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सरसावा नगर पालिका का होगा सीमा विस्तार
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कार्यालय नगर पालिका परिषद सरसावा
- फोटो : SAHARANPUR
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सरसावा। जिले में रामपुर मनिहारान के बाद अब सरसावा नगर पालिका परिषद का सीमा विस्तार किया जाएगा। इसके प्रस्ताव को शासन ने स्वीकृति दे दी है। इस बारे में अधिसूचना जारी कर 15 दिन के अंदर सुझाव और आपत्तियां मांगी गई हैं।
सरसावा नगर पालिका परिषद के सीमा विस्तार का प्रस्ताव करीब एक वर्ष पूर्व शासन को भेजा गया था। इससे पूर्व भी प्रस्ताव गया था। लेकिन भौगोलिक और तकनीकी कारणों से मंजूरी नहीं मिल पाई थी। अब नगर विकास विभाग के उपसचिव गुलाब की ओर से इस संबंध में आदेश जारी किए गए हैं। इससे पालिका का सीमा विस्तार अब तय हो गया है।
सरसावा को वर्ष 1925 में नगरीय श्रेणी में शामिल किया गया था। इसके करीब 60 वर्ष बाद 20 फरवरी 1987 को सरसावा को नगर पालिका का दर्जा प्राप्त हुआ। वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार सरसावा नगर पालिका क्षेत्र की आबादी 18,956 है। माना जा रहा है कि सीमा वृद्धि के बाद यह आबादी बढ़कर 35 हजार तक हो जाएगी। सीमा विस्तार के बाद इसका क्षेत्रफल 4.5 वर्ग किलोमीटर से बढ़कर 6.5 वर्ग किलोमीटर तक हो सकता है। हालांकि वार्ड संख्या 25 ही रह सकती है। इनमें आबादी बढ़ जाएगी।
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- सरसावा नगर पालिका एक नजर में...
- 1925 में नगरीय श्रेणी में शामिल हुआ
- 20 फरवरी, 1987 को मिला नगर पालिका का दर्जा
- 25 वार्ड हैं नगर पालिका में
- 18,956 है पालिका की आबादी, वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार
- 35 हजार आबादी हो जाएगी सीमा विस्तार के बाद
- 3300 से अधिक आवास ऐसे हैं, जिनसे कर वसूली की जाती है
- 2200 पेयजल कनेक्शन हैं इस समय पालिका में
- 22 कालोनियां पालिका के अंदर और 28 कालोनियां बाहरी क्षेत्र में हैं
- 60 प्रतिशत हिंदू आबादी, 37 प्रतिशत मुस्लिम और बाकी अन्य
- 4.25 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल है पालिका का
- 6.5 वर्ग किलोमीटर हो सकता है सीमा विस्तार के बाद
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इसलिए महत्वपूर्ण है सरसावा
- सरसावा क्षेत्र में अंबाला हाईवे पर राजकीय मेडिकल कालेज
- सरसावा क्षेत्र के बुढेड़ा के पास हवाई अड्डे की चल रही तैयारी
- रुड़की पंचकुला बाईपास भी सरसावा से होकर गुजरता है
- सरसावा क्षेत्र में एयरफोर्स स्टेेशन सहित अन्य रक्षा संस्थान हैं
- सहकारी चीनी मिल भी इस क्षेत्र में हैं
- पिलखनी औद्योगिक क्षेत्र यहां स्थित है
- पड़ोसी राज्य हरियाणा की सीमा यहीं से शुरू होती है
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ये क्षेत्र होंगे पालिका की सीमा में शामिल
- नगर पालिका की सीमा में क्षेत्र के ग्राम सलेमपुर माजरी कलां तथा सैदपुरा गांव के अलावा चिलकाना और नकुड़ रोड के भूखंडों को शामिल किया जाएगा। ग्राम पंचायतों की सीमा तक का क्षेत्र होने के कारण ग्राम पंचायत चुनाव या वहां की सियासत पर इसका ज्यादा असर नहीं पड़ेगा।
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बाहरी कालोनियां पालिका के दायरे में आएंगी
- सरसावा नगर पालिका क्षेत्र के चारों दिशाओं में नव विकसित कॉलोनियों को बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है। ये कालोनियां विकास कार्यों से अछूती हैं। कई कॉलोनी ऐसी थीं जिसमें नगर पालिका की ओर से विकास कार्य तो कराए गए। लेकिन यहां से पालिका को कोई राजस्व नहीं मिल रहा था।
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शहर में होगा विकास, गांव नहीं होंगे प्रभावित : मोगा
- सरसावा नगर पालिकाध्यक्ष बिजेंद्र मोगा ने बताया कि भौगोलिक रूप से नगरपालिका जिन स्थानों पर विकास कार्य करा रही है, उन्हीं को ही सीमा वृद्धि क्षेत्र में माना गया है। इससे किसी भी प्रकार के विवाद की संभावना कम रहेगी। ग्राम सलेमपुर माजरी कलां तथा सैदपुरा गांव की सीमाओं से मिलता हुआ है। जिससे इन गांवों की आबादी, मतदान और ग्राम प्रधानों की राजनीतिप्रभावित नहीं होगी। साथ ही नगर पालिका क्षेत्र में आने वाले सभी मोहल्लों कालोनियों को भी समान रूप से विकास की धारा से जोड़ा जा सकेगा। जिससे निवासियों का जीवन स्तर ऊंचा उठ सके।
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आपत्ति दर्ज कराएंगे : सैनी
-- ग्राम बलवंतपुर के प्रधान प्रतिनिधि प्रदीप सैनी ने कहा कि सरसावा पालिका की ओर से ग्राम सभा को वैधानिक रूप से सूचित नहीं किया गया है। इसलिए वे सीमा वृद्धि प्रस्ताव के विरुद्ध आपत्ति दाखिल करेंगे।
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कालोनियों का तेजी से होगा विकास : सुनीता
- सीमा वृद्धि वाले क्षेत्र से सभासद चुनी गई सुनीता पंवार ने बताया कि वह सीमा वृद्धि का समर्थन करती है। इससे नव विकसित बाहरी कालोनियों में समुचित विकास होगा तथा वार्ड के निवासियों तक नगरपालिका के विकास कार्यों की पहुंच होगी।
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पहले से बेहतर हो सकेंगे काम : महावीर
- क्षेत्र निवासी महावीर सिंह ने कहा कि परिषद के 25 वार्डों में से 8 वार्ड ऐसे हैं जो नगर पालिका सीमा वृद्धि क्षेत्र में आते हैं, जहां नगर पालिका परिषद पहले से ही विकास कार्य करा रही है लेकिन सीमा वृद्धि के पश्चात ही ये वार्ड वैधानिक रूप ले लेंगे।
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सभासदों की होनी चाहिए थी बैठक : अनुज
- सभासद अनुज कांबोज ने सीमा वृद्धि के प्रस्ताव का समर्थन किया है हालांकि उन्होंने कहा है कि पालिका अध्यक्ष को इस विषय में बोर्ड की बैठक में सभी सभासदों को संपूर्ण जानकारी देनी चाहिए थी जिससे सभासद भी अपने सुझाव नगरपालिका हित में दे सकते थे।
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सरसावा नगर पालिका परिषद के सीमा विस्तार का प्रस्ताव करीब एक वर्ष पूर्व शासन को भेजा गया था। इससे पूर्व भी प्रस्ताव गया था। लेकिन भौगोलिक और तकनीकी कारणों से मंजूरी नहीं मिल पाई थी। अब नगर विकास विभाग के उपसचिव गुलाब की ओर से इस संबंध में आदेश जारी किए गए हैं। इससे पालिका का सीमा विस्तार अब तय हो गया है।
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सरसावा को वर्ष 1925 में नगरीय श्रेणी में शामिल किया गया था। इसके करीब 60 वर्ष बाद 20 फरवरी 1987 को सरसावा को नगर पालिका का दर्जा प्राप्त हुआ। वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार सरसावा नगर पालिका क्षेत्र की आबादी 18,956 है। माना जा रहा है कि सीमा वृद्धि के बाद यह आबादी बढ़कर 35 हजार तक हो जाएगी। सीमा विस्तार के बाद इसका क्षेत्रफल 4.5 वर्ग किलोमीटर से बढ़कर 6.5 वर्ग किलोमीटर तक हो सकता है। हालांकि वार्ड संख्या 25 ही रह सकती है। इनमें आबादी बढ़ जाएगी।
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- सरसावा नगर पालिका एक नजर में...
- 1925 में नगरीय श्रेणी में शामिल हुआ
- 20 फरवरी, 1987 को मिला नगर पालिका का दर्जा
- 25 वार्ड हैं नगर पालिका में
- 18,956 है पालिका की आबादी, वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार
- 35 हजार आबादी हो जाएगी सीमा विस्तार के बाद
- 3300 से अधिक आवास ऐसे हैं, जिनसे कर वसूली की जाती है
- 2200 पेयजल कनेक्शन हैं इस समय पालिका में
- 22 कालोनियां पालिका के अंदर और 28 कालोनियां बाहरी क्षेत्र में हैं
- 60 प्रतिशत हिंदू आबादी, 37 प्रतिशत मुस्लिम और बाकी अन्य
- 4.25 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल है पालिका का
- 6.5 वर्ग किलोमीटर हो सकता है सीमा विस्तार के बाद
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इसलिए महत्वपूर्ण है सरसावा
- सरसावा क्षेत्र में अंबाला हाईवे पर राजकीय मेडिकल कालेज
- सरसावा क्षेत्र के बुढेड़ा के पास हवाई अड्डे की चल रही तैयारी
- रुड़की पंचकुला बाईपास भी सरसावा से होकर गुजरता है
- सरसावा क्षेत्र में एयरफोर्स स्टेेशन सहित अन्य रक्षा संस्थान हैं
- सहकारी चीनी मिल भी इस क्षेत्र में हैं
- पिलखनी औद्योगिक क्षेत्र यहां स्थित है
- पड़ोसी राज्य हरियाणा की सीमा यहीं से शुरू होती है
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ये क्षेत्र होंगे पालिका की सीमा में शामिल
- नगर पालिका की सीमा में क्षेत्र के ग्राम सलेमपुर माजरी कलां तथा सैदपुरा गांव के अलावा चिलकाना और नकुड़ रोड के भूखंडों को शामिल किया जाएगा। ग्राम पंचायतों की सीमा तक का क्षेत्र होने के कारण ग्राम पंचायत चुनाव या वहां की सियासत पर इसका ज्यादा असर नहीं पड़ेगा।
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बाहरी कालोनियां पालिका के दायरे में आएंगी
- सरसावा नगर पालिका क्षेत्र के चारों दिशाओं में नव विकसित कॉलोनियों को बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है। ये कालोनियां विकास कार्यों से अछूती हैं। कई कॉलोनी ऐसी थीं जिसमें नगर पालिका की ओर से विकास कार्य तो कराए गए। लेकिन यहां से पालिका को कोई राजस्व नहीं मिल रहा था।
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शहर में होगा विकास, गांव नहीं होंगे प्रभावित : मोगा
- सरसावा नगर पालिकाध्यक्ष बिजेंद्र मोगा ने बताया कि भौगोलिक रूप से नगरपालिका जिन स्थानों पर विकास कार्य करा रही है, उन्हीं को ही सीमा वृद्धि क्षेत्र में माना गया है। इससे किसी भी प्रकार के विवाद की संभावना कम रहेगी। ग्राम सलेमपुर माजरी कलां तथा सैदपुरा गांव की सीमाओं से मिलता हुआ है। जिससे इन गांवों की आबादी, मतदान और ग्राम प्रधानों की राजनीतिप्रभावित नहीं होगी। साथ ही नगर पालिका क्षेत्र में आने वाले सभी मोहल्लों कालोनियों को भी समान रूप से विकास की धारा से जोड़ा जा सकेगा। जिससे निवासियों का जीवन स्तर ऊंचा उठ सके।
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आपत्ति दर्ज कराएंगे : सैनी
-- ग्राम बलवंतपुर के प्रधान प्रतिनिधि प्रदीप सैनी ने कहा कि सरसावा पालिका की ओर से ग्राम सभा को वैधानिक रूप से सूचित नहीं किया गया है। इसलिए वे सीमा वृद्धि प्रस्ताव के विरुद्ध आपत्ति दाखिल करेंगे।
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कालोनियों का तेजी से होगा विकास : सुनीता
- सीमा वृद्धि वाले क्षेत्र से सभासद चुनी गई सुनीता पंवार ने बताया कि वह सीमा वृद्धि का समर्थन करती है। इससे नव विकसित बाहरी कालोनियों में समुचित विकास होगा तथा वार्ड के निवासियों तक नगरपालिका के विकास कार्यों की पहुंच होगी।
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पहले से बेहतर हो सकेंगे काम : महावीर
- क्षेत्र निवासी महावीर सिंह ने कहा कि परिषद के 25 वार्डों में से 8 वार्ड ऐसे हैं जो नगर पालिका सीमा वृद्धि क्षेत्र में आते हैं, जहां नगर पालिका परिषद पहले से ही विकास कार्य करा रही है लेकिन सीमा वृद्धि के पश्चात ही ये वार्ड वैधानिक रूप ले लेंगे।
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सभासदों की होनी चाहिए थी बैठक : अनुज
- सभासद अनुज कांबोज ने सीमा वृद्धि के प्रस्ताव का समर्थन किया है हालांकि उन्होंने कहा है कि पालिका अध्यक्ष को इस विषय में बोर्ड की बैठक में सभी सभासदों को संपूर्ण जानकारी देनी चाहिए थी जिससे सभासद भी अपने सुझाव नगरपालिका हित में दे सकते थे।
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