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निर्धारित रूटों का नहीं हो रहा पालन, परेशानी झेल रहे नागरिक
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सहारनपुर। महानगर को जाम की समस्याओं से निजात दिलाने के लिए ई-रिक्शाओं और टेंपुओं के लिए रूट निर्धारित होने के बाद भी उनका पालन नहीं हो रहा है, जिस वजह से शहर के कई इलाकों में जाम की स्थिति है और नागरिकों को ये हालात झेलने पड़ रहे हैं।
डेढ़ वर्ष पूर्व महानगर में ई-रिक्शाओं और टेंपुओं का रूट निर्धारित किया गया था। पुलिस-प्रशासन की ओर से ई-रिक्शाओं और टेंपुओं के रूट भी लिखवाए गए थे। ताकि अगर कोई टेंपु व ई-रिक्शा गलत रूट पर चल रही है तो उसके खिलाफ कार्रवाई करने में आसानी रहे। वहीं प्रशासन द्वारा बनाया गया रूट प्लान सिर्फ कागजों ही संचालित हो रहा है। ई-रिक्शा व टेंपू चालक निर्धारित रूटों पर नहीं चल रहे हैं, जिस वजह से घंटाघर, बेहट, अड्डा, अंबाला रोड, देहरादून रोड पर बिजली घर के पास, चौधरी चरण सिंह चौक पर अव्यवस्था फैल रही है। चालकों की लापरवाही की वजह से इन इलाकों में जाम की स्थिति बनती है। इसी तरह टेंपुओं व ई-रिक्शाओं की वजह रायवाला, मोरगंज बाजार, नेहरू मार्केट, शहीदगंज बाजार और लोहानी सराय में यातायात व्यवस्था प्रभावित होती है, जिस वजह से नागरिकों को जाम में फंसकर परेशान होना पड़ रहा है।
होना चाहिए स्थायी समाधान
हकीकतनगर निवासी विरेंद्र बहल और नेहरू नगर निवासी कृष्ण कुमार गोयल का कहना है कि जाम की समस्या से महानगर कई वर्षों से जूझ रहा है। बाईपास बनने के बाद उम्मीद थी कि शहर की यातायात व्यवस्था में सुधार होगा, लेकिन टेंपुओं और ई-रिक्शा चालकों द्वारा अव्यवस्था फैलाई जाती है, जिस कारण लोगों को परेशान होना पड़ता है। गुरुद्वारा रोड निवासी विशाल और मोहित विहार निवासी अनुज कुमार का कहना है शहर की सबसे बड़ी परेशानी जाम लगना है। इस वजह से आधे घंटे के सफर में एक से डेढ़ घंटा लग जाता है। टेंपुओं और ई-रिक्शाओं की संख्या निर्धारित कर प्रत्येक रूट पर संचालन होना चाहिए।
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छह हजार हैं टेंपू व ई-रिक्शा, करते हैं मनमानी
यातायात पुलिस के मुताबिक महानगर में ई-रिक्शा और टेंपुओं की संख्या करीब छह हजार है। परिवहन निगम की ओर इन का पंजीकरण किया जाता है, लेकिन व्यवस्था में बनाने में यातायात पुलिस के साथ तालमेल नहीं है। वहीं, यातायात पुलिस की कार्रवाई के बावजूद चालकों की मनमानी जारी है और सड़क पर ई-रिक्शा व टेंपू खड़ा कर देते हैं।
होती है कार्रवाई
लापरवाही बरतने वाले ई-रिक्शा और टेंपू चालकों पर जुर्माना लगाकर रोजाना कार्रवाई की जाती है। इसके साथ ही निर्धारित रूटों का पालन न करने वाले चालकों से सख्ती से निपटा जाएगा। इसको लेकर विशेष अभियान भी चलेगा। - प्रेमचंद, एसपी ट्रैफिक
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डेढ़ वर्ष पूर्व महानगर में ई-रिक्शाओं और टेंपुओं का रूट निर्धारित किया गया था। पुलिस-प्रशासन की ओर से ई-रिक्शाओं और टेंपुओं के रूट भी लिखवाए गए थे। ताकि अगर कोई टेंपु व ई-रिक्शा गलत रूट पर चल रही है तो उसके खिलाफ कार्रवाई करने में आसानी रहे। वहीं प्रशासन द्वारा बनाया गया रूट प्लान सिर्फ कागजों ही संचालित हो रहा है। ई-रिक्शा व टेंपू चालक निर्धारित रूटों पर नहीं चल रहे हैं, जिस वजह से घंटाघर, बेहट, अड्डा, अंबाला रोड, देहरादून रोड पर बिजली घर के पास, चौधरी चरण सिंह चौक पर अव्यवस्था फैल रही है। चालकों की लापरवाही की वजह से इन इलाकों में जाम की स्थिति बनती है। इसी तरह टेंपुओं व ई-रिक्शाओं की वजह रायवाला, मोरगंज बाजार, नेहरू मार्केट, शहीदगंज बाजार और लोहानी सराय में यातायात व्यवस्था प्रभावित होती है, जिस वजह से नागरिकों को जाम में फंसकर परेशान होना पड़ रहा है।
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होना चाहिए स्थायी समाधान
हकीकतनगर निवासी विरेंद्र बहल और नेहरू नगर निवासी कृष्ण कुमार गोयल का कहना है कि जाम की समस्या से महानगर कई वर्षों से जूझ रहा है। बाईपास बनने के बाद उम्मीद थी कि शहर की यातायात व्यवस्था में सुधार होगा, लेकिन टेंपुओं और ई-रिक्शा चालकों द्वारा अव्यवस्था फैलाई जाती है, जिस कारण लोगों को परेशान होना पड़ता है। गुरुद्वारा रोड निवासी विशाल और मोहित विहार निवासी अनुज कुमार का कहना है शहर की सबसे बड़ी परेशानी जाम लगना है। इस वजह से आधे घंटे के सफर में एक से डेढ़ घंटा लग जाता है। टेंपुओं और ई-रिक्शाओं की संख्या निर्धारित कर प्रत्येक रूट पर संचालन होना चाहिए।
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छह हजार हैं टेंपू व ई-रिक्शा, करते हैं मनमानी
यातायात पुलिस के मुताबिक महानगर में ई-रिक्शा और टेंपुओं की संख्या करीब छह हजार है। परिवहन निगम की ओर इन का पंजीकरण किया जाता है, लेकिन व्यवस्था में बनाने में यातायात पुलिस के साथ तालमेल नहीं है। वहीं, यातायात पुलिस की कार्रवाई के बावजूद चालकों की मनमानी जारी है और सड़क पर ई-रिक्शा व टेंपू खड़ा कर देते हैं।
होती है कार्रवाई
लापरवाही बरतने वाले ई-रिक्शा और टेंपू चालकों पर जुर्माना लगाकर रोजाना कार्रवाई की जाती है। इसके साथ ही निर्धारित रूटों का पालन न करने वाले चालकों से सख्ती से निपटा जाएगा। इसको लेकर विशेष अभियान भी चलेगा। - प्रेमचंद, एसपी ट्रैफिक