तरह की कठिनाई भी आएंगी। इन स्कूलों में पांचवीं तक बच्चों को अंग्रेजी में ही पढ़ाया जा रहा है। हालांकि निजी स्कूल संचालकों का कहना है कि नई नीति के अनुसार पढ़ाई कराने के लिए तैयार रहेंगे।
दरअसल, नई शिक्षा नीति में बच्चे की नर्सरी और केजी की पढ़ाई से 12वीं तक की पढ़ाई को चार हिस्सों में विभाजित किया गया है। केवल 12वीं कक्षा में ही बोर्ड होगा। 9वीं से 12वीं कक्षा तक सेमेस्टर में परीक्षा लेने की व्यवस्था भी स्कूल संचालक बेहतर कदम बता रहे हैं। इससे बच्चों को सेमेस्टर के हिसाब से लगातार तैयारी करनी होगी। उससे परीक्षा परिणाम भी बेहतर होगा।
विज्ञापन

- स्कूल संचालकों की बात
- प्रोग्रेसिव स्कूल सोसायटी के संयोजक सुरेंद्र चौहान का कहना है कि नई शिक्षा नीति के तहत स्कूलों में पढ़ाई का तरीका अच्छा होगा। लेकिन पांचवीं तक मातृभाषा और फिर अगले ही साल से अंग्रेजी भाषा में पढ़ाई करना थोड़ा कठिन होगा। इसका कारण है कि बच्चों ने अब तक वन, टू, थ्री पढ़ा है, जबकि हिंदी माध्यम में उनको एक, दो, तीन बोलकर पढ़ाई करनी होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

- आशा मॉडर्न स्कूल के प्रधानाचार्य डाक्टर दिव्य जैन का कहना है कि नई शिक्षा नीति का अध्ययन किया जा रहा है। सरकार की तरफ से जो गाइडलाइन मिलेगी, उसका पालन किया जाएगा। मातृभाषा में पढ़ाई कराना ठीक कदम है, लेकिन अब तक जो दौर बदला और अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई ज्यादा होती रही, उसमें बदलाव कर बच्चों को उसी अनुरूप ढलने में वक्त तो लगेगा।

- अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में मातृभाषा पर रहेगा जोर - बीएसए
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी रमेंद्र कुमार सिंह का कहना है कि परिषदीय विद्यालयों में पहले से मातृभाषा में पढ़ाई कराई जा रही है। अब अंग्रेजी माध्यम के परिषदीय विद्यालयों में भी मातृभाषा में पढ़ाई कराने पर जोर रहेगा, ताकि बच्चे मातृभाषा में कमजोर ना रहें।
- जिले में शिक्षण संस्थानों की स्थिति
कक्षा आठवीं तक परिषदीय विद्यालयों की संख्या --- 1931
अंग्रेजी माध्यम सरकारी स्कूलों की संख्या --- 250
सीबीएसई स्कूलों की संख्या ------ 105
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed