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Saharanpur: यू-ट्यूब देख बनाना सीखा ऑक्सीटॉसिन इंजेक्शन, चलती कार में चला रखी थी अवैध फैक्टरी, 3 भाई गिरफ्तार
Wed, 23 Apr 2025 08:34 PM IST
मोहम्मद मुस्तकीम
अमर उजाला नेटवर्क, सहारनपुर
अमर उजाला नेटवर्क, सहारनपुर
Published by: मोहम्मद मुस्तकीम
Updated Wed, 23 Apr 2025 08:34 PM IST
सार
पुलिस ने दो कारों समेत तीन भाइयों को आलमपुर तिराहे से पकड़ा। 575 तैयार ऑक्सीटॉसिन इंजेक्शन, साढ़े आठ लाख रुपये बरामद किए। दो आरोपी फरार हो गए।
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पकड़े गए तीनों आरोपी।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
पुलिस ने प्रतिबंधित ऑक्सीटॉसिन इंजेक्शन निर्माण और तस्करी के अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। तीन सगे भाइयों को गिरफ्तार किया है, जबकि दो भाग गए। इनके पास से दो कार, भारी मात्रा में इंजेक्शन, ऑक्सीटॉसिन, नकदी, केमिकल व उपकरण बरामद हुए। आरोपियों ने ऑक्सीटॉसिन इंजेक्शन बनाने की तकनीक यू-ट्यूब और फेसबुक के माध्यम से सीखी थी।
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बरामद किया गया सामान।
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस के अनुसार, ब्रेजा और ऑल्टो कार में सवार गांव कुंडाकला निवासी तीन सगे भाइयों नूरहसन, भूरा और सोनू को पुलिस ने लखनोती रोड स्थित आलमपुर तिराहे से गिरफ्तार किया है। कारों की तलाशी लेने पर उनमें 575 तैयार प्रतिबंधित ऑक्सीटॉसिन इंजेक्शन, 30 लीटर तैयार ऑक्सीटॉसिन, साढ़े आठ लाख रुपये, 6 पैकिंग मशीनें, रसायनिक उपकरण और केमिकल बरामद हुए। औषधि निरीक्षक आशुतोष चौबे ने जांच कर इसकी पुष्टि की।
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जांच के लिए नमूने लेकर सील किया। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वह काफी समय से यह धंधा कर रहे हैं। आरोपी इस काम के लिए जरूरी कच्चा माल दिल्ली से मंगवाते थे। इंजेक्शन उत्तर प्रदेश के अलावा दिल्ली, हरियाणा, उत्तराखंड, पंजाब आदि राज्यों के अनेक जनपदों में सप्लाई किया करते थे। आरोपी नूरहसन के खिलाफ पूर्व में थाना जनकपुरी में धोखाधड़ी का मामला दर्ज है। गिरोह के दो सदस्य भूरा और उस्मान सगे भाई हैं।
कारों में तैयार करते थे इंजेक्शन
गिरोह के सदस्य पुलिस से बचने के लिए एक जगह बैठकर काम नहीं करते थे। वह लगातार स्थान बदलते थे। कारों को चलती-फिरती मोबाइल फैक्टरी के रूप में उपयोग कर रहे थे। इन्हीं कारों के अंदर रसायनिक प्रक्रिया के माध्यम से इंजेक्शन तैयार किए जाते थे। बाद में उन्हें पैक कर तस्करी के लिए भेजा जाता था।
गिरोह के सदस्य पुलिस से बचने के लिए एक जगह बैठकर काम नहीं करते थे। वह लगातार स्थान बदलते थे। कारों को चलती-फिरती मोबाइल फैक्टरी के रूप में उपयोग कर रहे थे। इन्हीं कारों के अंदर रसायनिक प्रक्रिया के माध्यम से इंजेक्शन तैयार किए जाते थे। बाद में उन्हें पैक कर तस्करी के लिए भेजा जाता था।
पढ़े-लिखे है आरोपी, पुलिस भर्ती परीक्षा की तैयारी कर रहा था मुख्य आरोपी
पकड़े गए तीनों आरोपी पढ़े-लिखे हैं। खुद को पशु व्यापारी बताते थे। पूछताछ में मुख्य आरोपी भूरा ने बताया कि वह पुलिस भर्ती परीक्षा की तैयारी कर रहा था। अन्य आरोपी भी शिक्षित हैं। गिरोह ने पशु व्यापार को अपने जहरीले कारोबार की ढाल बना रखा था। फरार आरोपी भूरा और उस्मान सगे भाई हैं। इस गिरोह के मार्केटिंग और डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क को संभालते थे। प्रदेशों में ऑक्सीटॉसिन इंजेक्शन की आपूर्ति व ग्राहक नेटवर्क से जुड़े लेनदेन की जिम्मेदारी निभाते थे
पकड़े गए तीनों आरोपी पढ़े-लिखे हैं। खुद को पशु व्यापारी बताते थे। पूछताछ में मुख्य आरोपी भूरा ने बताया कि वह पुलिस भर्ती परीक्षा की तैयारी कर रहा था। अन्य आरोपी भी शिक्षित हैं। गिरोह ने पशु व्यापार को अपने जहरीले कारोबार की ढाल बना रखा था। फरार आरोपी भूरा और उस्मान सगे भाई हैं। इस गिरोह के मार्केटिंग और डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क को संभालते थे। प्रदेशों में ऑक्सीटॉसिन इंजेक्शन की आपूर्ति व ग्राहक नेटवर्क से जुड़े लेनदेन की जिम्मेदारी निभाते थे
क्या है ऑक्सीटॉसिन
ऑक्सीटॉसिन एक हार्मोनल इंजेक्शन होता है, जिसका उपयोग पशुओं में दूध की निकासी बढ़ाने के लिए किया जाता है। यह इंजेक्शन पूरी तरह प्रतिबंधित है क्योंकि इसका अत्याधिक और अनियंत्रित उपयोग पशुओं के स्वास्थ्य को गंभीर नुकसान पहुंचाता है। इंसानों में पहुंचने वाले दूध के ज़रिए यह हार्मोन बच्चों और महिलाओं के स्वास्थ्य पर घातक असर डालता है।
ऑक्सीटॉसिन एक हार्मोनल इंजेक्शन होता है, जिसका उपयोग पशुओं में दूध की निकासी बढ़ाने के लिए किया जाता है। यह इंजेक्शन पूरी तरह प्रतिबंधित है क्योंकि इसका अत्याधिक और अनियंत्रित उपयोग पशुओं के स्वास्थ्य को गंभीर नुकसान पहुंचाता है। इंसानों में पहुंचने वाले दूध के ज़रिए यह हार्मोन बच्चों और महिलाओं के स्वास्थ्य पर घातक असर डालता है।