UP: हाजी इकबाल को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत, पांच मुकदमों की एफआईआर निरस्त, इन गंभीर धाराओं में दर्ज थे केस
Saharanpur News : हाजी इकबाल व उसके भाई, दामाद और बेटों को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने पांच मुकदमों की एफआईआर निरस्त कर दी है।
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उच्चतम न्यायालय ने पूर्व एमएलसी खनन माफिया हाजी इकबाल को बड़ी राहत दी है। उच्चतम न्यायालय ने हाजी इकबाल, उसके भाई महमूद अली, बेटों और दामाद के खिलाफ मिर्जापुर थाने और महिला थाने में दर्ज सात मामलों में निर्णय देते हुए पांच मामलों में एफआईआर रद्द करने के आदेश दिए हैं। महिला थाने में दर्ज सामूहिक दुष्कर्म के मामले में निचली कोर्ट में जाकर अपील करने को कहा है।
पूर्व एमएलसी खनन माफिया हाजी इकबाल उर्फ बाल्ला के खिलाफ 40 से अधिक मुकदमे संगीन मामले में दर्ज हैं। वह कई मामलों में वांछित है और उस पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित है। ईडी को भी उसकी तलाश है। पुलिस उसकी करीब दो हजार करोड़ की संपत्ति भी जब्त कर चुकी है।
पुलिस ने हाजी इकबाल, उसके भाई पूर्व एमएलसी महमूद अली और चार बेटों जावेद, अफजाल, अलीशान, वाजिद आदि के खिलाफ गत वर्ष कई मामले मिर्जापुर थाने में दर्ज कराए थे। जिनमें हाजी इकबाल आदि के खिलाफ मिर्ज़ापुर थाने में 25 अगस्त 2022 को दुष्कर्म, 10 जनवरी 2023 को डकैती, जबरन वसूली और अपहरण और महिला थाने में 21 जून 2022 को दुष्कर्म की धाराओं में मुक़दमे दर्ज़ किए गए थे। उसके भाई महमूद अली के खिलाफ मिर्ज़ापुर थाने में 22 जुलाई 2018 को गैंगस्टर और 04 जून 2022 को धोखाधड़ी, दामाद सालिब के खिलाफ 11 अगस्त 2022 को बलात्कार, बेटे वाजिद आदि के खिलाफ 19 सितंबर 2022 को डकैती की धाराओं में मुक़दमे दर्ज़ किए गए थे। हाजी इकबाल के अलावा उसका भाई और बेटे जेल में बंद हैं।
इन मुक़दमों में जिला न्यायालयों में राहत न मिलने पर हाजी इकबाल, उसके भाई, बेटों और दामाद की ओर से उच्च न्यायालय इलाहाबाद में अपील दायर की थी, परंतु वहां से भी राहत न मिलने पर उच्चतम न्यायालय में याचिका दायर की गई।
जिस पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति बीआर गवई और न्यायमूर्ति जेबी पारदीवाला ने हाजी इकबाल, उसके भाई, बेटों और दामाद के खिलाफ मिर्ज़ापुर थाने में दर्ज़ पांच मामलों में एफआईआर रद्द करने के आदेश दिए हैं, जबकि महिला थाने में दर्ज़ मुक़दमे में निचली अदालत में प्रार्थना पत्र देने के लिए कहा हैं। खंडपीठ ने अपने आदेश में कहा कि महमूद अली के खिलाफ मिर्ज़ापुर थाने में 22 जुलाई 2018 को दर्ज़ गैंगस्टर मामले में जांच अधिकारी द्वारा दाखिल की गई अंतिम रिपोर्ट को अपर सत्र न्यायाधीश ने 23 दिसंबर 2022 को दिए गए आदेश में स्वीकार किया हैं, इसलिए इसमें अधिक कुछ करने की आवश्यकता नहीं हैं।
उच्चतम न्यायालय के आदेश का पालन किया जाएगा। दिए गए निर्णय का अवलोकन किया जा रहा है। इसके बाद जो भी विधिक कार्रवाई होगी, वो कराई जाएगी। 2018 में दर्ज गैंगस्टर के मामले में पुलिस पहले ही एफआर लगा चुकी है। महिला थाने में दर्ज गैंगरेप के मामले में कोर्ट में ट्रायल चल रहा है, जिसमें महिला थाना इंस्पेक्टर की बुधवार को ही गवाही हुई है। - डॉ. विपिन ताडा, एसएसपी